Saudi Arabia: सऊदी अरब का बड़ा कदम, 2026 में 60,000 हेक्टेयर चरागाह भूमि को हरा-भरा किया जाएगा.

Sushma Kumari3 September 20262 min read44 viewsSaudi
Saudi Arabia: सऊदी अरब का बड़ा कदम, 2026 में 60,000 हेक्टेयर चरागाह भूमि को हरा-भरा किया जाएगा.

सऊदी अरब ने पर्यावरण को बचाने और देश में हरियाली बढ़ाने के लिए एक बहुत बड़ा फैसला लिया है। सरकार की योजना के मुताबिक, 2026 के दौरान पूरे देश में कुल 60,000 हेक्टेयर चरागाह यानी pastureland को फिर से हरा-भरा और उपजाऊ बनाया जाएगा। यह जानकारी 3 सितंबर 2026 को Akhbar24 की एक रिपोर्ट के हवाले से सामने आई है, जिसे लेकर आम लोगों और पर्यावरण प्रेमियों में काफी सकारात्मक चर्चा हो रही है।

सऊदी ग्रीन इनिशिएटिव और विजन 2030 का हिस्सा

यह पूरा अभियान सऊदी अरब की उस बड़ी पर्यावरण रणनीति का अहम हिस्सा है, जिसके तहत देश में पेड़-पौधों के दायरे को तेजी से फैलाना है और मरुस्थलीकरण यानी रेगिस्तान के बढ़ते दायरे को रोकना है। यह काम मुख्य रूप से Saudi Green Initiative और देश के दूरदर्शी Vision 2030 के तहत किया जा रहा है। सरकार का यह कदम देश के मौसम को बेहतर बनाने और प्राकृतिक संतुलन को बनाए रखने की दिशा में एक ठोस प्रयास है।

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इससे पहले भी इस साल की शुरुआत में देश ने एक बहुत बड़ा मील का पत्थर हासिल किया था। साल 2026 की शुरुआत तक सरकार ने सफलतापूर्वक अपने पहले एक मिलियन हेक्टेयर यानी 10 लाख हेक्टेयर वनस्पति आवरण भूमि को पुनर्जीवित कर लिया था। पर्यावरण, जल और कृषि मंत्री Abdulrahman Alfadley ने पहले भी इस बात पर जोर दिया था कि ये सभी सफलताएं देश के नेतृत्व की पर्यावरण स्थिरता के प्रति गहरी प्रतिबद्धता को साफ तौर पर दिखाती हैं, जिसकी जानकारी आधिकारिक तौर पर Saudi Press Agency (SPA) के जरिए साझा की गई थी।

आधुनिक तकनीक और नेशनल सेंटर की भूमिका

साल 2026 के इस खास लक्ष्य से आगे बढ़कर, National Center for Vegetation Cover Development and Combating Desertification लगातार बड़े पैमाने पर जमीन को सुधारने के प्रोजेक्ट्स की निगरानी कर रहा है। देश का कुल राष्ट्रीय लक्ष्य कुल 40 मिलियन हेक्टेयर भूमि को पुनर्जीवित करने का है। इस विशाल लक्ष्य को पूरा करने के लिए सरकार करोड़ों पेड़ लगा रही है और आधुनिक तकनीकों का खुलकर इस्तेमाल कर रही है।

जमीन की बहाली की प्रगति पर नजर रखने के लिए ड्रोन, रिमोट सेंसिंग और भौगोलिक सूचना प्रणालियों यानी GIS जैसी आधुनिक तकनीक की मदद ली जा रही है ताकि काम तेजी से और सही दिशा में आगे बढ़ सके। इन तमाम सरकारी प्रयासों और आधिकारिक घोषणाओं की विस्तृत जानकारी SPA की आधिकारिक रिपोर्ट में दी गई है, जो यह बताती है कि आने वाले समय में सऊदी अरब पर्यावरण के मामले में एक मिसाल बनने जा रहा है।

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