Saudi Arabia Weather: सऊदी अरब में मौसम विभाग ने जारी किया रेड अलर्ट, भारी बारिश और बाढ़ का खतरा.

सऊदी अरब में मौसम का मिजाज अचानक से पूरी तरह बदल गया है और नेशनल सेंटर ऑफ मेटियोरोलॉजी यानी NCM ने देश के कई इलाकों के लिए गंभीर चेतावनी जारी की है। अधिकारियों ने शुक्रवार, 28 अगस्त 2026 के लिए अपनी रिपोर्ट में बताया है कि कई बड़े क्षेत्रों में तेज गरज के साथ भारी बारिश होने की पूरी संभावना है। मौसम विभाग की इस चेतावनी के बाद आम लोगों के साथ-साथ वहां काम करने वाले प्रवासियों को भी पूरी सतर्कता बरतने की सलाह दी गई है ताकि किसी भी अनहोनी से बचा जा सके।
किन इलाकों में जारी हुआ रेड और ऑरेंज अलर्ट
मौसम विभाग की ताजा जानकारी के अनुसार, मक्का, अल-बहा और असीर जैसे महत्वपूर्ण क्षेत्रों में स्थिति को देखते हुए चेतावनी का स्तर बढ़ाकर सीधे Red Alert कर दिया गया है क्योंकि यहां बहुत भारी बारिश होने की आशंका जताई गई है। इसके अलावा मदीना क्षेत्र में भी दोपहर 1:00 PM से शाम 9:00 PM के बीच भारी बारिश, बिजली चमकने और विजिबिलिटी कम होने की बात कही गई है। मदीना समेत कई अन्य हिस्सों को फिलहाल Orange Alert पर रखा गया है, जहां मौसम के कभी भी बिगड़ने के आसार बने हुए हैं।
सऊदी अरब के जिन दूसरे इलाकों में बारिश और तेज हवाएं चलने की संभावना है उनमें हैल, तबुक, अल-जौफ, उत्तरी सीमाएं, नंजराने और रियाद तथा पूर्वी क्षेत्रों के दक्षिणी हिस्से शामिल हैं। इन सभी जगहों पर हवा के झोंके और भारी पानी गिरने से अचानक बाढ़ आने का खतरा लगातार बना हुआ है, जिसे स्थानीय भाषा में फ्लैश फ्लड कहा जाता है।
प्रशासन और सिविल डिफेंस की सख्त चेतावनी
इस खतरनाक स्थिति को देखते हुए जनरल डायरेक्टर ऑफ सिविल डिफेंस ने एक जरूरी पब्लिक एडवाइजरी जारी की है जिसमें सभी नागरिकों और वहां रह रहे प्रवासियों से बहुत ज्यादा सावधानी बरतने की अपील की गई है। सरकार की तरफ से साफ निर्देश दिए गए हैं कि लोग किसी भी हाल में घाटियों, पानी भरने वाली जगहों और अचानक बाढ़ आने के संभावित इलाकों के पास बिल्कुल न जाएं। इसके अलावा समुद्र या पानी से जुड़ी गतिविधियों जैसे कि तैराकी आदि से पूरी तरह दूर रहने को कहा गया है ताकि किसी की जान जोखिम में न पड़े। इस बारे में अधिक जानकारी Saudi Government Portal पर देखी जा सकती है।
समुद्र में ऊंची लहरें और हवाओं की रफ्तार
मौसम विभाग के आंकड़ों के मुताबिक, लाल सागर यानी Red Sea के ऊपर सतही हवाएं 10 से 32 किमी प्रति घंटा की रफ्तार से चलेंगी और गरज के साथ बादल बनने पर इनकी गति 50 किमी प्रति घंटा से भी ज्यादा हो सकती है। इन इलाकों में समुद्र की लहरें दो मीटर से भी ऊंची उठ सकती हैं, जो नाविकों और मछुआरों के लिए खतरनाक साबित हो सकती हैं। वहीं दूसरी तरफ, अरब की खाड़ी में रात भर हवाएं 10 से 30 किमी प्रति घंटा की रफ्तार से बदलती रहेंगी। इसके अलावा देर रात और सुबह के वक्त प्रभावित क्षेत्रों में घना कोहरा छाए रहने की भी पूरी संभावना है, जिससे वाहन चालकों को गाड़ी चलाने में परेशानी हो सकती है। इन सभी मौसमी अपडेट्स को NCM Early Warning System पर लगातार अपडेट किया जा रहा है।