सऊदी में फिर बड़े हमले से 80 लोग घायल, यमन ने कहा 11 की हो चुकी सऊदी में मौत भी,

मंगलवार, 8 सितंबर 2026 की सुबह यमन के ईरान-समर्थित हूती विद्रोहियों ने सऊदी अरब के दक्षिणी इलाकों अब्हा, खमीस मुशैत, ज़िज़ान और नजरान पर दर्जनों ड्रोन और बैलिस्टिक मिसाइलों से हमला किया। सऊदी विदेश मंत्रालय और गठबंधन के प्रवक्ता के अनुसार इस हमले में 73 नागरिक घायल हुए, जिनमें महिलाएं और बच्चे शामिल हैं; कई ऊर्जा/तेल सुविधाओं में आग लगने से कुछ ऑपरेशन अस्थायी रूप से रुक गए। हूतियों ने अब्हा एयरपोर्ट, किंग खालिद एयर बेस और अरामको की सुविधाओं को निशाना बनाने की जिम्मेदारी लेते हुए चेतावनी दी है कि वे सऊदी के भीतर गहरे निशानों पर हमले जारी रखेंगे।
क्या-क्या निशाने बने?
- अब्हा इंटरनेशनल एयरपोर्ट और आसपास के इलाके
- खमीस मुशैत में किंग खालिद एयर बेस
- अरामको की ऊर्जा/तेल सुविधाएं (दक्षिणी सऊदी)
- नागरिक बस्तियों में विस्फोट/आग की घटनाएं (स्थानीय रिपोर्टों के मुताबिक)

जान-माल का नुकसान (सऊदी पक्ष)
सऊदी-नेतृत्व वाले गठबंधन के प्रवक्ता मेजर-जनरल तुर्की अल-मलिकी ने बताया कि 73 लोग घायल हुए; ऊर्जा संयंत्रों में आग लगी और कुछ जगहों पर ऑपरेशन अस्थायी रूप से बंद हुए। सऊदी ने हमलों को "आतंकवादी मिलिशिया का खतरनाक कदम" कहकर जवाबी सैन्य उपायों की चेतावनी दी है।
हूतियों का नया ऐलान: 'स्ट्राइक जारी रहेगी'
हूती सैन्य प्रवक्ता ब्रिगेडियर जनरल याह्या सरी ने कहा कि उनके बलों ने दर्जनों बैलिस्टिक मिसाइलें और ड्रोन इस्तेमाल किए और वे सऊदी के भीतर गहरे निशानों पर हमले जारी रखेंगे—खासकर ऊर्जा इंफ्रास्ट्रक्चर, एयरपोर्ट और एयर बेस।
पृष्ठभूमि: तनाव क्यों बढ़ा?
- युद्धविराम का टूटना (जुलाई 2026): 2022 के बाद से लागू युद्धविराम जुलाई में टूट गया, जिसके बाद सीमा पार हमले फिर शुरू हुए।
- लाल सागर ब्लॉकेड और जहाज़ों पर हमले: हूतियों ने जुलाई में सऊदी के खिलाफ समुद्री ब्लॉकेड की घोषणा की और लाल सागर में सऊदी टैंकरों/जहाज़ों पर हमले बढ़ाए।
- क्षेत्रीय गठजोड़: हूती ईरान-समर्थित माने जाते हैं; क्षेत्र में ईरान-सऊदी प्रतिद्वंदिता और हाल के महीनों में अमेरिका-इज़राइल-ईरान तनाव का साया भी यमन फ्रंट पर पड़ता रहा है।
- तत्काल बहाना (हूती दावा): हमलों से ठीक पहले हूतियों ने आरोप लगाया कि सऊदी ने यमन के अल-हज़म (जौफ़ प्रांत) में एक जेल/डिटेंशन सुविधा पर बमबारी की, जिसमें कई मारे गए। सऊदी ने इस पर तत्काल टिप्पणी नहीं की।
यमन पक्ष पर दावा किए गए नुकसान
हूती टीवी चैनल अल-मसीराह और स्थानीय नागरिक सुरक्षा अधिकारियों के हवाले से खबरें आईं कि अल-हज़म में जेल पर हमले में 11 लोग मारे और 20 लापता बताए गए; कुछ अन्य रिपोर्टों में 7 मौतें (6 कैदी + 1 बच्चा) और 7 घायल का जिक्र है। ये आंकड़े अभी तक स्वतंत्र रूप से पुष्ट नहीं हैं।
ऊर्जा बाज़ार और सुरक्षा पर असर
- तेल बाज़ार: सऊदी अरमको सुविधाओं पर हमले की खबरों के बाद तेल की कीमतों में उछाल देखा गया, क्योंकि सऊदी दुनिया का शीर्ष तेल निर्यातक है और दक्षिणी सुविधाओं में रुकावट से आपूर्ति जोखिम की आशंका बढ़ती है।
- सुरक्षा स्थिति: गठबंधन ने चेतावनी दी है कि हूती हमले नागरिक और आर्थिक ठिकानों को निशाना बना रहे हैं, जो अंतरराष्ट्रीय मानवाधिकार कानून के उल्लंघन की श्रेणी में आ सकते हैं।
आगे क्या संभव?
- सऊदी/गठबंधन की जवाबी कार्रवाई: बयानों की भाषा से साफ है कि सऊदी-समर्थित गठबंधन हूती ठिकानों पर एयर स्ट्राइक/मिसाइल जवाब दे सकता है, खासकर यदि हमले दोबारा होते हैं।
- यमन के भीतर लड़ाई तेज़: ताइज़ और हुदैदा जैसे प्रांतों में पहले से ही झड़पें बढ़ी हैं; हजारों लोग विस्थापित हुए हैं। नई escalations से मानवीय संकट गहरा सकता है।