Qatar का बड़ा खुलासा, इंटरनेशनल टेलीकम्युनिकेशन यूनियन में कन्फर्म किया कि ईरान के हमले सिर्फ अमेरिकी सैन्य अड्डों पर थे

कतर सरकार ने अंतरराष्ट्रीय स्तर पर एक बहुत बड़ा बयान दिया है और साफ कर दिया है कि उनके देश में जो भी ईरानी हमले हुए थे, उनका निशाना सिर्फ और सिर्फ अमेरिकी फौजी ठिकाने थे। कतर ने International Telecommunication Union (ITU) को सौंपे गए एक आधिकारिक दस्तावेज में यह बात औपचारिक रूप से कंफर्म की है। इस खुलासे के बाद से खाड़ी देशों की सुरक्षा और कूटनीति पर चर्चा फिर से तेज हो गई है, खासकर उन भारतीय प्रवासियों के बीच जो कतर और आसपास के इलाकों में नौकरी या कारोबार के सिलसिले में रहते हैं।
कतर ने दस्तावेज में क्या बताया
कतर प्रशासन की तरफ से जमा किए गए इस कागजात में साफ शब्दों में यह बात लिखी गई है कि इन सैन्य कार्रवाइयों के दौरान किसी भी आम रिहायशी या नागरिक इलाके को निशाना नहीं बनाया गया था। कतर ने अपनी रिपोर्ट में बताया कि हमले पूरी तरह से अमेरिकी सैन्य ठिकानों तक ही सीमित थे। हालांकि, सरकार ने यह भी उल्लेख किया कि इस आकलन का एक अपवाद 18 मार्च को सामने आया था, जब एक गैस सुविधा केंद्र पर हमला हुआ था। इस घटना को लेकर दोनों देशों के बीच अलग-अलग दावे सामने आए हैं।
ईरान का पक्ष और गैस सुविधा पर बयान
दूसरी तरफ, ईरान के अधिकारियों ने अपनी स्थिति स्पष्ट करते हुए कहा है कि 18 मार्च को जिन सुविधाओं को निशाना बनाया गया था, उनका इस्तेमाल ईरान के खिलाफ अमेरिकी सैन्य आक्रामकता को बढ़ावा देने के लिए किया जा रहा था। ईरानी विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता ने अपने एक बयान में यह भी कहा कि अमेरिकी सेना का इतिहास इस बात का गवाह है कि उन्होंने कई मौकों पर आम नागरिकों के बुनियादी ढांचे को नुकसान पहुंचाया है। ईरानी प्रवक्ता के मुताबिक, अमेरिकी हमलों में स्कूल, अस्पताल, रिहायशी इलाके, शादियों के कार्यक्रम और पुल तक तबाह किए गए हैं। ईरान का यह तर्क है कि युद्ध के दौरान मानवीय नियमों का पालन करने वाले देशों और नियम न मानने वाले देशों में एक बहुत बड़ा अंतर होता है।
प्रवासियों पर इसका क्या असर पड़ता है
कतर और खाड़ी देशों में रहने वाले लाखों भारतीयों के मन में इस तरह की तनातनी को लेकर अक्सर चिंता बनी रहती है। कतर सरकार की तरफ से स्थिति स्पष्ट किए जाने के बाद यह बात साफ हो जाती है कि आम लोगों और रिहायशी बस्तियों को सीधे तौर पर खतरे में डालने की मंशा नहीं थी। फिर भी, इस तरह के भू-राजनीतिक घटनाक्रमों से खाड़ी क्षेत्र में रहने वाले प्रवासियों को हमेशा अपनी सुरक्षा को लेकर सतर्क रहना पड़ता है। जो लोग कतर में परिवार के साथ रह रहे हैं या जो लोग भारत से अक्सर इन देशों की यात्रा करते हैं, वे स्थानीय प्रशासन और दूतावास के दिशा-निर्देशों पर पूरी नजर रखते हैं ताकि किसी भी आपात स्थिति से बचा जा सके।