Qatar में नया कस्टम नियम लागू, ताजा चिकन और सब्जियों पर लगेगा 18% तक टैक्स.

कतर सरकार की तरफ से देश में रहने वाले सभी प्रवासियों और बिजनेस करने वाले लोगों के लिए एक बड़ा फैसला लिया गया है। कतर सरकार ने आधिकारिक गजट के अंक 17 में Amiri Decree No. 45 of 2026 के तहत कस्टम टैरिफ दरों में बड़े बदलाव की घोषणा की है। इस नए नियम के लागू होने से अब ताजा और ठंडे चिकन पर तथा कुछ खास मौसम में आने वाली सब्जियों पर अतिरिक्त शुल्क देना होगा। सरकार के इस कदम का सीधा असर कतर में रहने वाले आम परिवारों के किचन के बजट और ग्रॉसरी के सामान पर पड़ने वाला है। नए नियम के आने के बाद अब लोगों को खरीदारी करते समय अपनी जेब थोड़ी और ढीली करनी पड़ सकती है।
कस्टम टैरिफ दरों में हुआ बदलाव
जारी किए गए नए नियमों के मुताबिक, ताजा या ठंडे चिकन पर 18% का नया कस्टम टैरिफ लगाया जाएगा। यह नियम पूरे ताजे या ठंडे चिकन यानी whole chicken (HS कोड 020711000000) के अलावा इसके कुछ खास हिस्सों जैसे ब्रेस्ट 020713000008, थाई 020713000009 और विंग्स 020713000010 पर भी लागू होगा। सरकारी अधिकारियों ने यह साफ किया है कि यह शुल्क सीधे तौर पर रिटेल स्टोर के सामान पर अचानक से कीमत बढ़ाने जैसा नहीं है। असल में यह इम्पोर्ट ड्यूटी में किया गया बदलाव है, जिसका अंतिम असर इस बात पर निर्भर करेगा कि होलसेल अनुबंध कैसे हैं, सप्लाई चेन का खर्च कितना है और दुकानदारों का मार्जिन कितना तय होता है।
सब्जियों पर मौसमी कस्टम ड्यूटी
ताजे चिकन के अलावा सरकार ने स्थानीय खेती को बढ़ावा देने के लिए कुछ खास सब्जियों पर मौसमी कस्टम ड्यूटी लगाने का फैसला किया है। टमाटर, बैंगन और जुचिनी यानी तोरई जैसी सब्जियों पर साल के अलग-अलग महीनों में 15% का मौसमी शुल्क वसूला जाएगा। यह नियम किसानों की स्थानीय फसल कटाई के समय को ध्यान में रखकर बनाया गया है ताकि देश की घरेलू फूड सिक्योरिटी को मजबूत किया जा सके।
- टमाटर (HS 070200000000): जनवरी से मई तक 15% टैरिफ लगेगा।
- बैंगन (HS 070930000000): जनवरी से अप्रैल और फिर नवंबर से दिसंबर तक 15% शुल्क लगेगा।
- जुचिनी (HS 070999100000): जनवरी से अप्रैल और अक्टूबर से दिसंबर के बीच 15% ड्यूटी चुकानी होगी।
प्रवासियों और कारोबारियों के लिए समय
डिक्री के अनुच्छेद 3 के अनुसार, इस नियम को लागू होने से पहले 60 दिनों का ट्रांजिशन पीरियड दिया गया है। यह समय importers, रिटेलर्स और रेस्टोरेंट चलाने वालों को अपना सामान मैनेज करने, नए कॉन्ट्रैक्ट साइन करने और लागत का हिसाब लगाने के लिए दिया गया है। यह पूरा नियम mid-November 2026 के आसपास से पूरी तरह प्रभावी हो जाएगा। कतर में रहने वाले भारतीय और अन्य प्रवासी परिवारों को इस बदलाव के बाद अपनी रोजमर्रा की खरीदारी में थोड़ा उतार-चढ़ाव देखने को मिल सकता है, जो इस बात पर भी निर्भर करेगा कि सामान कहां से आ रहा है और बाजार में फ्रोजन विकल्प कितने उपलब्ध हैं क्योंकि फ्रोजन आइटम इस नए नियम के दायरे में नहीं आते हैं।