SCO शिखर सम्मेलन में 28 ऐतिहासिक समझौतों पर लगी मुहर, एआई और ऊर्जा सुरक्षा पर बनी खास सहमति

शंघाई सहयोग संगठन यानी SCO के नेताओं ने किर्गिस्तान की राजधानी बिश्केक में एक बड़े शिखर सम्मेलन के बाद कुल 28 दस्तावेजों पर औपचारिक रूप से हस्ताक्षर किए हैं। इस उच्चस्तरीय बैठक में भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग, रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन और ईरान के राष्ट्रपति मसूद पेज़ेश्कियान समेत दुनिया के कई बड़े नेता शामिल हुए। किर्गिस्तान के राष्ट्रपति सादिर जापारोव की अध्यक्षता में हुए इस आयोजन के दौरान यूरेशियाई कूटनीति से जुड़े कई अहम मुद्दों पर लंबी चर्चा की गई और भविष्य की रणनीतियों को तय किया गया।
बिश्केक घोषणापत्र और संगठन के 25 साल पूरे
इस सम्मेलन का सबसे बड़ा आकर्षण 'बिश्केक घोषणापत्र' रहा, जिस पर सभी नेताओं ने अपनी मुहर लगाई। यह दस्तावेज संगठन के अस्तित्व के 25 साल पूरे होने और आने वाले समय में काम करने की दिशा तय करने के लिए तैयार किया गया था। नेताओं ने संगठन के प्रशासनिक ढांचे को आधुनिक बनाने के लिए साल 2002 के एससीओ घोषणा पत्र में जरूरी संशोधनों को भी अपनी मंजूरी दे दी है। इसके अलावा, सदस्य देशों के प्रतिनिधियों ने साल 2030 तक सिंथेटिक ड्रग्स और उनके अवैध कारोबार के खिलाफ सख्त कार्रवाई करने के लिए एक व्यापक कार्यक्रम पर आपसी सहमति जताई है।
पर्यटन और सांस्कृतिक राजधानी बना लाहौर
सम्मेलन में लिए गए फैसलों के तहत पाकिस्तान के शहर लाहौर को वर्ष 2026-27 के लिए एससीओ की आधिकारिक पर्यटन एवं सांस्कृतिक राजधानी घोषित किया गया है। इसके साथ ही परमाणु और भौतिक सुरक्षा के क्षेत्र में आपसी सहयोग को और अधिक मजबूत करने के लिए एक बहुपक्षीय घोषणा पर भी हस्ताक्षर किए गए। साइबर खतरों से निपटने के लिए सदस्य देशों ने साल 2026 से 2028 के बीच अंतरराष्ट्रीय सूचना सुरक्षा सुनिश्चित करने के वास्ते एक विशेष कार्ययोजना तैयार की है, जो आज के समय में बढ़ती डिजिटल चुनौतियों से निपटने में मददगार साबित होगी।
कृत्रिम बुद्धिमत्ता और आपातकालीन सहायता पर जोर
बैठक में क्षेत्रीय सुरक्षा को बढ़ावा देने के साथ-साथ कृत्रिम बुद्धिमत्ता यानी AI को आगे बढ़ाने और जलवायु परिवर्तन जैसी गंभीर समस्याओं से निपटने के लिए कई समझौतों को अपनाया गया। इसके अलावा, परिवार संस्था के समर्थन और सुदृढ़ीकरण तथा किसी भी आपात स्थिति से प्रभावित देशों को आपसी सहायता प्रदान करने से जुड़े दो अलग-अलग वक्तव्यों पर भी मुहर लगाई गई। किर्गिस्तान का यह सफल कार्यकाल पूरा होने के बाद अब एससीओ की बारी-बारी से मिलने वाली अगली अध्यक्षता पाकिस्तान को सौंप दी गई है, जो साल 2027 में राष्ट्राध्यक्षों की अगली काउंसिल बैठक की मेजबानी करेगा।