West Bank में बड़ा बवाल, कसरा गांव में पांच फिलिस्तीनी महिलाओं को इजरायली सेटलर्स ने 21 दिनों तक बनाया बंधक.

कब्जे वाले वेस्ट बैंक के Qusra गांव से एक बेहद गंभीर और दिल दहला देने वाली खबर सामने आई है। यहाँ पाँच फिलिस्तीनी महिलाओं ने आरोप लगाया है कि उन्हें इजरायली सेटलर्स ने पूरे 21 दिनों तक बंधक बनाकर रखा। इस घटना के सामने आने के बाद स्थानीय प्रशासन और अंतरराष्ट्रीय संगठनों से मानवीय सुरक्षा और मेडिकल मदद की तुरंत गुहार लगाई गई है। यह पूरा मामला तब और ज्यादा भड़क गया जब 29 अगस्त 2026 को दर्जनों इजरायली सेटलर जबरन एक फिलिस्तीनी घर के अंदर घुस गए और उस पर कब्जा कर लिया, जबकि उस समय घर के अंदर लोग मौजूद थे। इलाके में पहले से ही हिंसा का दौर चल रहा था और इस घटना ने हालात को और ज्यादा तनावपूर्ण बना दिया है।
हिंसा में कई लोग घायल और घरों पर हमले
उस दिन हुई हिंसा के दौरान कम से कम एक फिलिस्तीनी महिला गंभीर रूप से घायल हो गई थी, जिसे स्थानीय अस्पताल ले जाने के लिए फिलिस्तीनी रेड क्रिसेंट की मदद लेनी पड़ी। रिपोर्ट्स के मुताबिक, उस दिन सेटलर्स के हमलों में वेस्ट बैंक भर में कम से कम 5 फिलिस्तीनी घायल हुए। इसके अलावा कई अन्य लोग आंसू गैस के गोले छोड़े जाने और पत्थरों के लगने से बुरी तरह जख्मी हो गए। घर के मालिक Luay Bayruti ने आरोप लगाया कि इजरायली सेना ने घर के अंदर मौजूद लोगों के हाथ बांध दिए, उनकी आंखों पर पट्टी बांध दी और उनके साथ मारपीट की। वहीं, चश्मदीद Saddam Oday ने बताया कि सेना के जवानों ने घर के अंदर आंसू गैस के गोले दागे और फिलिस्तीनी नागरिकों को हिरासत में लिया, जबकि सेना का दावा था कि वे केवल उपद्रवियों को वहां से हटाने गए थे।
सेना और सरकार का पक्ष
इस पूरे मामले पर बात करते हुए Israel Defense Forces (IDF) ने पुष्टि की कि उनके सैनिकों और बॉर्डर पुलिस को कुसरा गांव में भेजा गया था। आईडीएफ ने माना कि मौके पर दर्जनों इजरायली उपद्रवी मौजूद थे जो एक फिलिस्तीनी घर के अंदर छिपे हुए थे। सेना का कहना था कि उनके जवानों ने उपद्रवियों को वहां से हटाया और घर के अंदर फंसे लोगों को सुरक्षित बाहर निकाला। इस बीच, इजरायली पुलिस ने इस हिंसक घटना की जांच शुरू कर दी है। पुलिस अधिकारी हमलावरों की तलाश कर रहे हैं और उन गाड़ियों को भी जब्त कर रहे हैं जिनका इस्तेमाल इस घटना में हुआ था। इजरायल के प्रधानमंत्री Benjamin Netanyahu ने कुसरा में हुई इस हिंसा की कड़ी निंदा की और हमलावरों को उपद्रवी करार दिया है।
अंतरराष्ट्रीय संस्थाओं की चिंता और यूएन की रिपोर्ट
इस इलाके में अंतरराष्ट्रीय मानवीय संस्थाओं की आवाजाही लगातार मुश्किल बनी हुई है। इससे पहले 17 अगस्त 2026 को संयुक्त राष्ट्र के मानवीय कार्यकर्ताओं और UNICEF ने किसी तरह फंसे हुए परिवारों तक पहुंचकर जरूरी सामान पहुंचाया था। ये सारी घटनाएं जून 2026 में आई एक यूएन जांच रिपोर्ट के बाद हो रही हैं, जिसमें यह आरोप लगाया गया था कि इजरायली अधिकारी सीधे तौर पर सेटलर्स की हिंसा में शामिल रहे हैं, जिसकी वजह से कई फिलिस्तीनियों की मौत हुई, लोग घायल हुए और उन्हें अपना घर छोड़कर भागना पड़ा। हालांकि जिनेवा स्थित इजरायली मिशन ने संयुक्त राष्ट्र के इन सभी निष्कर्षों को सिरे से खारिज कर दिया है। इसके बावजूद दुनिया भर के अधिकांश अंतरराष्ट्रीय संगठन वेस्ट बैंक में बनी इजरायली बस्तियों को अंतरराष्ट्रीय कानून के हिसाब से अवैध मानते हैं।