कतर के प्रधानमंत्री ने तेहरान में की ईरानी राष्ट्रपति से मुलाकात, तनाव कम करने पर हुई अहम बात.

कतर के प्रधानमंत्री और विदेश मंत्री शेख मोहम्मद बिन अब्दुलrahman बिन जासिम अल थानी ने गुरुवार, 27 अगस्त 2026 को तेहरान की यात्रा की। इस दौरान उन्होंने ईरान के राष्ट्रपति मसूद पेजेश्कियन से मुलाकात की और दोनों देशों के बीच क्षेत्रीय स्थिरता को लेकर लंबी बातचीत हुई। फरवरी में शुरू हुए अमेरिका-ईरान संघर्ष के बाद दोनों देशों के बीच यह पहली उच्च स्तर की बैठक थी, जिसका मुख्य उद्देश्य कूटनीतिक प्रयासों को तेज करना और बातचीत के रास्ते दोबारा खोलना था।
तनाव घटाने और बातचीत को बढ़ावा देने की पहल
ईरानी विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता इस्माइल बघेई ने इस बात की जानकारी दी कि इस दौरे का मकसद दोनों देशों के आपसी रिश्तों को मजबूत करना और इलाके में शांति बनाए रखना है। इस बैठक में कतर की तरफ से चलाई जा रही मध्यस्थता की पहलों पर भी चर्चा की गई। इस हफ्ते ओमान के विदेश मंत्री बद्र अलबुसैदी और पाकिस्तान के सेना प्रमुख आसिम मुनीर के दौरों से इन कोशिशों को और मजबूती मिली है। ईरानी विदेश मंत्री अब्बास अरागची ने कतर की इस भूमिका की खुलकर तारीफ की और तनाव कम करने के इन प्रयासों का स्वागत किया।
हॉर्मुज जलडमरूमध्य में नौवहन और जहाजों की आवाजाही
इस बातचीत का एक सबसे बड़ा मुद्दा होर्मुज जलडमरूमध्य में जहाजों की आवाजाही को दोबारा से सुरक्षित करना था। कतर के विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता मजीद अल अंसारी ने पुष्टि की कि बैठक में इस बात पर जोर दिया गया कि 28 फरवरी 2026 से पहले की स्थिति को वापस लाया जाए ताकि पानी के जहाजों का आना-जाना बिना किसी रोक-टोक के चल सके। इसके लिए एक अस्थायी साझा नौवहन गलियारा बनाने और पानी के रास्ते से बारूदी सुरंगों को हटाने के लिए मिलकर काम करने के प्रस्तावों पर भी बात हुई।
संप्रभुता का सम्मान और वित्तीय मामलों पर चर्चा
कतर के प्रधानमंत्री शेख मोहम्मद बिन अब्दुलrahman बिन जासिम अल थानी ने इस बात पर खास जोर दिया कि सभी पड़ोसी देशों की संप्रभुता और अधिकारों का पूरा सम्मान किया जाना चाहिए। इसके अलावा, राष्ट्रपति मसूद पेजेश्कियन ने ईरान के रोके गए 6 अरब डॉलर की राशि को जारी करने की चल रही व्यवस्था को मौजूदा कूटनीतिक प्रगति का एक अहम हिस्सा बताया। इस पूरी कूटनीतिक पहल से खाड़ी देशों में रहने वाले लोगों और कामगारों के बीच भी शांति की उम्मीद बंध रही है क्योंकि क्षेत्रीय स्थिरता का सीधा असर आम जनजीवन और सुरक्षा पर पड़ता है।