Persian Gulf Crisis: फारस की खाड़ी में फंसे 6000 नाविक, स्ट्रेट ऑफ हॉर्मूज में शिपिंग संकट बरकरार.

फारस की खाड़ी और स्ट्रेट ऑफ हॉर्मूज के इलाके में लगातार बने तनाव और शिपिंग संकट की वजह से लगभग 6,000 नाविक पानी के जहाजों में फंसे हुए हैं। ये सभी नाविक करीब 400 जहाजों पर सवार हैं और हालात इतने खराब हैं कि वे सुरक्षित तरीके से इस इलाके से बाहर नहीं निकल पा रहे हैं। इस गंभीर संकट की शुरुआत 28 फरवरी 2026 को हुई थी, जिसके बाद से अंतरराष्ट्रीय शिपिंग पर लगातार हमले हो रहे हैं। 29 अगस्त 2026 तक इस संघर्ष के दौरान अंतरराष्ट्रीय शिपिंग पर कम से कम 70 बार पक्के हमले हो चुके हैं और इसमें 19 नाविकों की जान भी जा चुकी है। इस पूरी स्थिति ने खाड़ी देशों में काम करने वाले लोगों और वहां सफर करने वाले यात्रियों की चिंता को बहुत ज्यादा बढ़ा दिया है।
अंतरराष्ट्रीय संगठन और निकासी के प्रयास
इस खतरनाक स्थिति को छह महीने पूरे हो चुके हैं और 28 अगस्त 2026 को इंटरनेशनल मैरीटाइम ऑर्गेनाइजेशन (IMO) के महासचिव आर्सेंियो डोमिंग्विज ने इस संकट को अनसुलझा घोषित किया है। उन्होंने दुनिया भर के देशों से मिलकर काम करने की अपील की है ताकि इस समस्या का कोई हल निकाला जा सके। इससे पहले भी 23 जून से 26 जून 2026 के बीच एक विशेष अभियान चलाया गया था जिसमें 136 जहाजों और 2900 नाविकों को सुरक्षित बाहर निकाला गया था। लेकिन हिंसा दोबारा भड़कने के बाद उस अभियान को बीच में ही रोकना पड़ गया था। इस संकट की वजह से ईंधन और खाद जैसी जरूरी चीजों की सप्लाई पर बुरा असर पड़ा है। संयुक्त राष्ट्र के विश्व खाद्य कार्यक्रम ने चेतावनी दी है कि इससे अफ्रीका और एशिया में फसलों पर बड़ा खतरा मंडरा रहा है.
सुरक्षा को लेकर अलग-अलग दावे
समुद्री रास्तों की सुरक्षा को लेकर अलग-अलग देशों के अधिकारियों के बयान सामने आ रहे हैं। अमेरिकी सेंट्रल कमांड के प्रमुख एडमिरल ब्रैड कूपर ने 27 अगस्त 2026 को यह कहा था कि आने-जाने के रास्ते ईरानी बारूदी सुरंगों से पूरी तरह साफ हैं। इससे पहले अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने भी 25 अगस्त को यह दावा किया था कि सभी बारूदी सुरंगों को बेअसर कर दिया गया है। हालांकि, समुद्री सुरक्षा से जुड़ी कंपनी विंडवर्ड ने बताया कि 27 अगस्त को बीच वाले रास्ते पर किसी भी जहाज की आवाजाही नहीं देखी गई। इस रास्ते पर कमर्शियल ट्रैफिक बहुत ज्यादा कम हो गया है। 27 अगस्त को केवल 12 जहाज ही इस स्ट्रेट से गुजर पाए, जो कि पिछले 10 दिनों के औसत 15 जहाजों और युद्ध से पहले के स्तर से काफी कम है।
हालिया हमले और राजनीतिक बातचीत
इस इलाके में लगातार हमले जारी हैं और इसका ताजा उदाहरण 26 अगस्त 2026 को देखने को मिला जब कुवैत के कच्चे तेल के टैंकर AL SALAM II पर हमला किया गया। इस हमले की वजह से जहाज में आग लग गई थी जिसे बाद में चालक दल के सदस्यों ने मिलकर बुझाया। इसके अलावा ईरानी अधिकारियों ने तय रास्तों का पालन न करने वाले 6 जहाजों को वापस लौटने पर मजबूर कर दिया है। कतर के प्रधानमंत्री और विदेश मंत्री शेख मोहम्मद बिन अब्दुलrahman अल थानी की मध्यस्थता के बाद ईरान सरकार ने ट्रैफिक को फिर से बहाल करने के लिए शर्तें तय करने पर सहमति जताई है। इसके बावजूद IMO काउंसिल लगातार यह मांग कर रही है कि अंतरराष्ट्रीय कानून के तहत जहाजों को बिना किसी रोक-टोक के आने-जाने की छूट दी जानी चाहिए।