अमेरिका, दक्षिण कोरिया और जापान का बड़ा कदम, अगले हफ्ते शुरू होगा त्रिपक्षीय सैन्य अभ्यास

दक्षिण कोरिया, अमेरिका और जापान आने वाले हफ्ते में एक बार फिर बड़ा संयुक्त सैन्य अभ्यास करने जा रहे हैं। इस बात की जानकारी दक्षिण कोरिया के जॉइंट चीफ्स ऑफ स्टाफ (जेसीएस) ने शुक्रवार को दी है। तीनों देशों का यह बहु-क्षेत्रीय सैन्य अभ्यास 7 सितंबर से 11 सितंबर तक दक्षिण कोरिया के दक्षिणी तट के पास अंतरराष्ट्रीय जलक्षेत्र में आयोजित किया जाएगा। इस सैन्य ड्रिल का मुख्य उद्देश्य तीनों देशों की सेनाओं के बीच आपसी तालमेल को बेहतर करना और क्षेत्रीय सुरक्षा को मजबूत बनाना है।
जेजू द्वीप के पास होगा आयोजन
सरकारी समाचार एजेंसी योनहाप ने जेसीएस के हवाले से बताया कि यह पूरा अभ्यास जेजू द्वीप के पूर्व और दक्षिण में स्थित समुद्री क्षेत्र में संपन्न होगा। इस अभ्यास के दौरान तीनों देशों की सेनाएं विभिन्न क्षेत्रों में संयुक्त संचालन और आपसी समन्वय को बढ़ावा देने पर पूरा जोर देंगी। अधिकारियों का कहना है कि यह अभ्यास पूरी तरह से रक्षात्मक प्रकृति का है और इसे हर साल आयोजित किया जाता है। इसका मुख्य मकसद उत्तर कोरिया की तरफ से आने वाले परमाणु और मिसाइल खतरों का मुंहतोड़ जवाब देना और क्षेत्रीय शांति तथा स्थिरता को बनाए रखना है।
यह पूरा घटनाक्रम ऐसे समय पर सामने आया है जब उत्तर कोरिया के लगातार बढ़ते परमाणु और मिसाइल कार्यक्रमों की वजह से अमेरिका, दक्षिण कोरिया और जापान के बीच सुरक्षा से जुड़े मामले में आपसी सहयोग काफी तेजी से बढ़ रहा है। हाल ही में दक्षिण कोरिया और अमेरिका ने अपने द्विपक्षीय ‘उल्ची फ्रीडम शील्ड’ (यूएफएस) सैन्य अभ्यास के दायरे को थोड़ा कम कर दिया था। यह बड़ा फैसला अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के निर्देश के बाद लिया गया था, जिसे उत्तर कोरिया के साथ चल रहे तनाव को कम करने और कूटनीतिक बातचीत के रास्ते खोलने के एक बड़े संकेत के तौर पर देखा गया था।
उत्तर कोरिया का पुराना विरोध
जब अमेरिका और दक्षिण कोरिया ने अपने सैन्य अभ्यास के दायरे में बदलाव किया था, तब यह सवाल भी खड़े हुए थे कि क्या इस बार तीनों देश मिलकर जापान के साथ अपनी त्रिपक्षीय ड्रिल करेंगे या नहीं। हालांकि अमेरिकी पैसिफिक कमांड ने साफ किया था कि सभी देश ‘फ्रीडम एज’ अभ्यास की तैयारियों के लिए लगातार आपसी बातचीत और समन्वय कर रहे हैं। दूसरी तरफ प्योंगयांग यानी उत्तर कोरिया हमेशा से इन सैन्य अभ्यासों का कड़ा विरोध करता आया है। उत्तर कोरिया इन सभी ड्रिल्स को किसी बड़े हमले की पहले से तैयारी बताता है और सहयोगी देशों के उस दावे को सिरे से खारिज करता है जिसमें इसे रक्षात्मक बताया जाता है।
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने पेंटागन को निर्देश दिए थे कि यूएफएस अभ्यास में बदलाव किए जाएं ताकि उत्तर कोरिया को किसी भी तरह का अनुचित और शत्रुतापूर्ण संदेश न जाए। ट्रंप ने उत्तर कोरियाई नेता किम जोंग-उन के साथ एक बार फिर से बातचीत शुरू करने की इच्छा जताई थी। हालांकि आगामी ‘फ्रीडम एज’ अभ्यास में अमेरिका की तरफ से कौन-कौन से बड़े सैन्य संसाधन और प्लेटफॉर्म शामिल किए जाएंगे, इसकी पूरी सूची अभी तक सामने नहीं आई है। पिछले साल हुए अभ्यास में अमेरिकी एयरक्राफ्ट कैरियर शामिल नहीं हुआ था, जिसके पीछे मध्य पूर्व में अमेरिकी नौसेना की तैनाती को मुख्य वजह माना गया था।
बता दें कि इस ‘फ्रीडम एज’ अभ्यास की शुरुआत अगस्त 2023 में अमेरिका, दक्षिण कोरिया और जापान के शीर्ष नेताओं के बीच कैंप डेविड में हुए ऐतिहासिक शिखर सम्मेलन के बाद हुई थी। इसका उद्देश्य तीनों देशों के बीच सुरक्षा के रिश्तों को और अधिक मजबूत और नियमित बनाना है। अब तक इस श्रृंखला के तहत तीन बार अभ्यास जून 2024, नवंबर 2024 और पिछले साल सितंबर में आयोजित किए जा चुके हैं। इस नए अभ्यास के जरिए एक बार फिर से तीनों देश अपनी रक्षात्मक तैयारियों को पुख्ता करने में जुटे हैं।