ओमान और फारस की खाड़ी में तनाव बढ़ा, दक्षिण कोरियाई और ईरानी विदेश मंत्री के बीच सुरक्षा को लेकर हुई अहम बातचीत

होरमुज जलडमरूमध्य में सुरक्षा की स्थिति को लेकर 11 सितंबर 2026 को दक्षिण कोरिया के विदेश मंत्री चो ह्यून और ईरान के विदेश मंत्री अब्बास अराक्ची के बीच फोन पर लंबी बातचीत हुई। तेहरान के अनुरोध पर हुई इस बातचीत का मुख्य केंद्र होरमुज जलडमरूमध्य में लगातार बदलता और तनावपूर्ण माहौल था, जो दक्षिण कोरिया के लिए ऊर्जा आपूर्ति का एक बेहद जरूरी रास्ता है। इस महत्वपूर्ण मार्ग से दक्षिण कोरिया के लिए तेल और अन्य जरूरी ऊर्जा संसाधनों का परिवहन होता है, जिस पर देश की बड़ी आबादी और अर्थव्यवस्था की निर्भरता है।
होरमुज जलडमरूमध्य की सुरक्षा पर गहरी चिंता
बातचीत के दौरान दक्षिण कोरियाई विदेश मंत्री चो ह्यून ने क्षेत्र में लगातार बढ़ रही अस्थिरता पर अपनी गहरी चिंता जाहिर की। उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि दक्षिण कोरियाई जहाजों समेत सभी देशों के समुद्री जहाजों के लिए इस रास्ते पर सुरक्षित आवाजाही की पूरी गारंटी दी जानी चाहिए। उन्होंने साफ किया कि सोल ने नौवहन की स्वतंत्रता सुनिश्चित करने के लिए हमेशा अंतरराष्ट्रीय पहलों का समर्थन किया है। इसके जवाब में ईरानी विदेश मंत्रालय ने बताया कि दोनों अधिकारियों ने क्षेत्रीय विकास के मुद्दों पर अपने विचार साझा किए। साथ ही, ईरान ने इस जलमार्ग में किसी भी तरह की बाहरी सैन्य मौजूदगी का हमेशा की तरह कड़ा विरोध किया है। दोनों मंत्रियों ने इस बात पर सहमति जताई कि दोनों देशों के बीच लंबित मुद्दों को सुलझाने के लिए वे द्विपक्षीय और बहुपक्षीय माध्यमों से बातचीत का सिलसिला जारी रखेंगे।
तनाव के बीच दक्षिण कोरिया का बढ़ता कदम
पिछले कुछ दिनों में इस इलाके में तनाव काफी ज्यादा बढ़ गया है। हालात को देखते हुए 10 सितंबर 2026 को दक्षिण कोरिया की एक सरकारी आकलन टीम संयुक्त अरब अमीरात से वापस अपने देश लौटी है। सोल शिपिंग लेन और अपने जहाजों की सुरक्षा के लिए सैन्य उपायों समेत कई विकल्पों पर विचार कर रहा है। इससे पहले हफ्ते की शुरुआत में ईरान ने चेतावनी दी थी कि फारस की खाड़ी या होरमुज जलडमरूमध्य में दक्षिण कोरियाई सेना की किसी भी तरह की मौजूदगी के बहुत गंभीर परिणाम हो सकते हैं। इस चेतावनी के बाद से स्थिति और भी ज्यादा संवेदनशील हो गई है, जिससे वहां काम करने वाले प्रवासियों और समुद्री सफर करने वाले लोगों की चिंताएं बढ़ गई हैं।
समुद्री क्षेत्र में ड्रोन और मिसाइल हमले की घटनाएं
सुरक्षा के हालात को और ज्यादा उलझाने वाली एक अन्य घटना 11 सितंबर 2026 को सामने आई। ईरान के इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स ने दावा किया कि उसने इस जलडमरूमध्य में अमेरिका के एक 'सेलड्रोन-टाइप' मानवरहित पोत के आक्रामक मिशन को नाकाम कर दिया है। इसी समय यूनाइटेड किंगडम मैरीटाइम ट्रेड ऑपरेशंस सेंटर ने जानकारी दी कि ओमान के तट के पास दो जहाजों पर प्रोजेक्टाइल से हमले किए गए हैं। इन लगातार हो रही घटनाओं ने खाड़ी देशों में सुरक्षा व्यवस्था को लेकर बड़े सवाल खड़े कर दिए हैं।
खाड़ी सहयोग परिषद की आगामी बैठक
क्षेत्र में शांति और स्थिरता बनाए रखने के लिए कूटनीतिक प्रयास लगातार जारी हैं। रिपोर्टों के अनुसार, खाड़ी सहयोग परिषद (GCC) के विदेश मंत्री 14 सितंबर को ओमान के सलालाह शहर में ईरानी मंत्री अब्बास अराक्ची के साथ एक अहम बैठक करेंगे। इस बैठक में होरमुज जलडमरूमध्य के जरिए शिपिंग और व्यापारिक जहाजों की आवाजाही को सुरक्षित रखने के उपायों पर चर्चा की जाएगी ताकि आने वाले दिनों में ऊर्जा आपूर्ति और व्यापार पर कोई बुरा असर न पड़े।