Saudi Arabia New Law: सऊदी अरब ने कर्ज और पारिवारिक मामलों के नियमों में किया बड़ा बदलाव, जानिए पूरी बात.

Aanya1 September 20263 min read27 viewsSaudi
Saudi Arabia New Law: सऊदी अरब ने कर्ज और पारिवारिक मामलों के नियमों में किया बड़ा बदलाव, जानिए पूरी बात.

सऊदी अरब के न्याय मंत्रालय ने कर्ज और पारिवारिक मामलों से जुड़े मामलों को आसान बनाने के लिए एनफोर्समेंट लॉ के नियमों का नया ड्राफ्ट पेश किया है। इस नए बदलाव से देश में रहने वाले लोगों और प्रवासियों को कानूनी मामलों में बड़ी राहत मिलने की उम्मीद है। मंत्रालय ने इस ड्राफ्ट पर आम लोगों से राय मांगने के लिए 'Istitlaa' प्लेटफॉर्म पर जानकारी साझा की है, जिस पर 30 अगस्त 2026 से लेकर 29 सितंबर 2026 तक अपनी प्रतिक्रिया दी जा सकती है।

नया कानून कब से होगा लागू और क्या है पूरी प्रक्रिया

सऊदी अरब के आधिकारिक गजट 'Umm Al-Qura' में इस नए कानून को 1 मई 2026 को प्रकाशित किया गया था। यह नया कानून आधिकारिक प्रकाशन के ठीक 180 दिन बाद यानी 28 अक्टूबर 2026 से पूरी तरह से लागू हो जाएगा। इस कानून के आ जाने से कोर्ट और अदालती प्रक्रियाएं काफी तेज हो जाएंगी जिससे लोगों को अपने मामलों का निपटारा कराने में ज्यादा समय नहीं लगेगा। इसके बारे में अधिक जानकारी आप यहाँ देख सकते हैं और आधिकारिक नियमों के लिए Umm Al-Qura गजट की आधिकारिक वेबसाइट पर विजिट कर सकते हैं।

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यात्रा प्रतिबंध और फंड ट्रैकिंग के नए नियम

नए नियमों के तहत यात्रा प्रतिबंधों (Travel Bans) पर कड़े नियंत्रण तय किए गए हैं। जिन लोगों पर 50,000 सऊदी रियाल से कम का कर्ज है, उन्हें यात्रा प्रतिबंध से पूरी तरह छूट दी गई है। यात्रा प्रतिबंध अधिकतम तीन साल के लिए लगाया जा सकता है, जिसे एक बार बढ़ाकर अधिकतम छह साल तक किया जा सकता है। इसके अलावा, मेडिकल इलाज या जरूरी पेशेवर काम के लिए इन प्रतिबंधों को थोड़े समय के लिए हटाने का प्रावधान भी रखा गया है। नए नियमों से कोर्ट की फंड-ट्रैक करने की क्षमता भी मजबूत होगी। कोर्ट को यह अधिकार होगा कि वे संपत्ति का पता लगा सकें और संपत्ति छुपाने वाले लोगों से पूछताछ कर सकें। हालांकि, सूर्यास्त के बाद या छुट्टियों के दिन विशेष अदालत की अनुमति के बिना जब्ती की कार्रवाई आमतौर पर प्रतिबंधित रहेगी।

पारिवारिक मामलों और व्यक्तिगत सुरक्षा से जुड़े निर्देश

पारिवारिक मामलों जैसे बच्चों की कस्टडी, मिलने के अधिकार और गार्जियनशिप के फैसलों को लागू करने के लिए अधिकारियों को जरूरत पड़ने पर बल प्रयोग करने का अधिकार दिया गया है, जिसमें घर के अंदर प्रवेश करना भी शामिल है। अगर कोई व्यक्ति इन अदालती फैसलों का विरोध करता है या रुकावट डालता है, तो उसे अधिकतम 90 दिन की जेल या 30,000 सऊदी रियाल तक का जुर्माना हो सकता है। इसके अलावा, कर्जदारों की सुरक्षा के लिए उनके मुख्य आवास और आने-जाने के जरूरी साधनों को जब्त करने पर रोक लगाई गई है ताकि वे पूरी तरह बेसहारा न हों।

डिजिटल नोटिफिकेशन और सख्त सजा के प्रावधान

कामकाज में तेजी लाने के लिए अब सरकार द्वारा सत्यापित इलेक्ट्रॉनिक प्रणालियों के जरिए भेजे गए नोटिफिकेशन कानूनी रूप से मान्य होंगे। जिन संस्थानों के पास लोगों की संपत्ति है, उन्हें जब्ती के परिणाम तीन कार्य दिवसों के भीतर रिपोर्ट करने होंगे। अगर कोई व्यक्ति जानबूझकर फंड की तस्करी जैसे गंभीर अपराध करता है, तो उसे अधिकतम तीन साल की जेल या एक मिलियन (दस लाख) सऊदी रियाल तक का जुर्माना भुगतना पड़ सकता है। इसके अलावा, अगर निर्धारित दस साल की अवधि के भीतर कोई ठोस कानूनी कार्रवाई शुरू नहीं की जाती है, तो एनफोर्समेंट अधिकारों पर 10 साल की समय सीमा लागू होगी।

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