Pune से Dubai जाने वाली SpiceJet की फ्लाइट 11 घंटे हुई लेट, यात्रियों को हुई भारी परेशानी.

Nura Basta4 September 20262 min read37 viewsUAE
Pune से Dubai जाने वाली SpiceJet की फ्लाइट 11 घंटे हुई लेट, यात्रियों को हुई भारी परेशानी.

पुणे से दुबई जाने वाले यात्रियों को उस समय भारी परेशानी का सामना करना पड़ा जब उनकी स्पाइसजेट की फ्लाइट पूरे 11 घंटे की देरी से उड़ी। यूएई में नौकरी और बिजनेस के सिलसिले में लौटने वाले लोग इस अचानक हुई देरी की वजह से काफी ज्यादा परेशान दिखे। एयरलाइन कंपनी की तरफ से दी गई जानकारी के मुताबिक, यह हटने वाली फ्लाइट मूल रूप से बुधवार, 2 सितंबर 2026 को रात 9:00 बजे पुणे से रवाना होने वाली थी, जिसे बदलकर अगली सुबह यानी 3 सितंबर को सुबह 8:00 बजे कर दिया गया।

एयर ट्रैफिक कंजेशन की वजह से बदला शेड्यूल

स्पाइसजेट ने बताया कि इस उड़ान में देरी की मुख्य वजह दुबई और रास्ते में भारी एयर ट्रैफिक कंट्रोल यानी एटीसी कंजेशन थी। एयर ट्रैफिक ज्यादा होने के कारण डिपार्चर स्लॉट मिलने में दिक्कत आ रही थी, जिसकी वजह से दुबई एयरपोर्ट के अधिकारियों को फ्लाइट्स की सीक्वेंसिंग करनी पड़ी। एयरलाइन ने साफ किया कि यात्रियों को बदले हुए समय की जानकारी 2 सितंबर को दोपहर 2:15 बजे ही दे दी गई थी, जो कि उड़ान के तय समय से लगभग सात घंटे पहले थी। इस लंबी देरी की वजह से कई प्रोफेशनल्स की मीटिंग छूट गईं और उन्हें अपने ऑफिस या ड्यूटी रोस्टर में रिपोर्ट करने को लेकर भी चिंता सताने लगी.

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प्रवासियों और कामगारों को उठानी पड़ी मुश्किलें

दुबई में काम करने वाले एक कंस्ट्रक्शन वर्कर ने टाइम्स ऑफ इंडिया को बताया कि इस लंबी देरी के कारण उनके लिए अपने काम और नियोक्ता के साथ स्थिति संभालना मुश्किल हो गया। वहीं, कुछ अन्य यात्रियों ने अपनी जरूरी बिजनेस मीटिंग को अटेंड करने के लिए मुंबई के रास्ते दूसरी फ्लाइट का टिकट बुक किया ताकि वे समय पर दुबई पहुंच सकें। स्पाइसजेट का कहना है कि यह पूरी स्थिति एयरलाइन के नियंत्रण से बाहर थी क्योंकि एटीसी के नियमों और फ्लाइट सीक्वेंसिंग को प्राथमिकता देना जरूरी होता है। गौर करने वाली बात है कि इसी रूट पर पिछले महीने यानी 26 अगस्त को भी चार घंटे की देरी दर्ज की गई थी और जुलाई के आखिर से लगातार ऐसी खबरें आ रही हैं.

नागरिक उड्डयन मंत्रालय के नियम और यात्रियों की सलाह

भारत के नागरिक उड्डयन मंत्रालय के पैसेंजर चार्टर के नियमों के मुताबिक, अगर फ्लाइट में ऐसी दिक्कतें आती हैं तो यात्रियों को स्थिति के हिसाब से खाना, रिफ्रेशमेंट या होटल में रुकने की सुविधा दी जा सकती है। हालांकि, एटीसी कंजेशन जैसे कारणों से होने वाली देरी में सीधे तौर पर कैश मुआवजा मिलना तय नहीं होता है। जानकारों का कहना है कि ऐसे समय में यात्रियों को एयरलाइन की तरफ से मिले मैसेज संभालकर रखने चाहिए, अपने खर्चों का रिकॉर्ड रखना चाहिए और एचआर या कंपनी को समय पर सही जानकारी देनी चाहिए। इसके अलावा, किसी भी दूसरी फ्लाइट का टिकट बुक करने से पहले रिफंड और रीबुकिंग के नियमों को अच्छे से जांच लेना समझदारी होती है।

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