Saudi Nazaha: सऊदी अरब ने भ्रष्टाचार के खिलाफ उठाया बड़ा कदम, UNODC प्रमुख के साथ हुई अहम बैठक

सऊदी अरब की भ्रष्टाचार विरोधी एजेंसी Nazaha के अध्यक्ष माजेन बिन इब्राहिम अल-काहमौस ने ऑस्ट्रिया की राजधानी वियना में संयुक्त राष्ट्र मुख्यालय का दौरा किया। इस दौरान उन्होंने संयुक्त राष्ट्र कार्यालय (UNODC) की कार्यकारी निदेशक डॉ. मोनिका जुमा के साथ एक उच्च स्तरीय बैठक की। यह बैठक बुधवार, 2 सितंबर 2026 को आयोजित की गई थी, जिसमें वैश्विक स्तर पर पारदर्शिता बढ़ाने और भ्रष्टाचार को खत्म करने के लिए अंतरराष्ट्रीय सहयोग को और मजबूत करने पर विस्तार से चर्चा की गई।
अंतरराष्ट्रीय सहयोग और तकनीकी विशेषज्ञता का आदान-प्रदान
दोनों अधिकारियों के बीच हुई इस महत्वपूर्ण चर्चा का मुख्य उद्देश्य देशों के बीच तकनीकी विशेषज्ञता का आदान-प्रदान करना था। इसके साथ ही, संयुक्त कार्यक्रमों और पहलों के माध्यम से आपसी साझेदारी को बढ़ावा देने पर भी सहमति बनी। बैठक के दौरान ग्लोबल ऑपरेशनल नेटवर्क ऑफ एंटी-कप्शन लॉ एनफोर्समेंट अथॉरिटीज यानी GlobE Network की प्रगति और उसके अब तक के अपडेट्स पर भी विशेष रूप से बातचीत की गई। इस नेटवर्क के जरिए दुनिया भर की कानून प्रवर्तन एजेंसियां आपस में मिलकर काम करती हैं ताकि वित्तीय अपराधों और भ्रष्टाचार पर लगाम लगाई जा सके।
सऊदी अधिकारियों की उच्च स्तरीय उपस्थिति
इस अहम बैठक में सऊदी अरब के प्रतिनिधिमंडल ने सक्रिय रूप से हिस्सा लिया। माजेन बिन इब्राहिम अल-काहमौस के साथ इस दौरे पर ऑस्ट्रिया गणराज्य में सऊदी अरब के राजदूत और वियना में अंतरराष्ट्रीय संगठनों के स्थायी प्रतिनिधि डॉ. अब्दुल्ला बिन खालिद तुला भी मौजूद थे। इसके अलावा, अंतर्राष्ट्रीय सहयोग के लिए Nazaha के अंडरसेक्रेटरी और GlobE Network के प्रमुख डॉ. नासर बिन अहमद आबा अल-खैल भी इस उच्च स्तरीय प्रतिनिधिमंडल का हिस्सा थे।
Nazaha की तरफ से जारी किए गए आधिकारिक बयान के मुताबिक, इस बैठक में आपसी हित से जुड़े कई अन्य विषयों पर भी विचार-विमर्श किया गया। यह मुलाकात इस बात का स्पष्ट उदाहरण है कि सऊदी अरब दुनिया भर में भ्रष्टाचार के खिलाफ लड़ाई में अंतरराष्ट्रीय प्रयासों को तेज करने के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है। देश ग्लोबल नीतियों के विकास में अपनी अहम भूमिका निभा रहा है ताकि वैश्विक स्तर पर पारदर्शिता और जवाबदेही के उपायों को और अधिक मजबूत किया जा सके। इस तरह के आयोजनों से न केवल प्रशासनिक कार्यप्रणाली बेहतर होती है बल्कि वैश्विक निवेशकों और प्रवासियों के बीच भी एक साफ-सुथरा और भरोसेमंद माहौल बनता है।