Pentagon का बड़ा कदम, क्लासिफाइड लीक मामले में 50 अधिकारियों का हुआ पॉलीग्राफ टेस्ट.

पेन्टगन ने गुप्त जानकारी लीक होने के मामले में एक बड़ी कार्रवाई करते हुए 50 संयुक्त स्टाफ सदस्यों का पॉलीग्राफ यानी लाई डिटेक्टर टेस्ट करवाया है। यह पूरी जाँच अगस्त 2026 के दौरान की गई थी, जिसका मुख्य मकसद संवेदनशील सैन्य जानकारियों के बाहर आने के स्रोतों का पता लगाना था। इस जाँच से जुड़ी रिपोर्ट सबसे पहले 5 सितंबर 2026 को सामने आई थी, जिससे अमेरिकी सैन्य हलकों में हड़कंप मच गया था।
गुप्त दस्तावेजों के लीक होने से बढ़ा तनाव
अमेरिकी मीडिया संस्थानों जैसे The New York Times और CBS News ने ईरान के साथ चल रहे युद्ध और महत्वपूर्ण अमेरिकी गोला-बारूद के स्टॉक में कमी को लेकर कई खबरें छापी थीं। इन खबरों में मुख्य रूप से लंबी दूरी की मिसाइलों और पैट्रियट एयर-डिफेंस इंटरसेप्टर की कमी का जिक्र किया गया था। इस तरह की संवेदनशील और प्रतिबंधित जानकारी बाहर आने के बाद अमेरिकी रक्षा विभाग में गंभीर चिंता पैदा हो गई थी कि कहीं कोई अंदरूनी व्यक्ति ही तो विदेशी खुफिया एजेंसी के लिए काम नहीं कर रहा है।
जाँच का दायरा और अधिकारियों का बयान
हालाँकि हाई-लेवल सिक्योरिटी क्लियरेंस के लिए पॉलीग्राफ टेस्ट आम बात है, लेकिन जानकारों का मानना है कि इस बार जिस बड़े पैमाने पर और वरिष्ठ अधिकारियों पर यह टेस्ट किया गया, वह बेहद दुर्लभ है। सेवानिवृत्त रियर एडमिरल Donald J. Guter ने बताया कि इस स्तर के अधिकारियों पर इस तरह की जाँच होना बहुत कम देखा गया है। खास बात यह है कि ये सभी टेस्ट फेडरल ब्यूरो ऑफ इन्वेस्टिगेशन यानी FBI द्वारा नहीं बल्कि आंतरिक सैन्य जांचकर्ताओं द्वारा किए गए थे। जाँच के दायरे में आए सभी 50 कर्मियों में से किसी ने भी मीडिया लीक से जुड़ा टेस्ट फेल नहीं किया। इसके अलावा, संयुक्त चीफ्स ऑफ स्टाफ के अध्यक्ष जनरल Dan Caine इस पॉलीग्राफ परीक्षण में शामिल नहीं किए गए थे।
रक्षा सचिव का कड़ा निर्देश और भविष्य की योजनाएं
यह पूरी कार्रवाई रक्षा सचिव Pete Hegseth के उस निर्देश के बाद शुरू हुई, जिसमें उन्होंने जुलाई 2026 में न्याय विभाग के साथ मिलकर लीक करने वालों पर मुकदमा चलाने के लिए एक संयुक्त टास्क फोर्स के गठन की घोषणा की थी। रक्षा सचिव ने पहले ही साफ कर दिया था कि संवेदनशील डेटा की सुरक्षा के लिए पॉलीग्राफ के इस्तेमाल से पीछे नहीं हटेगा। इसके अलावा, उप रक्षा सचिव Steve Feinberg द्वारा तैयार किए गए एक ड्राफ्ट मेमो में ऑफिस ऑफ द सेक्रेटी ऑफ डिफेंस और संयुक्त स्टाफ के हजारों कर्मचारियों के लिए नॉन-डिस्क्लोजर समझौतों और रैंडम पॉलीग्राफ परीक्षणों को अनिवार्य बनाने की योजना बनाई गई है। अमेरिकी राष्ट्रपति Donald Trump ने भी इन लीक मामलों पर गहरी नाराजगी जताई है और सुरक्षा उल्लंघनों से सख्ती से निपटने के लिए कड़े कदम उठाने की मांग की है। पेन्टगन के प्रवक्ता Sean Parnell ने किसी भी विशिष्ट कर्मी पर टिप्पणी करने से इनकार किया, लेकिन यह जरूर स्पष्ट किया कि विभाग राष्ट्रीय सुरक्षा से जुड़ी हर लीक को बेहद गंभीरता से लेता है और दुनिया भर में तैनात सैनिकों की सुरक्षा सर्वोपरि है।