ईरान पर हमले की तैयारी में पेंटागन, अमेरिकी सेना को अलर्ट पर रखा
पेंटागन ने ईरान के खिलाफ संभावित सैन्य कार्रवाई के लिए तैयारी पूरी करने के निर्देश दिए हैं। जानें क्या है पूरा मामला।

मध्य पूर्व में बढ़ते तनाव के बीच अमेरिका ने अपनी सैन्य तैयारियों को तेज कर दिया है। रिपोर्ट्स के मुताबिक, पेंटागन ने यूनाइटेड स्टेट्स सेंट्रल कमांड (CENTCOM) को ईरान के खिलाफ संभावित बड़े सैन्य अभियानों के लिए पूरी तैयारी रखने का निर्देश दिया है। यह कदम ऐसे समय में उठाया गया है जब क्षेत्र में अस्थिरता बढ़ रही है और अमेरिका अपनी रणनीतिक स्थिति मजबूत करना चाहता है।
हालांकि, राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने अभी तक युद्ध शुरू करने का अंतिम फैसला नहीं लिया है, लेकिन सेना को 'रेडी मोड' में रहने को कहा गया है। सूत्रों का कहना है कि इन संभावित हमलों का समय अमेरिकी मध्यावधि चुनावों और इजरायल के आगामी चुनावों से पहले तय किया जा सकता है। माना जा रहा है कि यदि हमला होता है, तो इसका मुख्य निशाना ईरान के परमाणु स्थल, महत्वपूर्ण बुनियादी ढांचे और ऊर्जा केंद्र हो सकते हैं।
इजरायल के साथ मिलकर रणनीति बना रहा अमेरिका
इस पूरे घटनाक्रम में इजरायल की भूमिका काफी अहम नजर आ रही है। राष्ट्रपति ट्रम्प और इजरायली प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू के बीच बातचीत तेज हो गई है, जिससे यह संकेत मिलता है कि अमेरिका और इजरायल इस ऑपरेशन में कंधे से कंधा मिलाकर चल सकते हैं। इसी बीच, स्ट्रेट ऑफ होर्मुज में तनाव और बढ़ गया है, जहां ईरान द्वारा शिपिंग जहाजों और तेल टैंकरों पर हमलों में बढ़ोतरी की खबरें हैं।
इस गंभीर स्थिति पर चर्चा करने के लिए अमेरिकी राष्ट्रीय सुरक्षा टीम ने कैंप डेविड में एक लंबी बैठक भी की है। व्हाइट हाउस के एक अधिकारी ने स्पष्ट किया है कि राष्ट्रपति ट्रम्प के पास सभी रणनीतिक विकल्प खुले हैं।
इस सैन्य हलचल का असर वैश्विक बाजारों पर भी दिखना शुरू हो गया है। कच्चे तेल की कीमतों में जोखिम बढ़ गया है और खाड़ी क्षेत्र में शिपिंग और बीमा लागत में इजाफा हुआ है। निवेशकों ने अब सोने और अमेरिकी डॉलर जैसे सुरक्षित निवेशों की ओर रुख करना शुरू कर दिया है, जबकि शेयर बाजारों में गिरावट का रुझान देखा जा रहा है।