Riyadh News: रियाद में फंसे भारतीय तिनसन थॉमस का शव पहुंचा केरल, पाँच साल पहले गए थे विदेश

सऊदी अरब की राजधानी Riyadh में लंबे समय से फंसे और परेशानियों का सामना कर रहे एक भारतीय नागरिक का शव आखिरकार उनके वतन वापस पहुंच गया है। केरल के त्रिशूर जिले के रहने वाले 38 साल के Tinson Thomas का पार्थिव शरीर सोमवार, 7 सितंबर 2026 की सुबह उनके गृह नगर पहुंचा, जिससे पूरे परिवार और इलाके में शोक की लहर दौड़ गई है। थॉमस करीब पांच साल पहले बेहतर भविष्य की तलाश में और परिवार का भरण-पोषण करने के लिए सऊदी अरब गए थे, लेकिन किसे पता था कि उनका इस तरह से अंत होगा। उनके परिवार में अब उनकी मां Leena और बहन Teena Biju हैं, जबकि उनके पिता Palayakkal Thomas का पहले ही निधन हो चुका है। सोमवार शाम को 5:00 बजे ओल्लूर स्थित St Antony’s Forane Church के कब्रिस्तान में उनका अंतिम संस्कार किया गया, जिसमें बड़ी संख्या में स्थानीय लोग शामिल हुए।
कैसे बिगड़े हालात और क्यों फंसे थॉमस
मृतक तिनसन थॉमस रियाद में एग्जिट 17 के पास एक टायर की दुकान पर काम करतेया करते थे, लेकिन पिछले लगभग दो सालों से वह बेरोजगार चल रहे थे। नौकरी छूटने के कारण उनका रेजीडेंसी परमिट यानी इक़ामा (Iqama) भी एक्सपायर हो गया था। हाथ में वैध पासपोर्ट और कानूनी दस्तावेज न होने की वजह से वह पूरी तरह से वहां फंस चुके थे और चाहकर भी अपने घर वापस नहीं लौट पा रहे थे। हालात तब और ज्यादा खराब हो गए जब 18 मई को उनके सिर में गंभीर चोट लग गई। उन्हें पहले एक निजी अस्पताल में भर्ती कराया गया और बाद में शुमैसी स्थित King Saud Medical City के आईसीयू में शिफ्ट किया गया। हालत में थोड़ा सुधार होने के बाद उन्हें वार्ड में लाया गया, लेकिन वह पूरी तरह याददाश्त लौटने से पहले ही अस्पताल से कहीं चले गए। इसके बाद भारतीय समुदाय के कुछ वॉलंटियर्स ने उन्हें एक पार्क में खोज निकाला और रहने के लिए अस्थायी जगह दी, लेकिन वह फिर से लापता हो गए और लगभग तीन महीने तक बथा इलाके में भटकते रहे।
बथा इलाके में मिला शव और कानूनी प्रक्रिया
बीते 22 अगस्त को तिनसन थॉमस रियाद के बथा इलाके में एक बहुमंजिला इमारत के बरामदे में मृत पाए गए। उनके पास पासपोर्ट और वैध इक़ामा न होने के कारण उनके शव को भारत वापस लाना यानी रिपैट्रिएशन की प्रक्रिया बेहद जटिल और कठिन थी। इस मुश्किल घड़ी में रियाद KMCC सेंट्रल कमेटी वेलफेयर विंग के चेयरमैन Rafiq Pullur और उनके साथ अन्य कम्युनिटी वॉलंटियर्स जैसे Riyaz Chingath, Sali Aluva, Naseer Kanneer और Junaid Omachapuzha ने आगे बढ़कर मदद की। इन लोगों ने भारतीय दूतावास और सऊदी के जवात यानी पासपोर्ट विभाग के साथ मिलकर सभी कानूनी औपचारिकताओं को पूरा किया और जरूरी कागजात तैयार करवाए। इस पूरी प्रक्रिया में आने वाला खर्च और हवाई जहाज का किराया भारतीय दूतावास के भारतीय समुदाय कल्याण कोष (ICWF) द्वारा उठाया गया।
भारतीय दूतावास की ओर से सहायता और हेल्पलाइन
सऊदी अरब में काम करने वाले प्रवासियों के लिए रियाद स्थित भारतीय दूतावास हमेशा मदद का हाथ बढ़ाता है। संकट में फंसे श्रमिकों के लिए दूतावास आपातकालीन चिकित्सा सहायता और पार्थिव शरीर को वापस भेजने जैसे मामलों में पूरा सहयोग करता है। हालांकि, मृतक के परिवार के सदस्यों को शव वापस मंगाने के लिए नोटरी द्वारा सत्यापित पावर ऑफ ATTORNEY या सहमति पत्र देना होता है। किसी भी आपात स्थिति या सहायता के लिए भारतीय दूतावास का 24x7 हेल्पलाइन नंबर +966-11-4884697, मुख्य लाइन +966-11-4884144 और टोल-फ्री नंबर 800 247 1234 उपलब्ध है, जिस पर प्रवासी संपर्क कर सकते हैं। खाड़ी देशों में रहने वाले हर भारतीय को अपने दस्तावेज हमेशा वैध रखने चाहिए ताकि किसी भी अनहोनी की स्थिति में ऐसी परेशानियों का सामना न करना पड़े।