Saudi Arabia पर हूती विद्रोहियों का बड़ा हमला, 73 नागरिक घायल, जानिए क्या होगा अगला कदम.

Aanya8 September 20263 min read34 viewsSaudi
Saudi Arabia पर हूती विद्रोहियों का बड़ा हमला, 73 नागरिक घायल, जानिए क्या होगा अगला कदम.

सऊदी अरब के शहरों पर ईरान समर्थित हूती विद्रोहियों ने अचानक कई मिसाइल और ड्रोन से हमले किए हैं, जिसमें कम से कम 73 नागरिक घायल हो गए हैं। इस खतरनाक हमले के बाद पूरे इलाके में तनाव का माहौल बन गया है और आम लोगों के बीच सुरक्षा को लेकर चिंता बढ़ गई है। सऊदी राजनीतिक विश्लेषक खालिद बतार्फी ने अल जजीरा से बात करते हुए बताया कि इन हमलों का सऊदी अरब की तरफ से कड़ा जवाब दिया जाएगा, लेकिन इससे कोई बड़ा या लंबा युद्ध शुरू नहीं होगा। सऊदी सरकार ने पहले इस संघर्ष से दूर रहने की पूरी कोशिश की थी, लेकिन हालिया हमलों ने सारी हदें पार कर दी हैं जिसके बाद दोषियों के खिलाफ सख्त और लक्षित कार्रवाई करना जरूरी हो गया है।

सऊदी शहरों को बनाया गया निशाना

मंगलवार, 8 सितंबर 2026 को हूती विद्रोहियों ने सऊदी अरब के कई प्रमुख शहरों जैसे abha, khamis mushait, jazan और najran में सिविलियन और आर्थिक ठिकानों को निशाना बनाकर कई हमले किए। इन हमलों की चपेट में आने से महिलाओं और बच्चों समेत कुल 73 आम लोग गंभीर रूप से घायल हो गए। हूती गुट ने यह भी दावा किया कि उन्होंने सऊदी अरामको की सुविधाओं और किंग खालिद एयरबेस को निशाना बनाया है। इसके साथ ही उन्होंने लाल सागर में सऊदी जहाजों की आवाजाही पर रोक लगाने की भी घोषणा कर दी। हूती मीडिया ऑफिस के डिप्टी हेड नसरुद्दीन आमेर ने इन हमलों का बचाव करते हुए कहा कि अब बिना किसी परिणाम के सऊदी कार्रवाई का समय खत्म हो चुका है।

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सरकार और गठबंधन सेना की कड़ी प्रतिक्रिया

इस पूरी घटना के बाद सऊदी विदेश मंत्रालय ने इन हमलों को एक खतरनाक escalation करार देते हुए इसकी कड़ी निंदा की है। यमन में शांति बहाल करने के लिए बने गठबंधन के प्रवक्ता Maj. Gen. Turki Al-Maliki ने कसम खाई है कि गठबंधन सेना इस मिलिशिया को सबक सिखाने के लिए सभी जरूरी और ठोस कदम उठाएगी। सऊदी अरब ने अंतरराष्ट्रीय समुदाय से अपील की है कि वे संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद के प्रस्ताव 2216 (2015) और 2722 (2024) का सख्ती से पालन करवाएं। इसके अलावा कुवैत और खाड़ी सहयोग परिषद (GCC) ने भी इन हमलों को सीधे तौर पर आतंकवादी गतिविधियां बताया है और इनकी निंदा की है।

यमन के अंदर चल रही हिंसा और युद्ध का खतरा

यह क्षेत्रीय हिंसा ऐसे समय में बढ़ी है जब यमन के अंदर चल रहे आपसी संघर्ष ने चार साल पुराने संघर्ष विराम को पूरी तरह से तोड़ दिया है। पिछले हफ्ते से लेकर अब तक 300 से ज्यादा लोगों की जान जा चुकी है। एक तरफ जहाँ सऊदी समर्थित यमन सरकार ने 7 सितंबर को ताएज़ और अल-हुदैदाह में अपनी स्थिति मजबूत करने और नए इलाकों पर कब्जा करने का दावा किया, वहीं दूसरी तरफ हूतियों ने आरोप लगाया कि उसी दिन सऊदी अरब ने अल-हज़म की एक जेल पर एयरस्ट्राइक की जिसमें एक बच्चे समेत सात लोगों की मौत हो गई। हूती प्रवक्ता याहया सारे ने इसके और भी बुरे परिणाम भुगतने की चेतावनी दी है। यमन के लिए संयुक्त राष्ट्र के विशेष दूत Hans Grundberg ने सोमवार को तुरंत लड़ाई रोकने की अपील की और चेतावनी दी कि अगर हालात ऐसे ही रहे तो यह एक पूर्ण युद्ध का रूप ले सकता है, जिससे आम जनता की मुश्किलें और ज्यादा बढ़ सकती हैं।

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