Saudi Arabia Rules: सऊदी अरब का सख्त फरमान, 20 से ज्यादा कर्मचारी वाले दफ्तरों के लिए हाउसिंग लाइसेंस अनिवार्य।

Praggya Singh sabal4 September 20263 min read37 viewsSaudi
Saudi Arabia Rules: सऊदी अरब का सख्त फरमान, 20 से ज्यादा कर्मचारी वाले दफ्तरों के लिए हाउसिंग लाइसेंस अनिवार्य।

सऊदी अरब में काम करने वाले प्रवासियों और खासकर भारतीय कामगारों के लिए एक बहुत बड़ी खबर सामने आई है। सऊदी सरकार ने रेसिडेंट वर्कर्स के रहने की व्यवस्था को लेकर नियमों में कड़ाई कर दी है और नया अपडेट जारी किया है। सऊदी नगर पालिका और आवास मंत्रालय के ताजा आंकड़ों के मुताबिक इस समय देश में करीब 1,360 लाइसेंस प्राप्त सामूहिक आवास सुविधाएं हैं, जिनमें लगभग 10 लाख श्रमिक रह रहे हैं। यह नया नियम उन सभी कंपनियों के लिए बेहद जरूरी है जो अपने कर्मचारियों के रहने का इंतजाम करती हैं।

नियमों का पालन न करने पर होगी कार्रवाई

नए आदेश के तहत जिन कमर्शियल प्रतिष्ठानों में 20 या उससे ज्यादा कर्मचारी काम करते हैं, उनके लिए यह अनिवार्य कर दिया गया है कि वे सरकार से मंजूर शुद्धा सामूहिक आवास ही उपलब्ध कराएं। कंपनियां चाहें तो खुद लाइसेंस ले सकती हैं या फिर पहले से अधिकृत लाइसेंस प्राप्त हाउसिंग सुविधाओं के साथ समझौता कर सकती हैं। किसी भी कंपनी को अपने कर्मचारियों को गैर-विनियमित इमारतों, भीड़भाड़ वाले फ्लैटों या ऐसे कैंपों में रखने की अनुमति नहीं है जो तय मानकों पर खरे नहीं उतरते हैं।

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सऊदी प्रेस एजेंसी की रिपोर्ट के अनुसार, सामूहिक आवास चलाने वालों को म्युनिसिपल, तकनीकी, स्वास्थ्य और सुरक्षा से जुड़े सभी नियमों का सख्ती से पालन करना होगा। इस बात की जांच के लिए प्रशासन ने फील्ड निरीक्षण और संयुक्त निगरानी बढ़ा दी है। इस रेगुलेटरी फ्रेमवर्क की शुरुआत सितंबर 2025 में की गई थी, जिसके तहत कंपनियों को बलदी (Balady) प्लेटफॉर्म के जरिए हाउसिंग लाइसेंस लेना जरूरी है। कंपनियों के पास दो विकल्प हैं, या तो वे अपने खुद के रिहायशी कॉम्प्लेक्स के लिए लाइसेंस लें या किसी बाहरी रजिस्टर्ड प्रदाता के साथ करार करें। इसके अलावा, आवास की क्षमता सिक्का (Qiwa) प्लेटफॉर्म पर दर्ज कर्मचारियों की संख्या के बिल्कुल बराबर होनी चाहिए।

रहने के लिए तय किए गए हैं कड़े मानक

श्रमिकों के रहने की स्थिति को बेहतर बनाने के लिए सरकार ने कुछ बुनियादी पैमानों को तय किया है। सोने वाले कमरों में प्रति व्यक्ति कम से कम 4 वर्ग मीटर जगह होनी चाहिए और एक बेडरूम में ज्यादा से ज्यादा 10 लोग ही रह सकते हैं। इसके अलावा हर 8 निवासियों पर कम से कम एक टॉयलेट का होना अनिवार्य किया गया है। खाने और आराम करने के लिए कॉमन रूम भी होने चाहिए, जहां प्रति व्यक्ति 0.7 वर्ग मीटर जगह की व्यवस्था हो। इमारतें तय भौगोलिक इलाकों में होनी चाहिए और उनके पास सुरक्षा परमिट तथा लीज के सभी कागजात होने चाहिए। यदि पूरी इमारत एक ही मालिक या कंपनी ने किराए पर ली है, तो लाइसेंस की जिम्मेदारी उसी की होगी। अगर अलग-अलग इकाइयों को किराए पर दिया गया है, तो प्रॉपर्टी के मालिक को परमिट लेना होगा।

प्रवासियों और भारतीय कामगारों पर असर

यदि कोई कंपनी इन नियमों का पालन नहीं करती है, तो उसे भारी नुकसान उठाना पड़ सकता है। नियमों के उल्लंघन पर वीजा कोटा बढ़ाने और सिक्का प्लेटफॉर्म पर वर्कर ट्रांसफर जैसी सरकारी सेवाओं पर रोक लगाई जा सकती है। भीड़भाड़ को रोकने और सुरक्षा नियमों को लागू करने के लिए गृह मंत्रालय, स्वास्थ्य मंत्रालय और मानव संसाधन मंत्रालय सहित कुल 10 सरकारी एजेंसियों की एक टीम लगातार निगरानी कर रही है।

भारतीय विदेश मंत्रालय के मार्च 2026 के आंकड़ों के अनुसार, सऊदी अरब में लगभग 2,747,551 भारतीय नागरिक रहते हैं। इनमें से बड़ी संख्या में लोग कंस्ट्रक्शन, मेंटेनेंस, मैन्युफैक्चरिंग, लॉजिस्टिक्स और रिटेल सेक्टर में काम करते हैं। ये सभी क्षेत्र अमूमन कंपनी की तरफ से मिलने वाले आवास पर ही निर्भर रहते हैं, इसलिए ये नए नियम भारतीय कामगारों की भलाई और सुरक्षा के लिहाज से बेहद महत्वपूर्ण साबित होने वाले हैं। इस बारे में अधिक जानकारी के लिए आप Saudi Press Agency की आधिकारिक वेबसाइट पर जा सकते हैं।

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