Qatar Airways: दोहा एयरपोर्ट पर शुरू हुआ फास्ट पास, लेकिन पासपोर्ट साथ रखना रहेगा जरूरी.

कतर एयरवेज और हम्माद इंटरनेशनल एयरपोर्ट ने मिलकर यात्रियों की सुविधा के लिए एक नई बायोमेट्रिक सेवा शुरू की है जिसका नाम Fast Pass रखा गया है। इस नई तकनीक के आ जाने से अब यात्रियों को एयरपोर्ट पर अपनी पहचान साबित करने के लिए लंबी लाइनों में खड़े होने की जरूरत नहीं पड़ेगी क्योंकि यह चेहरे की पहचान यानी फेशियल रिकग्निशन पर काम करती है। जो लोग कतर एयरवेज से सफर करते हैं वे इस सेवा का लाभ उठा सकते हैं और अपने चेहरे को ही अपना डिजिटल पास बना सकते हैं।
कौन उठा सकता है इस सुविधा का लाभ
यह सेवा उन सभी यात्रियों के लिए उपलब्ध है जिनकी उम्र 18 वर्ष या उससे अधिक है और जो दोहा से उड़ान भर रहे हैं। इसके लिए यात्रियों को अपने चेक-इन के बाद कतर एयरवेज के ऐप का उपयोग करके अपनी फेशियल इमेज को अपने पासपोर्ट और बोर्डिंग पास से लिंक करना होता है। इसके बाद वे एयरपोर्ट पर बने विशेष टचपॉइंट्स का इस्तेमाल करके आसानी से आगे बढ़ सकते हैं। हालांकि एयरलाइन ने साफ कर दिया है कि यह सुविधा पूरी तरह से वैकल्पिक है और यह किसी भी कानूनी पासपोर्ट की जरूरत को खत्म नहीं करती है।
पासपोर्ट रखना क्यों है जरूरी
बहुत से यात्रियों को लगता है कि बायोमेट्रिक सेवा शुरू होने के बाद अब पासपोर्ट की कोई जरूरत नहीं पड़ेगी लेकिन ऐसा बिल्कुल भी नहीं है। कतर एयरवेज ने स्पष्ट किया है कि विमान में चढ़ने या यात्रा करने के लिए मूल पासपोर्ट होना अभी भी अनिवार्य है। इमीग्रेशन क्लियरेंस के लिए, चाहे वह दोहा का एयरपोर्ट हो या फिर आपके गंतव्य देश का एयरपोर्ट, आपको अपना असली पासपोर्ट दिखाना ही होगा। इसके अलावा वीज़ा नियमों और ट्रांजिट से जुड़े कानूनों का पालन करने के लिए भी शारीरिक दस्तावेज साथ रखना बेहद जरूरी है ताकि सफर के दौरान किसी भी प्रकार की परेशानी का सामना न करना पड़े।
कहां-कहां मिलेगी यह सुविधा
प्रौद्योगिकी भागीदार SITA के अनुसार हम्माद इंटरनेशनल एयरपोर्ट पर इस बायोमेट्रिक यात्रा के लिए 700 से अधिक टचपॉइंट्स को जोड़ा गया है जो कि मध्य पूर्व में सबसे बड़े ऐसे प्रोजेक्ट्स में से एक है। यह सेवा मुख्य रूप से रो 3 पर सेल्फ-सर्विस बैग-ड्रॉप पोजीशन 1 और 2, सुरक्षा जांच के लिए विशेष फास्ट पास गेट 9 और 10, और कॉन्कोर्स A, B और C के बोर्डिंग गेट पर उपलब्ध कराई गई है।
ऐप या कियोस्क से करें रजिस्ट्रेशन
यात्रा करने वाले लोग अपने फोन में कतर एयरवेज के लेटेस्ट ऐप के जरिए इस सेवा के लिए अपना रजिस्ट्रेशन पूरा कर सकते हैं ताकि भविष्य की यात्राओं में भी इसका इस्तेमाल किया जा सके। यदि कोई यात्री ऐप का उपयोग नहीं करना चाहता है तो वह एयरपोर्ट पर रो 3 के पास मौजूद सेल्फ-सर्विस कियोस्क का इस्तेमाल करके भी डेटा स्टोर कर सकता है। कियोस्क पर दर्ज किया गया डेटा केवल एक ही यात्रा के लिए होता है और फ्लाइट के जाने के 24 घंटे बाद अपने आप डिलीट हो जाता है। यदि किसी तकनीकी खराबी के कारण बायोमेट्रिक कैमरे यात्री की पहचान करने में असफल रहते हैं तो यात्रियों को पुराने और सामान्य बोर्डिंग पास की प्रक्रिया का ही पालन करना होगा।
किन लोगों के लिए नहीं है यह सुविधा
यह नई बायोमेट्रिक सेवा अभी छोटे बच्चों यानी नाबालिगों और दिव्यांग यात्रियों के लिए उपलब्ध नहीं है। ऐसे यात्रियों को हमेशा की तरह पारंपरिक और सहायता प्राप्त एयरपोर्ट प्रक्रियाओं का ही पालन करना होगा। इसके अलावा जो लोग दोहा से भारत के विभिन्न शहरों जैसे कि दिल्ली, मुंबई, कोच्चि, कोझिकोड, हैदराबाद और बेंगलुरु के लिए यात्रा कर रहे हैं, उन्हें सलाह दी जाती है कि वे चेक-इन के बाद ऐप के माध्यम से अपनी पात्रता की स्थिति की जांच जरूर कर लें ताकि उन्हें बाद में किसी असुविधा का सामना न करना पड़े। एयरलाइन का यह भी कहना है कि इस फास्ट पास से किसी भी यात्री के वीज़ा स्टेटस या देश में प्रवेश के नियमों पर कोई असर नहीं पड़ेगा।