SpiceJet News: दिल्ली एयरपोर्ट पर स्पाइसजेट यात्रियों का हंगामा, दुबई जाने वाली फ्लाइट्स 29 घंटे तक लेट.

नई दिल्ली के इंदिरा गांधी अंतर्राष्ट्रीय हवाई अड्डे के टर्मिनल 3 पर उस समय अफरातफरी मच गई जब लगभग 200 यात्रियों ने दुबई जाने वाली उड़ानों में भारी देरी के खिलाफ जोरदार प्रदर्शन किया। यह घटना सोमवार, 14 सितंबर 2026 और मंगलवार, 15 सितंबर 2026 के बीच की है, जहां यात्रियों को अपनी यात्रा को लेकर भारी परेशानियों का सामना करना पड़ा। इस पूरी गड़बड़ी के कारण दुबई जाने वाली फ्लाइट्स SG 5111 और SG 5105 पर सबसे ज्यादा असर पड़ा, जो निर्धारित समय से 16 से 29 घंटे तक देरी से चल रही थीं। फ्लाइट SG 5111, जिसे सोमवार की सुबह रवाना होना था, उसे पूरी तरह से रद्द कर दिया गया, जबकि सोमवार रात को जाने वाली फ्लाइट SG 5105 भी बहुत ज्यादा लेट हो गई।
यात्रियों का गुस्सा और एयरपोर्ट पर विरोध प्रदर्शन
फ्लाइट्स के समय पर न मिलने और एयरलाइन की तरफ से सही जानकारी न मिलने के कारण यात्रियों का गुस्सा फूट पड़ा। एयरपोर्ट पर फंसे परेशान यात्रियों ने फर्श पर बैठकर और नारे लगाकर अपना विरोध दर्ज कराया। यात्रियों ने 'SpiceJet Chor Hai' के नारे लगाए और एयरलाइन से तुरंत खाने, रहने की व्यवस्था करने और यात्रा की स्थिति स्पष्ट करने की मांग की। जो लोग नौकरी, बिजनेस या छुट्टी मनाने के लिए दुबई जाने वाले थे, वे घंटों एयरपोर्ट पर ही फंसे रहे और एयरलाइन के कर्मचारियों से उलझते नजर आए।
एयरलाइन की सफाई और यात्रियों के अधिकार
इस पूरे मामले पर सफाई देते हुए स्पाइसजेट के प्रवक्ता ने बताया कि एक विमान के अचानक ग्राउंड होने के बाद ऑपरेशनल कारणों की वजह से उड़ानों में यह देरी हुई है। एयरलाइन ने इस असुविधा के लिए गहरा दुख जताया है और कहा है कि प्रभावित यात्रियों के लिए वैकल्पिक उड़ानों की व्यवस्था की जा रही है। स्पाइसजेट की पैसेंजर एन्टे टाइटलमेंट पॉलिसी के नियमों के मुताबिक, अगर फ्लाइट दो घंटे तक लेट होती है तो यात्रियों को पीने का पानी, दो से चार घंटे की देरी पर चाय, कॉफी और हल्के स्नैक्स, और चार घंटे से ज्यादा की देरी होने पर पूरा खाना देने का नियम है। इसके अलावा, अगर उड़ान 120 मिनट या उससे अधिक समय के लिए टलती या रद्द होती है, तो यात्रियों को दूसरी फ्लाइट या पूरा रिफंड और साथ में मुआवजा मिलने का प्रावधान है। शॉर्ट-हौल उड़ानों के लिए यह मुआवजा अधिकतम INR 5,000 या वन-वे बेसिक किराया और ईंधन चार्ज, जो भी कम हो, तय किया गया है।
सरकार की पैनी नजर और एयरलाइन की मुश्किलें
यह पूरा मामला ऐसे समय में सामने आया है जब देश का नागरिक उड्डयन मंत्रालय और नागरिक उड्डयन महानिदेशालय (DGCA) लगातार स्पाइसजेट की वित्तीय और ऑपरेशनल स्थिति पर कड़ी नजर बनाए हुए हैं। हाल ही में केंद्रीय नागरिक उड्डयन मंत्री के राममोहन नायडू ने भी इस बात की पुष्टि की थी कि मंत्रालय एयरलाइन के कामकाज पर पूरी निगरानी रख रहा है। यात्रियों के लिए यह दिक्कतें कोई नई बात नहीं हैं, क्योंकि इससे पहले भी पुणे से दुबई जाने वाली फ्लाइट में 20 घंटे की देरी और दिल्ली से गोरखपुर जाने वाली फ्लाइट में एयर-कंडीशनर खराब होने जैसी कई घटनाएं सामने आ चुकी हैं, जिससे यात्रियों की परेशानी लगातार बढ़ रही है।