UP News: उद्घाटन से पहले ही ढह गया रामवन गमन मार्ग, 4400 करोड़ के प्रोजेक्ट पर उठे गंभीर सवाल.

उत्तर प्रदेश में बन रहे महत्वकांक्षी Ramvan Gaman Marg का एक हिस्सा उद्घाटन से ठीक पहले ही ढह गया है। इस घटना के सामने आने के बाद निर्माण की गुणवत्ता को लेकर कई तरह के सवाल खड़े हो रहे हैं और लोगों में चर्चा शुरू हो गई है। यह पूरा प्रोजेक्ट लगभग 4,400 से 4,500 करोड़ रुपये की लागत से तैयार किया जा रहा है, जो भगवान राम के वनवास से जुड़े प्रमुख धार्मिक स्थलों को आपस में जोड़ने का काम करता है। इस रूट के दायरे में अयोध्या, सुल्तानपुर, प्रतापगढ़, प्रयागराज, कौशाम्बी और चित्रकूट जैसे बड़े इलाके आते हैं। कुल 210 किलोमीटर लंबे इस रूट पर प्रयागराज के श्रृंगवेरपुर धाम के पास लगभग 100 मीटर लंबा हिस्सा चार अलग-अलग जगहों पर धंस गया।
घटना की तारीख और अधिकारियों की प्रतिक्रिया
यह गंभीर घटना 5 से 6 सितंबर 2026 के बीच सामने आई, ठीक उस समय जब प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ इस प्रोजेक्ट के आधिकारिक लोकार्पण की तैयारियों में जुटे हुए थे। सड़क धंसने की इस घटना के तुरंत बाद स्थानीय प्रशासन और संबंधित विभाग के अधिकारी हरकत में आए। स्थिति को छिपाने या सुधारने के लिए अधिकारियों ने क्षतिग्रस्त हिस्सों पर बालू और बजरी डालनी शुरू कर दी। इसके साथ ही सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए प्रभावित हिस्से पर वाहनों की आवाजाही पूरी तरह से रोक दी गई है ताकि किसी भी तरह की बड़ी दुर्घटना से बचा जा सके। नेशनल हाईवे (NH) के एक्सक्यूटिव इंजीनियर रवींद्र पाल सिंह ने इस नुकसान के पीछे हाल ही में हुई भारी बारिश को मुख्य वजह बताया और जनता से वादा किया कि जल्द ही इसकी समय पर मरम्मत करा दी जाएगी।
किस कंपनी को मिला था निर्माण का ठेका
इस बड़े प्रोजेक्ट की नींव साल 2022 में वर्चुअली रखी गई थी। इस सड़क के निर्माण का ठेका PNC Infratech नाम की कंपनी को दिया गया था। इस कंपनी के प्रबंधन में प्रदीप कुमार जैन, चक्रेश कुमार जैन, योगेश जैन और प्रमोटर नवीन कुमार जैन शामिल हैं। जानकारी के अनुसार बीजेपी सांसद नवीन जैन पहले इस फर्म के मालिक हुआ करते थे, बाद में उन्होंने इसका स्वामित्व अपने भाई और बेटों के नाम ट्रांसफर कर दिया था। हालांकि यह पहली बार नहीं है जब इस रूट पर निर्माण कार्य की पोल खुली हो। इससे पहले अगस्त 2026 में भी चित्रकूट के रामपुरीया के पास लगभग 50 मीटर लंबे हिस्से में पांच जगहों पर बड़ी दरारें आ गई थीं। उस समय भी शुरुआती मरम्मत की कोशिशें पूरी तरह से नाकाम साबित हुई थीं, जिसके बाद मजबूरन ट्रैफिक को रोकने के लिए बड़े-बड़े पत्थर के बैरियर लगाने पड़े थे।
राजनीतिक प्रतिक्रिया और आरोप
इस सड़क के अचानक धंसने और टूटने की घटनाओं के बाद राजनीतिक गलियारों में भी हंगामा मच गया है। उत्तर प्रदेश कांग्रेस ने इस पूरे मामले पर सरकार को आड़े हाथों लेते हुए तीखे हमले किए हैं। कांग्रेस नेताओं ने निर्माण कार्य में बड़े पैमाने पर भ्रष्टाचार के आरोप लगाए हैं और इस तकनीकी खराबी का मजाक उड़ाते हुए इसे 'स्पेस टेक्नोलॉजी' करार दिया है। विपक्षी दलों का कहना है कि यह सड़क इतनी घटिया सामग्री से बनाई जा रही है कि यह सीधे 'पाताल लोक' में धंसती चली जा रही है। आम जनता भी इस बात से हैरान है कि इतने बड़े बजट वाले धार्मिक और पर्यटन महत्व के मार्ग पर इस तरह की लापरवाही कैसे बरती जा सकती है।