कतर के प्रधानमंत्री ने किया तेहरान का दौरा, अमेरिका और ईरान के बीच तनाव कम करने पर हुई बड़ी बातचीत।

क्षेत्रीय तनाव को कम करने और रुकी हुई बातचीत को फिर से शुरू करने के लिए कतर के प्रधानमंत्री और विदेश मंत्री Sheikh Mohammed bin Abdulrahman Al Thani ने गुरुवार को तेहरान का दौरा किया। फरवरी के आखिर में शुरू हुए मौजूदा संघर्ष के बाद से उनका यह पहला ईरान दौरा है। इस उच्च स्तरीय कूटनीतिक यात्रा से पहले मंगलवार को कतर के प्रधानमंत्री और ईरान के विदेश मंत्री Abbas Araghchi के बीच फोन पर लंबी बातचीत हुई थी, जिसमें दोनों पक्षों ने तनाव को और अधिक बढ़ने से रोकने के लिए कूटनीतिक रास्तों का इस्तेमाल करने पर जोर दिया था।
कतर की कूटनीति और बातचीत का मुख्य एजेंडा
कतर के विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता Majed Al Ansari ने जानकारी दी कि इस यात्रा का मुख्य उद्देश्य बातचीत के लिए सही माहौल तैयार करना है। कतर क्षेत्रीय स्थिरता को बहाल करने के लिए कूटनीति को ही सबसे जरूरी जरिया मानता है। इस बैठक में मुख्य रूप से होर्मुज जलडमरूमध्य की स्थिति पर चर्चा की गई, ताकि वहां के कामकाज को 28 फरवरी से पहले वाली स्थिति में वापस लाया जा सके। इससे पहले ईरान के रिवोल्यूशनरी गार्ड्स कॉर्प्स (IRGC) के ब्रिगेडियर जनरल Hossein Mohebbi ने ओमान के साथ संभावित प्रबंधन समझौते का जिक्र किया था, लेकिन बाद में वरिष्ठ ईरानी सूत्रों ने साफ किया कि ऐसा कोई भी समझौता फाइनल नहीं हुआ है।
अमेरिका का सख्त रुख और डोनाल्ड ट्रंप का बयान
एक तरफ जहां खाड़ी देश तनाव घटाने की कोशिश कर रहे हैं, वहीं दूसरी तरफ अमेरिकी राष्ट्रपति Donald Trump का रुख अभी भी काफी सख्त बना हुआ है। बुधवार को अमेरिकी राष्ट्रपति ने साफ शब्दों में कहा कि वह ईरान के साथ बातचीत शुरू करने की जल्दी में नहीं हैं और वार्ताओं के लिए कोई समय-सीमा तय नहीं की गई है। व्हाइट हाउस की उप प्रेस सचिव Anna Kelly ने भी इस बात की पुष्टि की कि तेहरान के साथ फिलहाल कोई भी बातचीत तय नहीं है। अमेरिकी राष्ट्रपति आर्थिक प्रतिबंधों और नौसैनिक जब्ती की नीति पर काम कर रहे हैं। अमेरिकी विदेश मंत्री Marco Rubio ने भी यह स्पष्ट किया कि प्रशासन भले ही अभी नए सैन्य हमलों की योजना नहीं बना रहा है, लेकिन अगर ईरान की तरफ से कोई भी आक्रामकता दिखाई जाती है, तो अमेरिका सख्त कदम उठाने का पूरा अधिकार सुरक्षित रखता है।
ईरान की प्रतिक्रिया और क्षेत्रीय प्रभाव
अमेरिकी दबाव का जवाब देते हुए ईरान के राष्ट्रपति Masoud Pezeshkian ने कहा कि अमेरिका के ये आर्थिक उपाय अपने उद्देश्यों को हासिल करने में पूरी तरह नाकाम साबित होंगे। खाड़ी देशों में चल रही इस राजनीतिक हलचल का असर उन तमाम प्रवासियों और कामगारों पर भी पड़ता है जो इस क्षेत्र में रहते हैं या अक्सर यात्रा करते हैं। क्षेत्रीय स्थिरता बिगड़ने से व्यापार और उड़ानों पर असर पड़ने की आशंका बनी रहती है, जिस वजह से कतर जैसी मध्यस्थ ताकतें लगातार शांति स्थापित करने के प्रयास में जुटी हुई हैं। इस पूरी खबर की विस्तृत जानकारी ANI News के माध्यम से सामने आई है।