इजराइली हिरासत केंद्र पहुंची रेड Cross की टीम, फिलिस्तीनी कैदियों से मुलाकात पर फंसा पेंच.

अंतरराष्ट्रीय रेड क्रॉस समिति यानी ICRC की एक टीम ने बुधवार को इजराइल की एक सैन्य हिरासत सुविधा का दौरा किया। इस दौरान टीम ने वहां के सुरक्षा अधिकारियों के साथ एक अहम तकनीकी बैठक भी की। यह पूरा दौरा इजराइली जेलों में बंद फिलिस्तीनी सुरक्षा कैदियों और हिरासत में रखे गए अन्य लोगों तक रेड क्रॉस की पहुंच को फिर से बहाल करने के लंबे प्रयासों का ही एक महत्वपूर्ण हिस्सा माना जा रहा है। हालांकि इस तमाम कोशिश के बाद भी टीम को वहां रखे गए फिलिस्तीनी कैदियों से मिलने या उनसे सीधे तौर पर आमने-सामने संपर्क करने की अनुमति बिल्कुल नहीं मिल पाई।
कैदियों से मुलाकात पर रोक की क्या है वजह
इजराइल में आईसीआरसी के प्रमुख जूलियन लेरिसन ने इस पूरी बातचीत को काफी सकारात्मक बताया है। उन्होंने कहा कि यह कदम हिरासत में रखे गए लोगों के लिए उचित रेड क्रॉस यात्राओं को दोबारा शुरू करने की दिशा में एक बहुत बड़ा और महत्वपूर्ण कदम साबित हो सकता है। उनके मुताबिक संगठन अब संबंधित इजराइली अधिकारियों के साथ इन यात्राओं के नए प्रारूप और तय शर्तों पर लगातार बातचीत जारी रखेगा ताकि आने वाले दिनों में इन मुलाकातों को फिर से पूरी तरह से शुरू किया जा सके। इजराइल ने गत 07 अक्टूबर 2023 को हमास के नेतृत्व में हुए बड़े हमले के बाद से ही फिलिस्तीनी सुरक्षा कैदियों से आईसीआरसी की नियमित और सामान्य मुलाकातों पर पूरी तरह से रोक लगा रखी थी।
अदालत के फैसले के बाद बढ़ी उम्मीदें
इस बीच इस पूरे मामले पर इस वर्ष इजराइल के हाई कोर्ट ने एक बड़ा फैसला सुनाया था। अदालत ने अपने फैसले में स्पष्ट रूप से कहा था कि सरकार इन जरूरी मानवीय यात्राओं पर पूरी तरह से रोक नहीं लगा सकती है। इसी अदालती फैसले के बाद से रेड क्रॉस और मानवीय सहायता से जुड़े संगठनों को यह उम्मीद बंधी है कि हालात सुधरेंगे और कैदियों से मिलने का सिलसिला एक बार फिर से शुरू किया जा सकेगा। हालांकि ताजा दौरे में भले ही कैदियों से सीधी मुलाकात नहीं हो पाई हो लेकिन अधिकारियों के साथ हुई इस तकनीकी बैठक को दोनों पक्षों के बीच संवाद की बहाली के रूप में देखा जा रहा है। संगठन लगातार यह प्रयास कर रहा है कि अंतरराष्ट्रीय नियमों के तहत हिरासत केंद्रों में बंद लोगों के हालात की जानकारी मिलती रहे और उनके परिवारों तक भी जरूरी सूचनाएं पहुंचाई जा सकें।