सऊदी अरब में यमनी नागरिकों का स्टेटस अब ऑनलाइन सुधरेगा, जानिए पूरी प्रक्रिया
सऊदी अरब ने यमनी नागरिकों के लिए रेज़िडेंसी स्टेटस ठीक करने की प्रक्रिया बताई है। कई मामलों में सब कुछ ऑनलाइन होगा, जानिए किसे क्या करना होगा।

रियाद: सऊदी अधिकारियों ने यमनी नागरिकों के लिए देश में अपना निवास दर्जा (रेज़िडेंसी स्टेटस) ठीक कराने की शर्तें साफ कर दी हैं। खास बात यह है कि ज़्यादातर मामलों में अब सरकारी दफ़्तर के चक्कर लगाने की ज़रूरत नहीं पड़ेगी। सब कुछ डिजिटल प्लेटफॉर्म के ज़रिए पूरा किया जा सकेगा, बशर्ते दस्तावेज़ सही हों।
जिन यमनी नागरिकों की रेज़िडेंसी की मियाद खत्म हो चुकी है, या जो काम से गैरहाज़िर पाए गए हैं, उनके लिए एक शर्त सबसे अहम है। उन्हें वैध यमनी पासपोर्ट और मेडिकल जांच दोनों की ज़रूरत होगी। इसके बाद स्टेटस सुधार का काम इलेक्ट्रॉनिक तरीके से किया जा सकेगा। इसके लिए गृह मंत्रालय और मानव संसाधन एवं सामाजिक विकास मंत्रालय के प्लेटफॉर्म इस्तेमाल होंगे। प्रोफेशनल काम करने वालों के लिए कियवा (Qiwa) और घरेलू कामगारों के लिए मुसानेद (Musaned) का उपयोग होगा, जबकि अबशर (Absher) सेवा सभी के लिए केंद्र में रहेगी।
वीज़ा और बायोमेट्रिक डेटा से जुड़े नियम
जिन यमनी नागरिकों के विज़िटर आईडी या किसी भी तरह के विज़िटर वीज़ा की मियाद खत्म हो चुकी है, लेकिन उनका बायोमेट्रिक डेटा पहले से सऊदी सिस्टम में दर्ज है, उनके लिए राहत भरी खबर है। ऐसे लोगों का वीज़ा सिस्टम में अपने-आप छह महीने के लिए बढ़ा दिया जाएगा। इसके लिए पासपोर्ट विभाग जाने की ज़रूरत नहीं है, बस शर्त इतनी है कि व्यक्ति के पास वैध पासपोर्ट हो।
लेकिन जिन लोगों के पास वैध यमनी दस्तावेज़ या पासपोर्ट नहीं है, उनके लिए रास्ता थोड़ा अलग है। ऐसे व्यक्ति को अबशर प्लेटफॉर्म पर जाकर सुधार केंद्र चुनना होगा और वहां की अपॉइंटमेंट बुक करनी होगी। तय समय और तय जगह पर खुद हाज़िर होना अनिवार्य है। वहां पहुंचते समय यमनी राष्ट्रीयता साबित करने वाले दस्तावेज़ साथ रखने होंगे। इनमें पासपोर्ट के अलावा दूतावास द्वारा जारी किया गया यात्रा दस्तावेज़ भी शामिल हो सकता है।
कुल मिलाकर संदेश साफ है। जिनके कागज़ पूरे हैं, उनका काम घर बैठे हो सकता है। जिनके पास कागज़ अधूरे हैं, उन्हें पहले दस्तावेज़ ठीक करने और फिर तय समय पर केंद्र पहुंचने की तैयारी करनी होगी। किसी भी स्थिति में सबसे ज़रूरी है कि पासपोर्ट और मेडिकल जांच जैसी बुनियादी शर्तें पहले से पूरी रखी जाएं।