Saudi Arabia: साल 2026 के पहले क्वार्टर में उमरा यात्रियों ने तोड़े सभी रिकॉर्ड, पहुंचे 1.5 करोड़ से ज्यादा लोग.

सऊदी अरब में धार्मिक पर्यटन को लेकर इस साल की शुरुआत काफी शानदार रही और देश ने एक नया इतिहास रच दिया है। साल 2026 के पहले तीन महीनों यानी जनवरी से मार्च के बीच कुल 15,233,767 उमरा यात्रियों ने मक्का और मदीना की यात्रा की। जनरल अथॉरिटी फॉर स्टैटिस्टिक्स यानी GASTAT की तरफ से जारी किए गए आधिकारिक आंकड़ों के अनुसार, इस भारी संख्या में देश के भीतर से आने वाले घरेलू यात्री और दुनिया भर से आने वाले विदेशी मेहमान दोनों शामिल थे। सरकार की तरफ से लगातार सुविधाओं को बेहतर बनाने के कारण हर महीने लाखों की संख्या में जायरिनों का पहुंचना जारी रहा और प्रशासनिक व्यवस्थाओं ने भी पूरी मुस्तैदी के साथ सभी को सेवाएं प्रदान कीं।
विदेशी और घरेलू यात्रियों के आंकड़े
जारी की गई रिपोर्ट के मुताबिक, कुल यात्रियों में से 9,464,496 घरेलू pilgrim थे जो सऊदी अरब के अलग-अलग शहरों से पहुंचे थे, जबकि 5,769,271 अंतरराष्ट्रीय स्तर के विजिटर्स ने दूसरे देशों से आकर उमरा अदा किया। अगर इलाकों की बात की जाए तो अकेले मक्का शहर में सबसे ज्यादा 4,066,669 घरेलू यात्रियों का आना हुआ। महीने के हिसाब से देखा जाए तो घरेलू यात्रा के मामले में फरवरी का महीना सबसे व्यस्त रहा, जिसमें अकेले फरवरी में 4,556,220 लोगों ने सफर किया। वहीं दूसरी तरफ, अंतरराष्ट्रीय उड़कों और विदेश से आने वाले लोगों के लिए जनवरी का महीना सबसे आगे रहा, जिसमें पहले ही महीने 2,233,025 लोगों ने विदेशों से आकर अपनी यात्रा पूरी की।
यात्रियों की जनसांख्यिकी और आने के साधन
सऊदी प्रशासन की तरफ से जारी की गई जनसांख्यिकी यानी डेमोग्राफिक जानकारी से पता चलता है कि कुल उमरा यात्रियों में पुरुषों की संख्या ज्यादा थी। कुल यात्रियों में से 59.4% पुरुष शामिल थे, जबकि महिलाओं की कुल हिस्सेदारी 40.6% दर्ज की गई। इसके अलावा परिवहन के साधनों पर नजर डालें तो ज्यादातर लोगों ने हवाई यात्रा को चुना। आंकड़ों के अनुसार, कुल अंतरराष्ट्रीय यात्रियों में से 86% लोगों ने फ्लाइट्स के जरिए सफर किया, जबकि 13.6% लोगों ने सड़क मार्ग यानी जमीन के रास्ते से देश में प्रवेश किया और महज 0.4% लोगों ने समुद्री मार्ग का इस्तेमाल किया। भारत और अन्य देशों से आने वाले प्रवासी और नागरिक भी ज्यादातर हवाई जहाज के जरिए ही पहुंचे।
नूसुक प्लेटफॉर्म और नए वीज़ा नियम
सऊदी अरब का हज और उमरा मंत्रालय लगातार यात्रियों के सफर को आसान और डिजिटल बनाने के लिए काम कर रहा है। इसके लिए नूसुक प्लेटफॉर्म और वीज़ा नीतियों में कई जरूरी बदलाव किए गए हैं ताकि दुनिया भर से आने वाले मुसलमानों को किसी तरह की परेशानी का सामना न करना पड़े। मंत्रालय ने यह भी स्पष्ट किया है कि कोई भी यात्री अपने मौजूदा वीज़ा की अवधि खत्म होने के बाद उसी साल के भीतर दोबारा उमरा वीज़ा के लिए आवेदन कर सकता है और नया वीज़ा प्राप्त कर सकता है। ये सभी कदम सऊदी विजन 2030 और पिलग्रिम एक्सपीरियंस प्रोग्राम के तहत उठाए जा रहे हैं ताकि डिजिटल सेवाओं को और ज्यादा मजबूत किया जा सके। इस बारे में अधिक जानकारी के लिए आधिकारिक वेबसाइट General Authority for Statistics पर जाकर पूरी रिपोर्ट देखी जा सकती है।
प्रशासनिक बैठकें और आगे की तैयारियां
आने वाले दिनों की व्यवस्था को बेहतर बनाने के लिए प्रशासन ने अभी से कमर कस ली है। मक्का के डिप्टी अमीर की अध्यक्षता में हज और उमरा समिति की एक अहम बैठक आयोजित की गई, जिसमें सेवा वितरण की समीक्षा की गई और आगामी 1448H हज सीजन के लिए शुरुआती तैयारियों को लेकर चर्चा की गई। इसके अलावा जीसीसी देशों में रहने वाले प्रवासियों के लिए भी नूसुक प्लेटफॉर्म के इस्तेमाल को लेकर नए दिशा-निर्देश स्पष्ट कर दिए गए हैं, जिससे खाड़ी देशों में रहने वाले भारतीयों और अन्य प्रवासियों को भी आवेदन करने में आसानी होगी।