Saudi Arabia Alert: सऊदी अरब ने दक्षिण-पश्चिम क्षेत्रों से हटाई इमरजेंसी चेतावनी, खतरा टला.

सऊदी अरब के अधिकारियों ने सोमवार, 14 सितंबर 2026 को देश के दक्षिण-पश्चिम शहरों से इमरजेंसी वार्निंग यानी आपातकालीन चेतावनियों को हटा लिया है। सऊदी सिविल डिफेंस ने नജ്रान, खमीस मुशैत, जाज़ान और आभा जैसे प्रमुख शहरों के लिए 'ऑल-क्लियर' नोटिस जारी कर दिया है। इस कदम के बाद वहां रहने वाले आम लोगों और काम के सिलसिले में गए प्रवासियों ने बड़ी राहत की सांस ली है, क्योंकि पिछले कुछ दिनों से लगातार खतरे के साए में जिंदगी चल रही थी।
कहाँ और कब जारी हुई थीं चेतावनियाँ
सऊदी सिविल डिफेंस की तरफ से यह चेतावनी हाल के दिनों में दूसरी बार जारी की गई थी और अब इसे वापस ले लिया गया है। इससे पहले, 13 सितंबर 2026 को आभा और खमीस मुशैत में अलर्ट एक्टिव किए गए थे। वहीं, उससे पहले 10 और 11 सितंबर 2026 को शरूरा, ताइफ और खमीस मुशैत के इलाकों में भी ऐसी ही सूचनाएं दी गई थीं। सरकार ने इन सभी सूचनाओं को देश के नेशनल अर्ली वार्निंग प्लेटफॉर्म फॉर इमरजेंसीज के जरिए लोगों तक पहुंचाया था, ताकि वक्त रहते हर कोई सतर्क हो सके।
सुरक्षा से जुड़े कड़े नियम और निर्देश
अलर्ट के इन सभी पीरियड के दौरान सऊदी सिविल डिफेंस ने स्थानीय नागरिकों और वहां रहने वाले प्रवासियों से सुरक्षा के नियमों का पूरी तरह पालन करने की अपील की थी। प्रशासन ने साफ तौर पर कहा था कि लोग सार्वजनिक जगहों पर भीड़ इकट्ठा न करें और किसी भी घटना या दुर्घटना वाली जगह का वीडियो बनाने से पूरी तरह बचें। हालांकि आधिकारिक नोटिस में यह तो बता दिया गया था कि अब खतरा टल गया है, लेकिन अधिकारियों ने इस बात की कोई खास जानकारी नहीं दी कि असल खतरा किस तरह का था या 13 सितंबर को आए अलर्ट के दौरान किसी तरह का नुकसान हुआ या नहीं।
यमन के हूती विद्रोहियों से जुड़ी है सुरक्षा
सऊदी अरब में उठाए गए ये सुरक्षा कदम सीधे तौर पर यमन के ईरान समर्थित हूती विद्रोहियों के हमलों से जुड़े हैं। जब से हूती विद्रोहियों ने जुलाई 2026 में रियाद के खिलाफ नौकायन और समुद्री नाकाबंदी का ऐलान किया है, तब से सीमा पार से होने वाले हमलों में काफी तेजी आई है। क्षेत्रीय सुरक्षा की स्थिति उस समय और ज्यादा गंभीर हो गई जब यमन के अंदर चल रहे संघर्ष के बीच हूती सेना ने बाब अल-मदब जलडमरूमध्य के पास के रणनीतिक इलाकों पर कब्जा कर लिया, जिसमें हेज और अल-खवाखह जैसे शहर शामिल हैं। इसके साथ ही, यमन के ताइज, अल-जौफ और अल-बायदा प्रांतों में भी लगातार भारी लड़ाई जारी है, जहां हूती ठिकानों को निशाना बनाकर अक्सर हवाई हमले किए जाते हैं।