Qatar Court News: कतर अदालत की WhatsApp सेवा से 12 हजार से ज्यादा काम हुए आसान

Sushma Kumari15 September 20262 min read21 viewsQatar
Qatar Court News: कतर अदालत की WhatsApp सेवा से 12 हजार से ज्यादा काम हुए आसान

कतर में रहने वाले लोगों और खासकर भारतीय प्रवासियों के लिए अदालती कामकाज अब बहुत आसान हो गया है। Supreme Judiciary Council (SJC) ने जानकारी दी है कि उनके WhatsApp पर चलने वाले वर्चुअल कर्मचारी सिस्टम ने काफी सारे काम ऑनलाइन ही निपटा दिए हैं। इस डिजिटल सुविधा की मदद से लोगों को छोटे-छोटे कामों के लिए अदालत के चक्कर नहीं काटने पड़ते हैं और घर बैठे ही सारी जानकारी मिल जाती है।

WhatsApp नंबर से मिलती है मदद

कतर की सर्वोच्च न्याय परिषद के मुताबिक, यह WhatsApp आधारित वर्चुअल कर्मचारी सिस्टम 1 जुलाई 2025 से लेकर 31 अगस्त 2026 के बीच कुल 12,136 इलेक्ट्रॉनिक ट्रांजैक्शन सफलतापर्वक पूरे कर चुका है। अकेले अगस्त 2026 के महीने में इस सर्विस ने 1,147 मामलों को संभाला है। इस डिजिटल सुविधा का इस्तेमाल करने के लिए लोगों को WhatsApp नंबर 44597777 पर संपर्क करना होता है। यह सेवा कतर में रहने वाले लगभग 8.3 लाख भारतीय प्रवासियों के लिए बेहद फायदेमंद साबित हो रही है, जिससे उन्हें न्यायिक सेवाओं तक पहुंचने में कोई परेशानी नहीं होती है।

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किन कामों के लिए होता है इस्तेमाल

इस वर्चुअल कर्मचारी सिस्टम के जरिए यूजर अपने केस के स्टेटस की जानकारी ले सकते हैं। इसके अलावा फैसले की कॉपी, केस का सारांश, सुनवाई की कार्यवाही का रिकॉर्ड और आने वाली तारीखों के बारे में भी घर बैठे पता चल जाता है। लोग चाहें तो अपने कानूनी दस्तावेज भी इलेक्ट्रॉनिक तरीके से जमा कर सकते हैं। सुरक्षा और गोपनीयता का पूरा ध्यान रखते हुए यह सिस्टम केवल उसी मोबाइल नंबर से काम करता है जो यूजर के नेशनल एड्रेस के साथ रजिस्टर्ड होता है। अदालत की तरफ से सलाह दी जाती है कि लोग अपनी Qatar ID, रजिस्टर्ड मोबाइल नंबर और केस की पूरी जानकारी अपने पास तैयार रखें। साथ ही यह भी कहा गया है कि किसी भी अनजान अकाउंट पर अपने जरूरी कागजात या बैंक से जुड़ी जानकारी बिल्कुल शेयर न करें।

डिजिटल सेवाओं का बढ़ता दायरा

WhatsApp सेवा के अलावा भी कतर में डिजिटल अदालतों का दायरा लगातार बढ़ रहा है। साल 2026 की पहली तिमाही में वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए कुल 5,052 मामलों की सुनवाई हुई और 777 नए केस इलेक्ट्रॉनिक तरीके से दर्ज किए गए। इसके अलावा साल 2025 के दौरान अदालत के पोर्टल और मोबाइल ऐप पर 109,981 अनुरोध दर्ज किए गए थे, जबकि परिवार दस्तावेजीकरण विभाग ने 65,264 इलेक्ट्रॉनिक सेवाएं दीं। हालांकि इन डिजिटल तरीकों से कोर्ट जाने की जरूरत काफी कम हो गई है, लेकिन SJC का यह भी कहना है कि कुछ खास मामलों में नियमों के हिसाब से आज भी व्यक्ति का खुद कोर्ट पहुंचना या असली दस्तावेज दिखाना जरूरी होता है।

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