Saudi Arabia: सऊदी अरब ने मेडिकल सेक्टर में उठाया बड़ा कदम, एआई से बने पहले दो सॉफ्टवेयर को दी मंजूरी.

सऊदी अरब ने देश के मेडिकल टेक्नोलॉजी सेक्टर में एक बड़ा मुकाम हासिल करते हुए कृत्रिम बुद्धिमत्ता यानी एआई तकनीक से तैयार देश के पहले दो मेडिकल सॉफ्टवेयर प्रोडक्ट्स को आधिकारिक तौर पर मंजूरी दे दी है। 10 सितंबर 2026 को सामने आए इस बड़े ऐलान के बाद सऊदी अरब के स्वास्थ्य क्षेत्र में एक नई शुरुआत हुई है, जिससे आम लोगों और वहां रहने वाले प्रवासियों को भी बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं मिल सकेंगी। इस मंजूरी को देश के स्वास्थ्य मंत्रालय के अधीन काम करने वाले आधिकारिक विभाग द्वारा हरी झंडी दिखाई गई है।
Dental IQ और SAARIA को मिली आधिकारिक मंजूरी
सऊदी खाद्य एवं औषधि प्राधिकरण यानी SFDA ने इन दोनों स्वदेशी रूप से विकसित मेडिकल सॉफ्टवेयर प्रोडक्ट्स को मार्केटिंग की अनुमति दे दी है। इन दोनों प्रोग्राम्स के नाम Dental IQ और SAARIA हैं। इन दोनों सॉफ़्टवेयर को बाजार में उतारने से पहले अधिकारियों द्वारा तकनीकी दस्तावेजों और क्लिनिकल सबूतों की बहुत बारीकी से जांच की गई थी, ताकि यह पक्का किया जा सके कि ये मरीजों की सुरक्षा और कामकाज के मामले में पूरी तरह से खरे उतरते हैं।
डेंटल आईक्यू से दांतों की बीमारियों का होगा शुरुआती दौर में पता
पहला अप्रूव किया गया प्रोग्राम 'Dental IQ' है, जिसे दांतों से जुड़ी समस्याओं का शुरुआती स्टेज में पता लगाने के लिए तैयार किया गया है। यह सॉफ्टवेयर दांतों के एक्स-रे और अन्य जांच तस्वीरों को देखकर टूटे दांत, पायरिया, मसूड़ों की बीमारी और दांतों के आसपास के ऊतकों की सेहत में होने वाले बदलावों को बहुत आसानी से पहचान सकता है। इसे बनाने वाली कंपनियां सऊदी की ही एआई तकनीक पर काम करने वाली नई स्टार्टअप्स हैं, जिन्होंने देश के भीतर ही लोकल क्लिनिकल स्टडीज करके इस तकनीक को पूरी तरह से जांचा और परखा है।
सारिया सॉफ्टवेयर से डायबिटीज के मरीजों को मिलेगी बड़ी राहत
दूसरा प्रोग्राम 'SAARIA' है, जो आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस तकनीकों का इस्तेमाल करके फंडस इमेज यानी आंखों के अंदरूनी हिस्से की तस्वीरों का विश्लेषण करता है। इस सिस्टम का मुख्य उद्देश्य स्वास्थ्य केंद्रों के भीतर डायबिटीज के मरीजों की जांच में मदद करना और डायबिटिक रेटिनोपैथी का शुरुआती दौर में ही पता लगाना है। जिन मामलों में डॉक्टर की विशेष सलाह की जरूरत होती है, उनके लिए यह सॉफ्टवेयर रेफरल प्रक्रिया को बहुत तेज कर देता है। इससे बीमारी से जुड़े खतरों को समय रहते कम करने और शुरुआती इलाज के अवसरों को बेहतर बनाने में बड़ी मदद मिलेगी।