Saudi Arabia Wholesale Price Index: सऊदी अरब में थोक महंगाई दर में हुई बढ़ोतरी, अगस्त 2026 में सामने आया बड़ा आंकड़ा.

सऊदी अरब से एक बड़ी आर्थिक खबर सामने आई है, जहां अगस्त 2026 के महीने में देश की थोक महंगाई दर यानी होलसेल प्राइस इंडेक्स (WPI) में बड़ा बदलाव दर्ज किया गया है। सरकारी आंकड़ों के मुताबिक इस दौरान थोक महंगाई दर 4.6 प्रतिशत सालाना आधार पर बढ़ गई है। जनरल अथॉरिटी फॉर स्टैटिस्टिक्स यानी GASTAT की तरफ से जारी की गई ताजा रिपोर्ट में यह बात सामने आई है कि बाजार में सामानों के दाम किस तरह से ऊपर नीचे हुए हैं। इस पूरी रिपोर्ट को देखकर आम आदमी से लेकर बाजार में काम करने वाले व्यापारियों तक के लिए यह समझना जरूरी है कि किन चीजों के दाम बढ़े हैं और किस सेक्टर में राहत मिली है।
किन चीजों की कीमतों में आया सबसे ज्यादा उछाल
सऊदी अरब के थोक बाजार में इस साल अगस्त के महीने में कई अहम चीजों के दाम बहुत ज्यादा ऊपर चले गए हैं। रिपोर्ट बताती है कि इस सालाना बढ़ोतरी के पीछे सबसे बड़ा हाथ अन्य परिवहन योग्य वस्तुओं का है, जिनकी कीमतों में 8.2 प्रतिशत की तेजी आई है। इसके अलावा मेटल प्रोडक्ट्स, मशीनरी और उपकरणों की कीमतों में 2.2 प्रतिशत की बढ़ोतरी दर्ज की गई है। अगर बेसिक केमिकल की बात करें तो इसमें बहुत बड़ा भूचाल देखने को मिला है और इसके दाम सालाना आधार पर 51.4 प्रतिशत तक महंगे हो गए हैं। मेटल सेक्टर के भीतर बेसिक मेटल की कीमतें 5.4 प्रतिशत और गढ़ी हुई धातु यानी फेब्रिकेटेड मेटल प्रोडक्ट्स की कीमतें 10.5 प्रतिशत तक बढ़ गई हैं।
खेती और मछली पालन से जुड़े उत्पादों की बात करें तो इसमें भी 4.8 प्रतिशत की सालाना तेजी आई है, जिसमें अकेले कृषि उत्पादों के दाम 9 प्रतिशत तक ऊपर चढ़े हैं। हालांकि इस दौरान कुछ चीजों में राहत भी देखने को मिली है जैसे कि अयस्क और खनिजों यानी ओर्स एंड मिनरल्स की कीमतों में 1.8 प्रतिशत की गिरावट आई है और पत्थर तथा रेत के दामों में भी इसके बराबर ही कमी दर्ज की गई है। खाने-पीने की चीजों, पेय पदार्थों, तंबाकू और टेक्सटाइल यानी कपड़ों के दाम अगस्त के महीने में पूरी तरह से स्थिर बने रहे और उनमें कोई खास बदलाव देखने को नहीं मिला है।
मासिक आधार पर कीमतों में क्या रहा हाल
अगर पिछले महीने यानी जुलाई के मुकाबले तुलना की जाए तो अगस्त में थोक मूल्य सूचकांक में 0.2 प्रतिशत की हल्की गिरावट देखने को मिली है। अन्य परिवहन योग्य वस्तुओं के दाम इस दौरान 1 प्रतिशत नीचे आए हैं, जिसकी मुख्य वजह बेसिक केमिकल के दामों में 6.2 प्रतिशत की गिरावट और कांच तथा गैर-धातु उत्पादों के दामों में 0.5 प्रतिशत की कमी होना है। खेती और मछली पालन से जुड़ी चीजों के दाम महीने के हिसाब से 1.5 प्रतिशत कम हुए हैं, जिसमें मुख्य रूप से जीवित पशुओं और पशु उत्पादों के दामों में 8.5 प्रतिशत की गिरावट आई है। अयस्क और खनिजों के दाम भी मासिक आधार पर 2 प्रतिशत नीचे आए हैं क्योंकि पत्थर और रेत की कीमतों में भी इसी अनुपात में कमी दर्ज की गई है।
दूसरी तरफ मेटल प्रोडक्ट्स, मशीनरी और उपकरणों के मासिक दामों में 0.8 प्रतिशत की बढ़ोतरी हुई है, जिसे फेब्रिकेटेड मेटल प्रोडक्ट्स के दामों में आई 8.6 प्रतिशत की तेजी से काफी सहारा मिला है। इसके अलावा खाने-पीने की चीजों, पेय पदार्थों, तंबाकू और कपड़ों के दामों में महीने के आधार पर 0.6 प्रतिशत की तेजी दर्ज की गई है। इस श्रेणी में मांस, मछली, फल, सब्जियां, तेल और वसा के दामों में 2.6 प्रतिशत की बढ़ोतरी हुई है, जबकि डेयरी उत्पाद यानी दूध और उससे बनी चीजें 0.3 प्रतिशत तक महंगी हुई हैं। इस तरह के उतार-चढ़ाव से बाजार में कारोबार करने वाले लोगों को अपनी रणनीति बनाने में मदद मिलती है ताकि वे आने वाले समय में अपने खर्चों का हिसाब लगा सकें।