Strait of Hormuz: हॉर्मुज जलडमरूमध्य से पिछले 48 घंटों में गुज़रे 59 जहाज़, सुरक्षा हालात अभी भी बेहद तनावपूर्ण.

फारस की खाड़ी के पास स्थित समुद्री इलाके में तनाव का माहौल अभी भी बना हुआ है और इसी बीच एक बड़ी जानकारी सामने आई है। यूनाइटेड किंगडम मैरीटाइम ट्रेड ऑपरेशंस यानी UKMTO ने अपनी रिपोर्ट में बताया है कि पिछले 48 घंटों के दौरान कुल 59 जहाज़ों ने हॉर्मुज जलडमरूमध्य को पार किया है। यह जानकारी 6 सितंबर 2026 को सामने आई है और यह उस समय आई है जब इस समुद्री मार्ग पर सुरक्षा की स्थिति बहुत ज़्यादा नाज़ुक बनी हुई है। फरवरी महीने की 28 तारीख से ज़्यादातर कमर्शियल शिपिंग के लिए यह रास्ता बंद कर दिया गया था और अब इस बात को कुल 189 दिन बीत चुके हैं।
समुद्री आवाजाही और बीमा खर्च पर असर
युद्ध जैसे हालात और जोखिम के कारण बीमा का खर्च यानी वॉर-रिस्क इंश्योरेंस बहुत ज़्यादा बढ़ गया है। इस वजह से कमर्शियल ट्रैफिक में लगातार उतार-चढ़ाव देखा जा रहा है। संकट शुरू होने से पहले इस रास्ते से हर रोज़ औसतन करीब 85 जहाज़ गुज़रते थे, लेकिन अब स्थिति पूरी तरह बदल चुकी है। क्षेत्रीय समुद्री गतिविधियों को लेकर अलग-अलग रिपोर्ट्स में अलग आंकड़े सामने आ रहे हैं। हाल ही में स्वतंत्र ट्रैकिंग के दौरान सिंगल-डिजिट में जहाजों के गुजरने की बात सामने आई थी, जबकि अमेरिकी एजेंसी NCAGS के आंकड़ों के अनुसार पिछले हफ्ते हर रोज़ औसतन 20 से ज़्यादा जहाज़ यहां से निकले थे। इसके अलावा, लॉयड्स लिस्ट इंटेलिजेंस के रिकॉर्ड के मुताबिक पिछले हफ्ते 102 जहाज़ और उससे पिछले हफ्ते 126 जहाज़ इस रूट से होकर गए थे।
विवादित आंकड़े और हमले की घटनाएं
महीने की शुरुआत यानी 1 सितंबर को अमेरिकी अधिकारियों ने बताया था कि लगभग 40 जहाज़ों ने इस क्षेत्र को पार किया था। इसके अलावा 31 अगस्त को 17 मिलियन बैरल से ज़्यादा तेल का परिवहन किया गया था, जो इस संघर्ष के शुरू होने के बाद से एक दिन में सबसे ज़्यादा मात्रा है। हालांकि, संयुक्त समुद्री सूचना केंद्र यानी जॉइंट मैरीटाइम इंफॉर्मेशन सेंटर ने इस पूरे क्षेत्र में SEVERE यानी गंभीर खतरे का स्तर घोषित किया हुआ है। 6 सितंबर 2026 को UKMTO ने यह भी जानकारी दी कि उत्तरी अरब सागर और ओमान की खाड़ी में कई मर्चेंट जहाजों को निशाना बनाया गया और उन पर डिसेबलिंग फायर यानी जहाजों को रोकने वाली गोलीबारी की गई। हालांकि एजेंसी अभी तक किसी भी प्रकार के जानमाल के नुकसान या पर्यावरणीय क्षति की पुष्टि नहीं कर पाई है।
ईरान और अमेरिका के बीच बढ़ता तनाव
इसी दौरान ईरान ने यह दावा किया कि उसने अमेरिका के एक मानवरहित यानी अनमैनेड पोत को निशाना बनाया है, जिसे अमेरिकी सेना ने पूरी तरह से खारिज करते हुए झूठा करार दिया है। इससे एक दिन पहले यानी 5 सितंबर 2026 को ईरान के Revolutionary Guards Navy ने दावा किया था कि उन्होंने हॉर्मुज जलडमरूमध्य में तीन ऐसे तेल टैंकरों पर हमला किया जो बिना अनुमति के रास्तों का इस्तेमाल कर रहे थे। इसके साथ ही तीन अन्य अमरीकी जहाजों को भी निशाना बनाने का दावा किया गया था। अमेरिकी सेंट्रल कमांड यानी USCENTCOM ने पुष्टि की थी कि उसने 1 सितंबर को ईरान के एयर डिफेंस सिस्टम, रडार, समुद्री संपत्तियों, माइन-लेइंग क्षमताओं और संचार साइटों पर हमले किए थे। ईरान लगातार यह कह रहा है कि इस जलडमरूमध्य पर उसका पूरा नियंत्रण है और चेतावनी दी है कि किसी भी संदिग्ध गतिविधि या बिना अनुमति के जहाजों के निकलने पर उन्हें निशाना बनाया जाएगा। ईरान ने यह भी चेतावनी दी है कि अगर अमेरिका अपना नौसैनिक नाकाबंदी जैसा रवैया नहीं छोड़ता है तो अमेरिकी नौसेना के खिलाफ हमलों को और ज़्यादा तेज़ कर दिया जाएगा।