सऊदी गठबंधन ने रियाद और दक्षिणी इलाकों की तरफ आ रहे चार विस्फोटक ड्रोनों को मार गिराया
सऊदी गठबंधन ने रियाद और अन्य इलाकों की ओर आ रहे चार विस्फोटक ड्रोनों को नष्ट किया। लाल सागर में मिसाइलें भी रोकी गईं।

रियाद: सऊदी नेतृत्व वाले गठबंधन ने पिछले कुछ घंटों के दौरान सऊदी अरब की ओर भेजे गए चार विस्फोटक ड्रोनों को सफलतापूर्वक मार गिराया है। आधिकारिक जानकारी के मुताबिक ये ड्रोन रियाद, पूर्वी और दक्षिणी क्षेत्रों को निशाना बनाकर भेजे गए थे, जिन्हें हवा में ही नष्ट कर दिया गया।
क्षेत्र में सैन्य गतिविधियां लगातार बढ़ रही हैं। इससे पहले 16 अक्टूबर 2026 को गठबंधन ने लाल सागर के ऊपर दो क्रूज मिसाइलों और पश्चिमी शहर यनबू की तरफ आ रही एक बैलिस्टिक मिसाइल को रोका था।
इन हमलों से ठीक एक दिन पहले मदीना क्षेत्र को निशाना बनाने वाली एक क्रूज मिसाइल को भी रोका गया था। हालांकि, हूती विद्रोही समूह के सैन्य प्रवक्ता याह्या सारी ने इस हमले की जिम्मेदारी से इनकार किया है।
ईरान समर्थित हूती विद्रोही अक्सर सऊदी अरब के अहम बुनियादी ढांचों पर हमले करते रहे हैं। उन्होंने रियाद, अबहा और दम्माम के हवाई अड्डों के साथ-साथ मदीना के एक पावर स्टेशन को भी निशाना बनाया है। इन हमलों में अब तक 19 लोगों की मौत और 360 से ज्यादा लोग घायल हो चुके हैं।
इन हमलों के बाद संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद ने 17 अक्टूबर 2026 को एक राष्ट्रपति वक्तव्य जारी कर हूती हमलों की निंदा की है। परिषद ने हथियार हासिल करने से रोकने के लिए सुरक्षा परिषद के प्रस्ताव 2216 (2015) को पूरी तरह लागू करने की अपील की है।
सऊदी आंतरिक मंत्रालय ने राष्ट्रीय सुरक्षा का हवाला देते हुए जनता को चेतावनी दी है कि वे इंटरसेप्शन साइट्स (जहां ड्रोन गिराए गए) की वीडियो न बनाएं और न ही उन्हें सोशल मीडिया पर शेयर करें।
यूरोपीय संघ सहित विमानन अधिकारियों ने जेद्दा फ्लाइट इंफॉर्मेशन रीजन को लेकर चेतावनी जारी रखी है। उन्होंने बताया कि मलबे और एयर-डिफेंस गतिविधियों के कारण नागरिक विमानों को खतरा हो सकता है।