सऊदी अरब की मिसाइल ढाल कमजोर, हूती हमलों का खतरा बढ़ा

WSJ की रिपोर्ट के मुताबिक़ सऊदी अरब के पास हूती हमलों को रोकने वाली इंटरसेप्टर मिसाइलें कम पड़ रही हैं। रियाद एयरपोर्ट हमले में मरने वालों की संख्या 13 हुई।

Mohd. Irfan12 October 20261 min read25 viewsSaudi
सऊदी अरब की मिसाइल ढाल कमजोर, हूती हमलों का खतरा बढ़ा

रियाद (सऊदी अरब): सऊदी अरब पर यमनी विद्रोही समूह हूती के लगातार हमले अब उसकी रक्षा प्रणाली पर भारी पड़ते दिख रहे हैं। अमेरिकी अख़बार वॉल स्ट्रीट जर्नल (WSJ) ने सऊदी अधिकारियों के हवाले से बताया है कि देश में आने वाली बैलिस्टिक मिसाइलों को रोकने के लिए ज़रूरी इंटरसेप्टर मिसाइलें तेज़ी से घट रही हैं। यानी आगे के हमलों से निपटने की तैयारी पर सवाल खड़े हो गए हैं।

रिपोर्ट के अनुसार हमलों की बढ़ती तीव्रता ने सऊदी राजधानी के कई हिस्सों को संभावित युद्ध क्षेत्र जैसा बना दिया है। रियाद यमन के हूती नियंत्रित इलाक़े से 500 मील से भी ज़्यादा दूर है, फिर भी अब यहाँ तक ख़तरा पहुँच चुका है। गुरुवार को रोकी गई एक बैलिस्टिक मिसाइल का मलबा एक किंडरगार्टन और एक मेडिकल क्लिनिक परिसर पर गिरा, जिससे इलाक़े में दहशत फैल गई।

किंग खालिद एयरपोर्ट पर हमला और बढ़ती मौतें

10 अक्टूबर को रियाद के किंग खालिद इंटरनेशनल एयरपोर्

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