कतर ने बंद किया 2025 के इजरायली हमले का मामला, नेतन्याहू की माफी के बाद हुआ फैसला.

कतर सरकार ने आधिकारिक तौर पर 9 सितंबर 2025 को दोहा के एक रिहायशी इलाके में हुए इजरायली हमले से जुड़े मामले को पूरी तरह बंद कर दिया है। इस हमले में हमास (Hamas) के पांच सदस्यों की मौत हो गई थी। यह कदम इजरायल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू (Benjamin Netanyahu) द्वारा जारी किए गए एक औपचारिक और सीधे माफीनामे के बाद उठाया गया है। यह माफीनामा 29 सितंबर 2025 को तत्कालीन अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की मध्यस्थता में हुई एक त्रिपक्षीय कॉल के दौरान दिया गया था, जिसमें कतर के प्रधानमंत्री और विदेश मंत्री शेख मोहम्मद बिन अब्दुलरहमान अल थानी भी शामिल थे।
कतर की संप्रभुता से कोई समझौता नहीं
कतर के प्रधानमंत्री के सलाहकार और विदेश मंत्रालय के आधिकारिक प्रवक्ता मजेद अल-अंसारियों ने इस बात की पुष्टि इस हमले की पहली वर्षगांठ पर की। अबूधाबी में आयोजित हिली फोरम के इतर और 9 सितंबर 2026 को द न्यू अरब को दिए एक इंटरव्यू में उन्होंने दो टूक कहा कि कतर की संप्रभुता एक गैर-negotiable रेड लाइन है। उन्होंने जोर देकर कहा कि संयुक्त राष्ट्र चार्टर और अंतरराष्ट्रीय कानून के तहत इस संप्रभुता का सम्मान होना ही चाहिए।
अल-अंसारियों ने हाल ही में इजरायली बयानों को खारिज किया जिसमें कतर को एक दुश्मन देश करार दिया गया था। उन्होंने इसे अक्टूबर के अंत में होने वाले इजरायली चुनावों से पहले की घरेलू चुनावी बयानबाजी बताया। उन्होंने कहा कि इस तरह की राजनीतिक बयानबाजी इजरायली राजनीति की एक बुनियादी कमजोरी को दर्शाती है और इसका एकमात्र उद्देश्य अंदरूनी राजनीतिक फायदे हासिल करना है।
कतर की मध्यस्थता की भूमिका जारी
कतर विदेश मंत्रालय के मीडिया निदेशक इब्राहिम अल हाशमी ने 8 सितंबर 2026 को इस रुख को और मजबूत किया। उन्होंने सार्वजनिक रूप से नेतन्याहू के दावों को खारिज करते हुए इसे दोहा के खिलाफ एक सोची-समझी स्मियर कैंपेन करार दिया। इन तमाम तनावों के बावजूद, कतर ने इजरायल-फिलिस्तीन संघर्ष में अपनी मध्यस्थता की भूमिका और फिलिस्तीनी लोगों को अपना निरंतर समर्थन जारी रखने की प्रतिबद्धता को दोहराया है। कतर का मानना है कि 2025 का यह हमला कतर के राजनयिक मिशन की विफलता नहीं बल्कि इजरायली नीति का एक संकट था।