UAE के पाकिस्तानियों के लिए बड़ा ऐलान, अब देश जाए बिना घर बैठे मिलेगा पंजाब का जमीन रिकॉर्ड.

Aanya10 September 20262 min read31 viewsUAE
UAE के पाकिस्तानियों के लिए बड़ा ऐलान, अब देश जाए बिना घर बैठे मिलेगा पंजाब का जमीन रिकॉर्ड.

यूएई में रहने वाले पाकिस्तानी प्रवासियों के लिए एक बहुत बड़ी राहत भरी खबर सामने आई है। अब उन्हें अपनी पुश्तैनी जमीन या प्रॉपर्टी के कागजात निकलवाने के लिए वापस पाकिस्तान जाने की जरूरत नहीं पड़ेगी। 8 सितंबर 2026 से अबू धाबी स्थित पाकिस्तानी दूतावास और दुबई में वाणिज्य दूतावास ने आधिकारिक रूप से पंजाब लैंड रिकॉर्ड सर्विसेज की शुरुआत कर दी है। इस नई सुविधा के शुरू होने से अब यूएई में बैठे-बैठे ही पंजाब प्रांत की जमीन के दस्तावेज और फard यानी जमीन का मालिकाना हक आसानी से मिल सकेगा।

यूएई में रहने वाले 15 लाख से ज्यादा लोगों को मिलेगा फायदा

संयुक्त अरब अमीरात में इस समय 1.5 मिलियन यानी 15 लाख से अधिक पाकिस्तानी प्रवासी रहते हैं। ये सभी लोग मिलकर अपने देश में हर साल 5 अरब डॉलर से ज्यादा की कमाई यानी रेमिटेंस भेजते हैं। इस बड़ी आबादी को ध्यान में रखते हुए ही सरकार ने यह कदम उठाया है। पहले लोगों को अपनी कृषि भूमि, मकान या प्लॉट के कागजात हासिल करने के लिए भारी-भरकम खर्चा करके पाकिस्तान जाना पड़ता था या फिर एजेंटों और रिश्तेदारों के चक्कर काटने पड़ते थे। इसमें समय और पैसा दोनों बर्बाद होता था और धोखाधड़ी का खतरा भी हमेशा बना रहता था। अब इस नई डिजिटल व्यवस्था से इन सभी परेशानियों से छुटकारा मिल जाएगा।

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कैसे और कहां मिलेगा इस सेवा का लाभ

अगर आप यूएई में रहते हैं और पंजाब में आपकी कोई जमीन है, तो आप इस सुविधा का लाभ बहुत आसानी से उठा सकते हैं। इसके लिए आपको अबू धाबी स्थित दूतावास या दुबई स्थित वाणिज्य दूतावास के 24/7 हेल्पलाइन नंबर पर संपर्क करना होगा। इसके अलावा, आप कामकाजी घंटों के दौरान सीधे इन मिशन कार्यालयों में भी जा सकते हैं। दस्तावेज हासिल करने के लिए आपको अपना मूल CNIC या पासपोर्ट, प्रॉपर्टी की पूरी जानकारी और एक औपचारिक आवेदन पत्र साथ रखना होगा। दूतावास के अधिकारियों ने बताया कि इस प्रक्रिया को पूरी तरह से पारदर्शी और आसान बनाया गया है ताकि किसी को भी परेशानी का सामना न करना पड़े।

डिजिटल सेवाओं का विस्तार और सरकारी रणनीति

पाकिस्तान सरकार की यह योजना विदेशों में रहने वाले अपने नागरिकों के लिए सार्वजनिक सेवाओं को डिजिटल बनाने की एक बड़ी रणनीति का हिस्सा है। इससे पहले अगस्त 2025 में यूनाइटेड किंगडम यानी यूके में रहने वाले पाकिस्तानी नागरिकों के लिए भी इसी तरह की डिजिटल भूमि और पासपोर्ट सेवाएं शुरू की गई थीं। सरकार का मुख्य उद्देश्य आवश्यक सुविधाओं को प्रवासी समुदाय के और करीब लाना है ताकि उन्हें अंतरराष्ट्रीय यात्रा का भारी बोझ न उठाना पड़े। अबू धाबी में पाकिस्तानी दूतावास और दुबई के वाणिज्य दूतावास ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर अपने आधिकारिक अकाउंट @PakinUAE_ के जरिए तस्वीरें भी साझा की हैं, जिनमें अधिकारी मिशन कार्यालयों में आवेदकों को दस्तावेज सौंपते हुए नजर आ रहे हैं।

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