सऊदी अरब के दक्षिणी इलाके की तरफ बढ़ रहे हूती मिलिशिया के ड्रोन को गठबंधन सेना ने मार गिराया
सऊदी नेतृत्व वाले गठबंधन ने दक्षिणी क्षेत्र और मदीना की ओर भेजे गए हूती ड्रोन को मार गिराया। ब्रिटेन और अमेरिका सुरक्षा बढ़ा रहे हैं।

रियाद: सऊदी अरब के नेतृत्व वाले गठबंधन ने यमन के हूती मिलिशिया द्वारा दक्षिणी क्षेत्र की ओर भेजे गए ड्रोन को बीच रास्ते में ही रोककर नष्ट कर दिया है। गठबंधन के प्रवक्ता मेजर जनरल तुर्की अल-मलिकी ने इसकी पुष्टि करते हुए बताया कि मिलिशिया लगातार सऊदी बुनियादी ढांचे को निशाना बना रही है, जिसके जवाब में यह रक्षात्मक कार्रवाई की गई।
इसी दौरान गठबंधन सेना ने मदीना और पूर्वी प्रांत की ओर भेजे गए पांच अन्य ड्रोन को भी मार गिराने की जानकारी दी है। हालांकि, हूती सैन्य प्रवक्ता याह्या सारे ने मदीना की तरफ ड्रोन भेजने की बात से इनकार किया है।
सारे ने दावा किया कि हूती बलों ने बुधवार को अदन के बद्र कैंप में स्थित गठबंधन के सैन्य ऑपरेशन रूम पर बैलिस्टिक मिसाइल से हमला किया। मिलिशिया ने अल मुकल्ला के अल रय्यान हवाई अड्डे पर एक सैन्य अड्डे को निशाना बनाने का भी आरोप लगाया है। उनका कहना है कि सऊदी सेना इस सुविधा का इस्तेमाल हथियारों और उपकरणों की ढुलाई के लिए कर रही है।
साल 2022 में संयुक्त राष्ट्र द्वारा कराए गए युद्धविराम के खत्म होने के बाद से क्षेत्रीय तनाव बढ़ गया है। हूती मिलिशिया अब तेजी से सऊदी हवाई अड्डों और ऊर्जा प्रतिष्ठानों को निशाना बना रही है।
इस खतरे को देखते हुए अंतरराष्ट्रीय सहयोग बढ़ाया गया है। ब्रिटेन ने सऊदी शहरों की रक्षा के लिए रॉयल एयर फोर्स के टाइफून फाइटर्स तैनात करने की योजना बनाई है। वहीं फ्रांस और अमेरिका ने भी महत्वपूर्ण बुनियादी ढांचे की सुरक्षा के लिए सैन्य और लॉजिस्टिक सहायता देने की प्रतिबद्धता दोहराई है।
विद्रोह से निपटने के लिए एक अन्य कदम उठाते हुए यमन के केंद्रीय बैंक ने हूती आंदोलन से जुड़े 135 व्यक्तियों और संस्थाओं के खातों और संपत्तियों को फ्रीज करने का आदेश दिया है।