Strait of Hormuz में बारूदी सुरंगों को हटाने पर अमेरिका और ईरान आमने-सामने, जहाजों की आवाजाही पर मंडरा रहा है खतरा.

फारस की खाड़ी और अंतरराष्ट्रीय जलमार्गों में सुरक्षा को लेकर तनाव लगातार बढ़ता जा रहा है। अमेरिका और ईरान के बीच होर्मुज जलडमरूमध्य यानी Strait of Hormuz से बारूदी सुरंगों को हटाने के दावे को लेकर स्थिति काफी उलझी हुई है। अमेरिकी राष्ट्रपति Donald Trump ने 25 अगस्त से 27 अगस्त 2026 के बीच यह घोषणा की थी कि अमेरिकी नौसेना ने इस जलडमरूमध्य से सभी समुद्री सुरंगों को सफलतापूर्वक हटा दिया है। उन्होंने यह भी चेतावनी दी थी कि अगर कोई भी जहाज दोबारा सुरंग बिछाने की कोशिश करेगा, तो उसे तुरंत और पूरी तरह से नष्ट कर दिया जाएगा।
सेंटकॉम का बयान और जहाजों की आवाजाही
अमेरिकी सेंट्रल कमांड यानी CENTCOM के कमांडर एडमिरल Brad Cooper ने 27 अगस्त 2026 को एक वीडियो जारी कर इस बात की पुष्टि की थी। उन्होंने बताया कि नौसेना के गोताखोरों, नेवी सील्स और अमेरिकी वायु सेना की मदद से अंतरराष्ट्रीय शिपिंग लेन से ईरानी रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स द्वारा बिछाई गई समुद्री बारूदी सुरंगों को साफ कर दिया गया है। CENTCOM की रिपोर्ट के मुताबिक इस अभियान की वजह से करीब 1,500 जहाजों की आवाजाही आसान हुई है, जो लगभग 750 मिलियन बैरल कच्चा तेल लेकर जा रहे थे। इस पूरे घटनाक्रम की विस्तृत जानकारी आधिकारिक OFAC Treasury Report में भी दी गई है।
अंतर्राष्ट्रीय समुद्री संगठन की चेतावनी
एक तरफ जहां अमेरिका रास्ता साफ करने का दावा कर रहा है, वहीं अंतरराष्ट्रीय संगठन कुछ और ही तस्वीर पेश कर रहे हैं। अंतरराष्ट्रीय समुद्री संगठन यानी IMO ने 26 और 28 अगस्त 2026 को लगातार चेतावनी जारी करते हुए जहाजों से पूरी सावधानी बरतने को कहा है। IMO के महासचिव Arsenio Dominguez ने 28 अगस्त को बताया कि लगभग 6,000 नाविक और 400 जहाज अभी भी फारस की खाड़ी से सुरक्षित रूप से बाहर निकलने में असमर्थ हैं। इस बारे में अधिक जानकारी Uniindia News Report में भी साझा की गई है। इसके अलावा, ज्वॉइंट मैरीटाइम इंफॉर्मेशन सेंटर यानी JMIC ने 27 अगस्त को गंभीर खतरा यानी SEVERE का अलर्ट जारी रखा है, क्योंकि पानी में अभी भी भटकती हुई या बिना नक्शे वाली सुरंगों के होने का खतरा बना हुआ है और सफाई का काम अभी भी चल रहा है।
ईरान का कड़ा रुख और जमीनी हकीकत
दूसरी तरफ ईरानी अधिकारियों ने अमेरिका के इन दावों को सिरे से खारिज कर दिया है। ईरान के उप विदेश मंत्री Kazem Gharibabadi ने 25 अगस्त 2026 को बयान दिया था कि केवल ईरान को ही यह पता है कि ये सुरंगें कहां-कहां बिछाई गई हैं। इसके अलावा ईरान की राष्ट्रीय सुरक्षा परिषद के सचिव Mohsen Rezaei ने साफ कहा कि इस रास्ते को दोबारा पूरी तरह खोलने की बात तभी सोची जाएगी जब क्षेत्रीय युद्ध बंद होगा और अमेरिका द्वारा लगाए गए प्रतिबंध हटाए जाएंगे। समुद्री खतरों का अंदाजा इस बात से लगाया जा सकता है कि यूके मैरीटाइम ट्रेड ऑपरेशंस यानी UKMTO ने ओमान के खासब के पास 25 अगस्त को हुई एक घटना को लेकर चेतावनी जारी की थी। साथ ही कुवैत का एक तेल टैंकर जिसका नाम AL SALAM II है, वह भी 26 अगस्त को हमले की चपेट में आ गया था। हालांकि कतर के प्रधानमंत्री ने स्थिति को सुधारने के लिए तेहरान का दौरा किया है, लेकिन इसके बावजूद इस इलाके में सामान्य व्यावसायिक जहाजों की आवाजाही अभी भी युद्ध से पहले के स्तर से काफी नीचे बनी हुई है और नाविकों के सामने मुश्किलें खड़ी हैं।