इमरान खान की पार्टी का लंबा मार्च आज से शुरू
Pakistan Tehreek-e-Insaf begins a massive long march from Lakki Marwat led by CM Sohail Afridi demanding Imran Khan's release.

पाकिस्तान में सियासी सरगर्मी एक बार फिर अपने चरम पर पहुंच गई है। पूर्व प्रधानमंत्री इमरान खान की पार्टी पाकिस्तान तहरीक-ए-इंसाफ (PTI) का बहुप्रतीक्षित लंबा मार्च आज लक्की मरवत से शुरू हो रहा है। पार्टी और उसके नेताओं की रिहाई की मांग को लेकर इस विरोध प्रदर्शन की तैयारियां पूरी कर ली गई हैं। खैबर पख्तूनख्वा के मुख्यमंत्री सोहेल अफरीदी ने इस आंदोलन की अगुवाई करते हुए संघीय सरकार और सैन्य तंत्र पर दबाव बढ़ाने का पूरा मन बना लिया है।
विशाल जनसमूह की अपील
मुख्यमंत्री सोहेल अफरीदी ने दक्षिणी जिलों के नागरिकों से भारी संख्या में इस मार्च में शामिल होने की जोरदार अपील की है। उनका दावा है कि यह राजनीतिक आंदोलन देश की दिशा और दशा दोनों को बदल देगा। समर्थकों में जोश भरते हुए उन्होंने कहा कि जब तक इमरान खान, बुशरा बीबी और अन्य जेल में बंद नेताओं को रिहाई नहीं मिल जाती, तब तक यह राजनीतिक दबाव लगातार जारी रहेगा।
सुरक्षा और नीतियों पर तीखा हमला
अपनी रैलियों के दौरान संघीय सरकार की नीतियों पर कड़ा प्रहार करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि खैबर पख्तूनख्वा में आतंकवाद को थोपा गया है। उन्होंने आरोप लगाया कि गलत नीतियों के कारण आम नागरिकों को भारी कीमत चुकानी पड़ रही है। उन्होंने स्पष्ट शब्दों में कहा कि देश और राष्ट्र का कल्याण केवल इमरान खान की नीतियों से ही संभव है।
तय किया गया रूट और पड़ाव
यह लंबा मार्च कई चरणों में आगे बढ़ेगा:
- पहला दिन: गंडी चौक लक्की मरवत से शुरुआत, जिसमें टैंक, डेरा इस्माइल खान, दक्षिण और उत्तर वज़ीरिस्तान, बन्नू और लक्की मरवत के लोग शामिल होंगे। इसके बाद कारकुन के पास रात का विश्राम होगा।
- दूसरा दिन: करक और कोहाट के रास्ते काफिला आगे बढ़ेगा और पेशावर मटनी के पास रात्रि विश्राम तय किया गया है।
- तीसरा दिन: पेशावर के विभिन्न हिस्सों और खैबर जिले के लोग जुड़ेंगे, जिसके बाद चारस्दा इंटरचेंज की तरफ रुख किया जाएगा।
- अंतिम चरण: खैबर पख्तूनख्वा के अन्य जिलों के लोग खैरआबाद में इकट्ठा होंगे, जहां आगे की रणनीति का ऐलान किया जाएगा।
इस बड़े राजनीतिक प्रदर्शन को लेकर प्रशासनिक हलकों में भी हलचल तेज हो गई है। पार्टी नेताओं का कहना है कि यह मार्च पूरी तरह से शांतिपूर्ण रहेगा, जिसका मुख्य उद्देश्य लोकतांत्रिक तरीके से अपने नेताओं के अधिकारों की मांग करना है।