Saudi Arabia New Law: सऊदी अरब में 20 से ज्यादा वर्कर वाली कंपनियों के लिए नया नियम लागू, रहना होगा सावधान.

Aanya8 September 20262 min read28 viewsSaudi
Saudi Arabia New Law: सऊदी अरब में 20 से ज्यादा वर्कर वाली कंपनियों के लिए नया नियम लागू, रहना होगा सावधान.

सऊदी अरब में काम करने वाले विदेशी कामगारों और कंपनियों के लिए एक बेहद जरूरी खबर सामने आई है। सऊदी सरकार ने साफ कर दिया है कि जिन कंपनियों के पास 20 या उससे ज्यादा कर्मचारी काम करते हैं, उन्हें अब अपने वर्कर के रहने के लिए लाइसेंस वाला आवास देना ही होगा। इस नए नियम के तहत कंपनियां या तो खुद का रजिस्टर्ड लेबर कैंप रखें या फिर किसी पहले से अधिकृत लेबर कैंप के साथ कॉन्ट्रैक्ट करें। इस कदम का सीधा असर उन लाखों प्रवासियों पर पड़ेगा जो खाड़ी देशों में रहकर अपने परिवार का पेट पालते हैं और भारत से जाकर वहां नौकरी करते हैं।

क्या है नया सामूहिक आवास नियम

सऊदी अरब के नगरपालिका और आवास मंत्रालय ने 3 सितंबर 2026 को यह बड़ी घोषणा की है। मंत्रालय ने जानकारी दी कि अब तक कुल 1,360 सामूहिक श्रम आवास लाइसेंस जारी किए जा चुके हैं, जिनमें करीब 10 लाख विदेशी वर्कर रह रहे हैं। यह पूरा नियम 'National Program for Development of Collective Housing for Individuals' के तहत लाया गया है, जो विजन 2030 के 'क्वालिटी ऑफ लाइफ' प्रोग्राम का हिस्सा है। इस काम में नगरपालिका, स्वास्थ्य और मानव संसाधन समेत कुल 10 सरकारी विभाग मिलकर नजर रख रहे हैं ताकि नियमों का पालन ठीक से हो सके।

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ऐसे मिलेगा लाइसेंस और क्या है प्रक्रिया

कंपनियों को अपने कर्मचारियों के रहने की जगह का लाइसेंस Balady platform (balady.gov.sa) के जरिए लेना होगा। अगर कोई कंपनी इन नियमों का पालन नहीं करती है और लाइसेंस वाला आवास मुहैया नहीं कराती है, तो उस पर बहुत कड़ी कार्रवाई की जाएगी। ऐसे लापरवाह नियोक्ताओं के खिलाफ प्रशासनिक जुर्माना लगाया जाएगा, Qiwa platform पर उनकी सेवाएं रोक दी जाएंगी, नए वीजा को ब्लॉक कर दिया जाएगा और वर्कर के ट्रांसफर पर भी रोक लगा दी जाएगी। इतना ही नहीं, कंपनी का कमर्शियल रिकॉर्ड भी सस्पेंड किया जा सकता है। सरकार यह भी चेक करेगी कि जितने वर्कर कंपनी के रिकॉर्ड में दर्ज हैं, आवास की क्षमता भी उतनी ही है या नहीं।

भारतीय प्रवासियों और परिवारों के लिए क्या है राहत

जो कर्मचारी अपने परिवार के साथ स्वतंत्र मकान में रहते हैं और कंपनी से हाउसिंग अलाउंस लेते हैं, उन पर यह नियम लागू नहीं होता है। हालांकि, कंपनियों को इस तरह की सारी जानकारी बलादी प्लेटफॉर्म पर साफ-साफ बतानी होगी। भारत से सऊदी अरब जाकर कमाने वाले कामगारों को सलाह दी जाती है कि वे अपने मालिक से यह बात कंफर्म कर लें कि उनका कैंप बलादी से मान्यता प्राप्त है या नहीं। इस नई व्यवस्था का मुख्य मकसद लेबर कैंपों में भीड़भाड़ को कम करना और रियाद, जेद्दा, दम्मम, खोबर तथा नियोम जैसे शहरों में आग लगने जैसी दुर्घटनाओं से बचाकर स्वास्थ्य और सुरक्षा मानकों को बेहतर करना है। मंत्रालय ने यह भी स्पष्ट किया है कि यह नियम वर्कर के पद या जॉब टाइटल के हिसाब से नहीं, बल्कि कुल कर्मचारियों की गिनती के आधार पर लागू होगा। बलादी और किवा के रिकॉर्ड को आपस में लिंक करना अनिवार्य किया गया है।

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