Dubai में स्मृति मंधाना का ऐतिहासिक कारनामा, महिला अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में बनीं सबसे ज्यादा रन बनाने वाली खिलाड़ी.

भारतीय महिला क्रिकेट टीम की स्टार बल्लेबाज स्मृति मंधाना ने दुबई के मैदान पर इतिहास रच दिया है। उन्होंने महिला अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में सबसे ज्यादा रन बनाने का बड़ा रिकॉर्ड अपने नाम कर लिया है। खेल जगत में उनके इस शानदार प्रदर्शन की चर्चा हर तरफ हो रही है और फैंस में काफी खुशी का माहौल है।
दुबई इंटरनेशनल क्रिकेट स्टेडियम में शानदार प्रदर्शन
यह ऐतिहासिक मील का पत्थर 3 सितंबर 2026 को हासिल किया गया। Women's T20 Asia Cup 2026 के तहत दुबई इंटरनेशनल क्रिकेट स्टेडियम में भारत और हांगकांग की महिला टीमों के बीच ग्रुप ए का मुकाबला खेला जा रहा था। इस मैच में मंधाना ने मैदान पर उतरते ही ताबड़तोड़ बल्लेबाजी शुरू कर दी और विरोधी टीम के गेंदबाजों को कोई मौका नहीं दिया।
स्मृति मंधाना ने मात्र 64 गेंदों में 124 रनों की रिकॉर्ड-तोड़ पारी खेली। उनकी इस यादगार पारी में 14 चौके और 7 छक्के शामिल रहे। इस शानदार प्रदर्शन के दम पर उन्होंने श्रीलंका की खिलाड़ी चमारी अटापट्टू के नाबाद 119 रनों के पिछले रिकॉर्ड को पीछे छोड़ दिया। इसके साथ ही वह Women's T20 Asia Cup के इतिहास में सबसे बड़ा व्यक्तिगत स्कोर बनाने वाली बल्लेबाज बन गईं।
मथुराज राज और मेग लैनिंग को पीछे छोड़ा
इस बड़ी पारी के बाद स्मृति मंधाना के अंतरराष्ट्रीय करियर में कुल रनों की संख्या 10,880 हो गई है। उन्होंने भारत की पूर्व दिग्गज खिलाड़ी मिताली राज को पीछे छोड़ते हुए महिला अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में सबसे ज्यादा रन बनाने का रिकॉर्ड अपने नाम कर लिया। इसके अलावा उन्होंने ऑस्ट्रेलिया की दिग्गज खिलाड़ी मेग लैनिंग को भी पीछे छोड़ दिया है और अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में सबसे ज्यादा शतक लगाने का रिकॉर्ड अब अपने नाम कर लिया है।
स्मृति मंधाना की इस धमाकेदार बल्लेबाजी के बूते भारतीय टीम ने निर्धारित ओवरों में 193/5 रनों का मजबूत स्कोर खड़ा किया। इसके जवाब में उतरी हांगकांग की पूरी टीम भारतीय गेंदबाजों के आगे टिक नहीं सकी और मात्र 56 रनों पर ही सिमट गई। भारतीय टीम ने इस मुकाबले को 137 रनों के बड़े अंतर से जीतकर अपने नाम किया।
सेमीफाइनल में भारत की पक्की हुई जगह
इस बड़ी जीत के बाद भारतीय महिला टीम ने टूर्नामेंट के सेमीफाइनल में आधिकारिक तौर पर अपनी जगह पक्की कर ली है। मैदान पर अपनी शानदार सफलता हासिल करने के बाद स्मृति मंधाना ने अपनी इस ऐतिहासिक उपलब्धि को अपने परिवार को समर्पित किया। उनके इस प्रदर्शन से देश का नाम एक बार फिर पूरी दुनिया में रोशन हुआ है और खेल प्रेमी उनकी इस उपलब्धि पर गर्व महसूस कर रहे हैं।