Strait of Hormuz Tension: ओमान की खाड़ी में ईरान और अमेरिका भिड़े, तेल की कीमतें 100 डॉलर के पार पहुंची

फारस की खाड़ी में अमेरिका और ईरान के बीच तनाव बढ़ने की वजह से दुनिया भर में तेल के दाम आसमान छू रहे हैं। Thursday, September 10, 2026 को तेल की कीमतें $100 प्रति बैरल से ऊपर बनी हुई हैं, जिससे आम आदमी की जेब पर असर पड़ना तय माना जा रहा है। इस माहौल का असर गल्फ देशों में काम करने वाले प्रवासियों और भारत से आने-जाने वाले लोगों पर भी अप्रत्यक्ष रूप से देखने को मिल रहा है।
ईरान का कड़ा रुख और जहाजों पर कार्रवाई
Wednesday को ईरान के इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्क्स यानी IRGC ने दावा किया कि उसने एक दर्जन से ज्यादा जहाजों पर हमला किया है। इसमें 8 तेल टैंकर और 2 अमेरिकी जहाज शामिल बताए जा रहे हैं। ईरान का कहना था कि ये जहाज स्ट्रेट ऑफ हॉर्मुज के प्रतिबंधित क्षेत्र को पार करने की कोशिश कर रहे थे। IRGC के प्रवक्ता Hossein Mohebi ने साफ किया कि इस पाबंदी वाले इलाके को ओमान की खाड़ी और अरब सागर तक बढ़ा दिया गया है। बिना अनुमति के आने वाले जहाजों पर जुर्माना लगाने या उन्हें जब्त करने की चेतावनी भी दी गई है.
अमेरिका और जॉर्डन का आधिकारिक बयान
दूसरी तरफ, अमेरिका के सेंट्रल कमांड यानी CENTCOM ने इन दावों को खारिज करते हुए कहा कि अमेरिकी संपत्तियों पर किए गए सभी हमले नाकाम कर दिए गए और किसी भी अमेरिकी नौसेना के युद्धपोत को नुकसान नहीं पहुंचा। तनाव तब और बढ़ गया जब ईरान ने जॉर्डन में स्थित अमेरिकी ठिकानों पर बैलिस्टिक मिसाइलें दाग दीं। जॉर्डन की सेना के मुताबिक, कुल 18 मिसाइलों को हवा में ही रोक लिया गया, जबकि दो मिसाइलें खाली इलाकों में गिरीं। इसके अलावा, इराकी पानी में 20 लाख बैरल ईंधन ले जा रहे एक तेल टैंकर पर ड्रोन से हमला हुआ, हालांकि गनीमत यह रही कि इस घटना में कोई हताहत नहीं हुआ और न ही तेल लीक हुआ। ईरान ने अपनी कार्रवाई में एक नाविक की मौत और एक के लापता होने की पुष्टि की है.
अमेरिका और राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की प्रतिक्रिया
यह पूरा विवाद फरवरी 2026 में शुरू हुआ संघर्ष का एक बड़ा हिस्सा है। इससे पहले September 8 को अमेरिकी सेना ने अमेरिकी युद्धपोत पर लगातार हो रहे हमलों के जवाब में 5 ईरानी तेल टैंकरों को नष्ट कर दिया था। इस पूरे मामले पर अमेरिकी राष्ट्रपति Donald Trump ने बयान देते हुए कहा कि अमेरिका इस लड़ाई में जीत रहा है। उन्होंने मजाकिया या तंज भरे लहजे में स्ट्रेट ऑफ हॉर्मुज का नाम बदलकर 'Trump Strait' करने का सुझाव भी दिया। वहीं, अमेरिकी विदेश मंत्री Marco Rubio ने साफ शब्दों में कहा कि अमेरिका अपने युद्धपोतों पर हमलों का बदला लेने के लिए आगे भी ईरानी तेल टैंकरों को निशाना बनाता रहेगा.
कूटनीतिक कोशिशें और अंतरराष्ट्रीय दबाव
इस पूरे घटनाक्रम के बीच क्षेत्र में शांति बहाल करने के लिए कूटनीतिक प्रयास भी जारी हैं। ओमान के विदेश मंत्री Sayyid Badr bin Hamad al Busaidi ने संयुक्त राष्ट्र के महासचिव António Guterres के साथ मिलकर तनाव कम करने के उपायों पर लंबी चर्चा की। हालांकि, ईरान पर अंतरराष्ट्रीय दबाव लगातार बढ़ता जा रहा है। इंटरनेशनल एटॉमिक एनर्जी एजेंसी यानी IAEA ने नियमों का पालन न करने के कारण ईरान को संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद के पास भेज दिया है। इंस्टीट्यूट फॉर द स्टडी ऑफ वॉर यानी ISW का कहना है कि ईरान द्वारा क्लस्टर म्यूनिशन बैलिस्टिक मिसाइलों का इस्तेमाल इस बात का संकेत है कि इस समुद्री नाकाबंदी में अब रणनीतिक बदलाव आ रहा है.