सऊदी अरब: 69 प्रशासनिक पदों पर 100% सऊदीकरण लागू, ग्रेस पीरियड खत्म
सऊदी अरब में 69 प्रशासनिक पेशों पर 100% सऊदीकरण पूरी तरह लागू। ग्रेस अवधि खत्म होते ही जांच शुरू, प्रवासी कामगारों के इकामा पर असर।

सऊदी अरब: सऊदी अरब में मानव संसाधन और सामाजिक विकास मंत्रालय (MHRSD) ने साफ कर दिया है कि 69 प्रशासनिक सहायक पेशों में 100% सऊदीकरण का नियम अब पूरी तरह लागू हो चुका है। इसका मतलब है कि इन पदों पर अब केवल सऊदी नागरिक ही रखे जाएंगे, और जिन कंपनियों ने यह नियम नहीं माना, उन पर कार्रवाई हो सकती है।
इस फैसले की शुरुआत मंत्रालय के मंत्रीस्तरीय आदेश संख्या 132249 से हुई, जो अप्रैल 2026 में जारी हुआ था। पहले चरण में 69 में से 19 पद तुरंत सऊदीकरण के दायरे में आ गए थे। इनमें एचआर क्लर्क, डेटा एंट्री ऑपरेटर, सचिव, कार्यकारी सचिव, अनुवादक और होटल व मेडिकल सुविधाओं के रिसेप्शनिस्ट जैसे पद शामिल हैं।
बाकी 50 पदों के लिए ग्रेस पीरियड कब खत्म हुआ
बाकी 50 पदों को संक्रमण काल यानी ग्रेस पीरियड दिया गया था, जो 4 और 5 अक्टूबर 2026 के बीच खत्म हो गया। इन पदों में प्रशासनिक सहायक, शिपिंग क्लर्क, सरकारी संबंध क्लर्क, जनसंपर्क विशेषज्ञ और मानव संसाधन प्रबंधन से जुड़े कई पद आते हैं। इसके अलावा टाइपिस्ट, कैशियर, स्टोरकीपर, रिकॉर्ड क्लर्क और सुरक्षा से जुड़े सहायक कर्मचारी भी इसी नियम के दायरे में हैं।
अब सरकारी निरीक्षण टीमें पूरे देश में जांच कर रही हैं। मंत्रालय कॉमन प्लेटफॉर्म क़िवा (Qiwa) के जरिए निताकत (Nitaqat) अनुपालन और व्यवसाय कोड की जांच कर रहा है।
सबसे बड़ा असर विदेशी कामगारों पर पड़ेगा। नियम के मुताबिक, जो प्रवासी इन पदों पर काम कर रहे हैं, उनके इकामा (वर्क परमिट) का नवीकरण अब नहीं किया जाएगा। नियम न मानने वाली फर्मों पर प्रशासनिक जुर्माने और वीज़ा पर रोक जैसी सख्त कार्रवाई हो सकती है। भारत, पाकिस्तान और फिलीपींस जैसे देशों के कई कामगारों को या तो तकनीकी या कुशल पेशों में जाना होगा, या फिर देश में बने रहने के लिए नई नौकरी तलाशनी होगी।
सरकार इन कदमों को सऊदी विज़न 2030 की उस रणनीति का हिस्सा बता रही है, जिसका मकसद निजी क्षेत्र में सऊदी नागरिकों की भागीदारी बढ़ाना है।