Qatar में बड़ा बदलाव, AFAQ पेमेंट सिस्टम से जुड़ा कतर सेंट्रल बैंक, अब छह GCC देशों में पैसे भेजना हुआ आसान.

कतर सेंट्रल बैंक ने आधिकारिक तौर पर 7 सितंबर 2026 को क्षेत्रीय पेमेंट नेटवर्क AFAQ में शामिल होने का बड़ा ऐलान किया है। इस अहम फैसले के साथ ही छह खाड़ी सहयोग परिषद यानी GCC के सभी देश अब इस आधुनिक भुगतान प्रणाली से पूरी तरह जुड़ चुके हैं। इस लिस्ट में यूएई, सऊदी अरब, कुवैत, बहरीन, ओमान और कतर शामिल हैं। गल्फ पेमेंट्स कंपनी की तरफ से तैयार किए गए इस अरेबियन गल्फ सिस्टम फॉर फाइनेंशियल ऑटोमैटिक क्विक पेमेंट ट्रांसफर यानी AFAQ का मुख्य उद्देश्य खाड़ी देशों के स्थानीय करेंसी में सीधे, तेज और कम खर्च में क्रॉस-border पैसे भेजना है। इस शानदार नेटवर्क से अब पूरे क्षेत्र में कुल भाग लेने वाले बैंकों की संख्या बढ़कर 74 हो गई है।
कतर में किन बैंकों से होगी शुरुआत और क्या है प्रक्रिया
कतर में इस बेहतरीन सर्विस की शुरुआत के शुरुआती चरण में कुल तीन प्रमुख वित्तीय संस्थानों को शामिल किया गया है। इनमें Doha Bank, Qatar International Islamic Bank और Dukhan Bank का नाम मुख्य रूप से शामिल है। यह सिस्टम कतरी रियाल यानी QAR, यूएई दिरहम यानी AED, सऊदी रियाल यानी SAR, कुवैती दिनार यानी KWD, बहरीन दिनार यानी BHD और ओमानी रियाल यानी OMR के बीच होने वाले सभी तरह के ट्रांजैक्शन को बहुत आसान बनाता है। इसके जरिए सदस्य देशों के घरेलू रियल-टाइम ग्रॉस सेटलमेंट यानी RTGS नेटवर्क आपस में जुड़ जाते हैं, जिससे पारंपरिक बैंकिंग के कई बिचौलियों वाले चक्कर से पूरी तरह छुटकारा मिल जाता है और पैसे उसी दिन ट्रांसफर होकर सेटल हो जाते हैं।
भारतीय प्रवासियों और कारोबारियों के लिए क्या है स्थिति
खाड़ी देशों में रहने वाले भारतीय प्रवासियों और अपने बिजनेस को संभालने वाले लोगों के लिए यह सुविधा एक देश से दूसरे GCC देश में पैसे भेजने के लिए बहुत मददगार साबित होगी। उदाहरण के लिए अगर आप एक खाड़ी देश से दूसरे खाड़ी देश में परिवार की मदद के लिए, किराए के भुगतान के लिए या फिर व्यापार से जुड़े काम के लिए पैसे ट्रांसफर करना चाहते हैं, तो यह सिस्टम बहुत काम आएगा। हालांकि यह साफ करना जरूरी है कि इस नई व्यवस्था का फायदा भारत भेजे जाने वाले पैसों पर लागू नहीं होगा। कतर से भारत यानी QAR से INR में भेजे जाने वाले पैसे हमेशा की तरह पुराने अंतरराष्ट्रीय माध्यमों जैसे बैंक रेमिटेंस या यूपीआई से जुड़े प्लेटफॉर्म के जरिए ही भेजे जाएंगे।
एक्सचेंज रेट और जरूरी दिशा-निर्देश
इस सिस्टम के जरिए होने वाले ट्रांजैक्शन के लिए एक्सचेंज रेट हर कार्य दिवस पर भाग लेने वाले सेंट्रल बैंकों की ओर से तय किए जाते हैं और सिस्टम में अपडेट किए जाते हैं। Doha Bank, Qatar International Islamic Bank और Dukhan Bank के ग्राहकों को यह सलाह दी जाती है कि वे अपने मोबाइल या इंटरनेट बैंकिंग ऐप को चेक कर लें ताकि यह पता चल सके कि उनके अकाउंट में AFAQ सर्विस चालू है या नहीं। इस नेटवर्क की शुरुआत से लेकर अब तक कुल 276,000 से ज्यादा ट्रांजैक्शन सफलता पूर्वक पूरे हो चुके हैं, जिनकी कुल वैल्यू 26 अरब से ज्यादा की रही है। हालांकि यह सिस्टम बहुत तेज और सुरक्षित है, लेकिन उपयोगकर्ताओं को यह बात हमेशा ध्यान रखनी होगी कि पैसे भेजने और पाने वाले दोनों बैंक इस नेटवर्क का हिस्सा होने चाहिए और सभी नियमों का पालन करना जरूरी है।