Saudi Arabia Red Sea: लाल सागर में बढ़ते तनाव पर भारत की कड़ी आपत्ति, हुती हमलों को बताया अस्वीकार्य.

भारत ने लाल सागर के इलाके में सुरक्षा की स्थिति बिगड़ने पर एक बार फिर गहरी चिंता जताई है और सऊदी अरब के क्षेत्र में हो रहे हमलों की कड़ी निंदा की है। विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में साफ किया कि ये हमले क्षेत्रीय सुरक्षा को कमजोर करते हैं और महत्वपूर्ण अंतरराष्ट्रीय समुद्री मार्गों पर नौवहन की स्वतंत्रता को खतरे में डालते हैं। भारत सरकार ने इन सभी घटनाओं को पूरी तरह से अस्वीकार्य बताया है और उम्मीद जताई है कि इस युद्धग्रस्त क्षेत्र में जल्द से जल्द शांति और स्थिरता बहाल होगी।
सऊदी अरब के नागरिक ठिकानों पर हमले
विदेश मंत्रालय के मुताबिक, सऊदी अरब की संप्रभु भूमि पर नागरिकों और आर्थिक संपत्तियों को निशाना बनाकर किए जा रहे हमले बिल्कुल भी ठीक नहीं हैं। भारत ने मक्का शहर पर हुए असफल हमले के बाद जारी किए गए बयानों का भी जिक्र किया। अधिकारियों का कहना है कि इस तरह की गतिविधियां न केवल क्षेत्रीय शांति को नुकसान पहुंचाती हैं बल्कि बाब अल-मदब जलडमरूमध्य से होने वाले व्यापार और जहाजों की आवाजाही को भी बुरी तरह प्रभावित करती हैं। इस क्षेत्र में लगातार बढ़ते संघर्ष के कारण हालात काफी तनावपूर्ण बने हुए हैं।
उत्तराखंड के नागरिक की मुश्किल स्थिति
लाल सागर के तनाव के बीच विदेश मंत्रालय ने विदेशों में रहने वाले भारतीय नागरिकों की सुरक्षा और भलाई के प्रति अपनी प्रतिबद्धता को दोहराया है। उत्तराखंड के टिहरी गढ़वाल के रहने वाले इंद्रमणि नौटियाल का मामला सामने आया है जो इस समय सऊदी अरब में बेहद कठिन परिस्थिति का सामना कर रहे हैं। वह 2018 में रोजगार की तलाश में सऊदी अरब गए थे और रियाद में एक कंपनी में ट्रक ड्राइवर के रूप में काम कर रहे थे। एक सड़क दुर्घटना के बाद उनकी कंपनी पर 2.29 करोड़ रुपये का भारी जुर्माना लगाया गया था, जिसे कंपनी ने नहीं चुकाया।
इस जुर्माने के भुगतान न होने के कारण इंद्रमणि नौटियाल को कथित तौर पर बंधक जैसी स्थिति में रखा गया है और उन्हें लगातार मानसिक व आर्थिक परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने इस मामले में विदेश मंत्री एस जयशंकर को पत्र लिखकर उनकी सुरक्षित वापसी और कानूनी सहायता की मांग की थी। विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता ने कहा कि भारतीय दूतावास वहां की स्थानीय सरकार के लगातार संपर्क में है और नागरिकों के हितों की रक्षा के लिए हरसंभव प्रयास किए जा रहे हैं।
क्षेत्रीय संघर्ष और अंतरराष्ट्रीय प्रतिक्रिया
पश्चिम एशिया में चल रहे इस संघर्ष के दायरे में यमन और सऊदी अरब के बीच तनाव लगातार बढ़ता जा रहा है। हाल ही में अमेरिका ने सऊदी अरब के लिए यात्रा सलाह जारी की है और यमन सीमा के पास के इलाकों को लेकर चेतावनी दी है। दूसरी ओर, सऊदी अरब की वायु रक्षा प्रणाली ने मक्का के दक्षिण में हती विद्रोहियों द्वारा दागे गए एक ड्रोन को हवा में ही नष्ट कर दिया। हालांकि, यमन के हती आंदोलन ने सऊदी अरब के इन दावों को पूरी तरह से खारिज कर दिया है और इसे झूठ बताया है। हती प्रवक्ताओं का कहना है कि उनके सैन्य अभियान केवल सैन्य अड्डों और तेल सुविधाओं को ध्यान में रखकर किए जाते हैं, जिनका धार्मिक स्थलों से कोई लेना-देना नहीं है।