QatarEnergy का बड़ा फैसला, इटली की कंपनी Edison के लिए गैस सप्लाई पर रोक नवंबर 2026 तक बढ़ाई गई.

कतर की प्रमुख ऊर्जा कंपनी QatarEnergy ने इटली की ऊर्जा कंपनी Edison को दी जाने वाली लिक्विड नेचुरल गैस यानी LNG की सप्लाई पर रोक को आगे बढ़ा दिया है। अब यह रोक ऑफिशियल तौर पर November 2026 तक लागू रहेगी। इस बात की जानकारी 28 August 2026 को @SaudiNews50 के ऑफिशियल ट्विटर अकाउंट के जरिए सामने आई है, जो ईरान के हमलों के बाद शुरू हुए संकट का सबसे नया अपडेट है।
सप्लाई रुकने की पूरी कहानी और असर
मार्च 2026 में ईरान के हमलों के बाद से गैस सप्लाई बाधित हुई थी, जिसके बाद फोर्स मेजर यानी आपातकालीन प्रावधान लागू किया गया था। इस रोक की वजह से कतर की कुल LNG निर्यात क्षमता का लगभग 17% हिस्सा प्रभावित हुआ है। QatarEnergy के सीईओ Saad Al-Kaabi ने पहले ही चेतावनी दी थी कि बुनियादी ढांचे यानी इंफ्रास्ट्रक्चर की जरूरी मरम्मत में पांच साल तक का समय लग सकता है। इससे कंपनी को सालाना लगभग $20 billion का वित्तीय नुकसान होने का अनुमान लगाया गया है। नवंबर तक की अवधि बढ़ाने से पहले इस रोक की समयसीमा सितंबर के अंत और अक्टूबर के बीच तक तय की गई थी।
Edison कंपनी का हाल और वैकल्पिक इंतजाम
फ्रांसीसी ग्रुप EDF की सहायक कंपनी Edison ने साल 2009 में एक लंबा समझौता किया था, जिसके तहत उसे हर साल 6.4 billion cubic meters प्राकृतिक गैस मिलनी थी। 28 July 2026 तक कंपनी ने यह पुष्टि की थी कि इस व्यवधान की वजह से कुल 24 LNG कार्गो प्रभावित हुए हैं, जो कि लगभग 3 billion cubic meters बैठते हैं। इन कमियों को पूरा करने के लिए कंपनी ने Adriatic LNG टर्मिनल पर 17 LNG कार्गो को सफलताપूर्वक बदला है। इसके जरिए उन्होंने वैकल्पिक स्रोतों से लगभग 1.6 billion cubic meters प्राकृतिक गैस हासिल की है।
कंपनी का कामकाज और वित्तीय स्थिति
Edison के सीईओ Nicola Monti ने बताया है कि बाजार में दबाव होने के बावजूद कंपनी के पास अपने ग्राहकों और कमर्शियल जरूरतों को पूरा करने के लिए पर्याप्त लचीलापन है। उन्होंने साफ किया कि इस कमी को पूरा करने के लिए अमेरिका से संभावित शिपमेंट समेत कई रास्तों पर काम किया जा रहा है। हालांकि कंपनी ने अपना कामकाज किसी तरह जारी रखा है, लेकिन इस लंबी रुकावट की वजह से उनकी पहली तिमाही के ऑपरेटिंग प्रॉफिट में 50% की भारी गिरावट आई है। इसी वजह से कंपनी को अपने पूरे साल के वित्तीय अनुमानों में भी कटौती करनी पड़ी है।