रूस और अमेरिका के खुफिया प्रमुखों की मुलाकात पर मुहर, जानिए मॉस्को में क्या हुई थी गुप्त बात.

Sushma Kumari27 August 20264 min read51 viewsWorld
रूस और अमेरिका के खुफिया प्रमुखों की मुलाकात पर मुहर, जानिए मॉस्को में क्या हुई थी गुप्त बात.

अंतरराष्ट्रीय राजनीति में इस वक्त की बड़ी खबर सामने आ रही है जहां रूस की फॉरेन इंटेलिजेंस सर्विस यानी SVR के प्रमुख सर्गेई नारिशकिन ने अमेरिकी खुफिया एजेंसी CIA के डायरेक्टर जॉन रैटक्लिफ के साथ हुई अपनी गुप्त बैठक की आधिकारिक पुष्टि कर दी है। इस हाई-प्रोफाइल मुलाकात को लेकर दुनिया भर के देशों की नजरें टिकी हुई थीं क्योंकि साल 2021 के बाद यह पहला मौका है जब अमेरिका के किसी मौजूदा सीआईए प्रमुख ने रूस की राजधानी मॉस्को का दौरा किया है और दोनों देशों के शीर्ष अधिकारियों आमने-सामने बैठकर बातचीत की है।

सामान्य प्रक्रिया का हिस्सा थी यह मुलाकात

तुर्किए की सरकारी समाचार एजेंसी अनाडोलू को दिए गए बयान में रूसी खुफिया प्रमुख सर्गेई नारिशकिन ने पत्रकारों से बातचीत करते हुए स्पष्ट किया कि सीआईए डायरेक्टर के साथ उनकी यह बैठक किसी भी तरह की असाधारण घटना नहीं थी बल्कि यह दोनों देशों की खुफिया एजेंसियों के कामकाज और नियमित प्रक्रिया का एक बेहद सामान्य हिस्सा थी। उन्होंने अपनी बात को आगे बढ़ाते हुए बताया कि मुलाकात के दौरान दोनों पक्षों के बीच उन तमाम मुद्दों पर खुलकर चर्चा हुई जो सीधे तौर पर खुफिया एजेंसियों के कार्यक्षेत्र और अधिकार क्षेत्र के दायरे में आते हैं। इसके साथ ही उन्होंने यह भी याद दिलाया कि जासूसी और खुफिया तंत्र से जुड़े तमाम मामले हमेशा से बेहद संवेदनशील और गोपनीय प्रकृति के होते हैं जिस वजह से हर बात को सार्वजनिक नहीं किया जा सकता है।

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क्रेमलिन और अमेरिकी राष्ट्रपति का बयान आया सामने

इससे पहले रूस के मुख्य प्रशासनिक कार्यालय यानी क्रेमलिन ने बीते बुधवार को ही इस बात की आधिकारिक पुष्टि कर दी थी कि अमेरिकी खुफिया प्रमुख जॉन रैटक्लिफ ने मंगलवार के दिन मॉस्को का दौरा किया था। क्रेमलिन की तरफ से दी गई जानकारी के अनुसार इस यात्रा के दौरान दोनों देशों की सुरक्षा प्रणालियों और खुफिया महकमों के बीच सीधा संपर्क स्थापित हुआ जिसे मॉस्को प्रशासन ने एक सकारात्मक घटना और सकारात्मक प्रक्रिया करार दिया है। वहीं दूसरी तरफ अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने भी बुधवार को इस पूरी यात्रा पर अपनी प्रतिक्रिया देते हुए इसे आंशिक रूप से सामान्य यात्रा बताया और उन तमाम मीडिया अटकलों को सिरे से खारिज कर दिया जिसमें यह दावा किया जा रहा था कि रैटक्लिफ का यह गुप्त दौरा नाटो या फिर ब्रिटेन के खिलाफ किसी संभावित रूसी सैन्य कार्रवाई की योजना से जुड़ा हुआ था।

विमान की आवाजाही और यात्रा से जुड़े अहम आंकड़े

फ्लाइट डेटा और मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक इस हाई-प्रोफाइल दौरे के दौरान अमेरिकी वायुसेना का एक विशेष विमान जिसका नाम C-17A ग्लोबमास्टर III था, वह मंगलवार को लातविया की राजधानी रीगा से उड़ान भरकर रूस के वनुकोवो एयरपोर्ट पर उतरा था। दस्तावेजों और ट्रैकिंग डेटा से यह बात सामने आई कि यह विमान मॉस्को पहुंचने के ठीक उसी शाम को वापस रीगा लौट गया था जिसके तुरंत बाद अमेरिकी मीडिया ने अपने सूत्रों के हवाले से यह रिपोर्ट प्रसारित की कि सीआईए डायरेक्टर जॉन रैटक्लिफ इन गुप्त बैठकों में हिस्सा लेने के लिए मॉस्को में मौजूद थे। इसके अलावा एक अन्य अंदरूनी सूत्र के हवाले से यह भी दावा किया गया कि अमेरिका की राजधानी वाशिंगटन की तरफ से यूक्रेन की सरकार यानी कीव को इस बात की पूरी जानकारी पहले ही दे दी गई थी कि रैटक्लिफ के नेतृत्व में एक वरिष्ठ अमेरिकी प्रतिनिधिमंडल मॉस्को के दौरे पर जा रहा है और यूक्रेन से यह अनुरोध किया गया था कि जब तक यह अमेरिकी प्रतिनिधिमंडल सुरक्षित रूप से रूस की सीमा से बाहर नहीं निकल जाता तब तक किसी भी तरह के सैन्य हमले या कार्रवाई को रोक दिया जाए।

तनाव के माहौल में सीधी बातचीत का महत्व

रूस और अमेरिका के बीच पिछले काफी समय से कई गंभीर और संवेदनशील मुद्दों को लेकर कूटनीतिक तनाव बना हुआ है और दोनों महाशक्तियों के संबंध निचले स्तर पर चल रहे हैं। ऐसे चुनौतीपूर्ण माहौल के बीच दोनों देशों की शीर्ष खुफिया एजेंसियों के प्रमुखों के बीच यह सीधी बातचीत होना अंतरराष्ट्रीय स्तर पर एक बहुत बड़ा घटनाक्रम माना जा रहा है। हालांकि इस मुलाकात के दौरान किन-किन गुप्त रणनीतिक विषयों पर अंतिम सहमति बनी है, इसके बारे में दोनों ही सरकारों की तरफ से अभी तक कोई आधिकारिक खुलासा नहीं किया गया है लेकिन इस संपर्क को वैश्विक शांति और संवाद की बहाली के लिहाज से काफी अहम देखा जा रहा है।

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