Qatar का बड़ा कदम, तेहरान में हुई बैठक के बाद क्षेत्र में तनाव कम करने के लिए तेज की कूटनीति.

Sushma Kumari28 August 20263 min read20 viewsQatar
Qatar का बड़ा कदम, तेहरान में हुई बैठक के बाद क्षेत्र में तनाव कम करने के लिए तेज की कूटनीति.

कतर ने मध्य पूर्व में क्षेत्रीय तनाव को कम करने और आपसी बातचीत को बढ़ावा देने के लिए अपनी उच्च स्तरीय कूटनीतिक पहलों को बहुत तेज कर दिया है। गुरुवार, 27 अगस्त 2026 को कतर के प्रधानमंत्री और विदेश मंत्री शेख मोहम्मद बिन अब्दुल रहमान बिन جassim अल थानी ने तेहरान का दौरा किया। इस दौरान उन्होंने ईरान के राष्ट्रपति मसूद पेजेश्कियन और विदेश मंत्री عباس عراقچی (अब्बास अराघची) के साथ लंबी और विस्तृत बैठकें कीं। इस पूरी कूटनीतिक गतिविधि की आधिकारिक जानकारी Qatar News Agency (QNA) द्वारा साझा की गई है।

क्षेत्रीय सुरक्षा और बातचीत का माहौल

कतर के विदेश मंत्रालय ने अपने बयान में स्पष्ट किया कि इन चर्चाओं का मुख्य केंद्र क्षेत्रीय सुरक्षा, स्थिरता और चल रही बातचीत के लिए एक अनुकूल माहौल तैयार करना था। तेहरान की अपनी इस यात्रा के दौरान शेख मोहम्मद ने जोर देकर कहा कि क्षेत्रीय स्थिरता को किसी भी प्रकार की ताकत या धमकियों के बजाय केवल तर्क और कूटनीति के माध्यम से ही हासिल किया जाना चाहिए। इसके साथ ही उन्होंने ईरानी नागरिकों के सामने आ रही आर्थिक कठिनाइयों को कम करने में मदद के वास्ते कतर की ओर से पूर्ण समर्थन देने का भी वादा किया।

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स्ट्रेट ऑफ़ होर्मुज में संयुक्त गलियारे का प्रस्ताव

इस पूरी कूटनीतिक पहल के केंद्र में स्ट्रेट ऑफ़ होर्मुज में नेविगेशन की स्वतंत्रता सुनिश्चित करने के लिए एक संयुक्त नौवहन गलियारे का प्रस्तावित ढांचा भी शामिल है। अमेरिकी सेंट्रल कमांड के प्रमुख एडमिरल ब्रैड कूपर ने पुष्टि की है कि ईरान के रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स से जुड़े उपकरणों को हटाने के संचालन के बाद इस जलडमरूमध्य को 'माइन-क्लीयर' यानी बारूदी सुरंगों से मुक्त घोषित कर दिया गया है। इसके बावजूद संयुक्त राज्य अमेरिका का रुख अभी भी काफी सख्त बना हुआ है। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने यह स्पष्ट किया कि अमेरिका तेहरान के साथ सीधे तौर पर कोई बातचीत नहीं कर रहा है और ट्रेजरी सचिव स्कॉट बेसेन्ट की देखरेख में चल रहे 'ऑपरेशन इकोनॉमिक आउटकास्ट' प्रतिबंधों के जरिए आर्थिक दबाव को और अधिक तेज करने के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है।

ईरान की चेतावनी और कतर की अन्य कूटनीतिक पहल

समुद्री मोर्चे पर लगातार बन रहे दबाव के जवाब में, ईरान की सर्वोच्च राष्ट्रीय सुरक्षा परिषद के सचिव मोहसेन रजाई ने चेतावनी दी कि यदि नाकाबंदी इसी तरह जारी रही तो तेहरान अमेरिका के आर्थिक हितों को निशाना बनाएगा। इसके अलावा इजराइल को लेकर भी तनाव लगातार उच्च स्तर पर बना हुआ है और ईरान ने संघर्ष के किसी भी प्रकार के पुनरुत्थान के खिलाफ कड़ी चेतावनियां जारी की हैं। इन सभी घटनाक्रमों के बीच कतर ने ओमान की समानांतर कूटनीतिक पहलों के लिए अपना समर्थन फिर से दोहराया है। हाल ही में संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद की बैठकों के दौरान कतर ने सीरिया की संप्रभुता और क्षेत्रीय अखंडता का भी पुरजोर समर्थन किया है। Gulf में रहने वाले भारतीय प्रवासियों और कामगारों के लिए भी क्षेत्र में शांति और स्थिरता बने रहना बेहद जरूरी है ताकि किसी भी प्रकार के आर्थिक या क्षेत्रीय संकट से उनकी आजीविका पर असर न पड़े।

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