Strait of Hormuz में तेल टैंकर के इंजन रूम में हुआ जोरदार धमाका, ईरान ने जलमार्ग को जहाजों के लिए किया बंद

Strait of Hormuz में तेल टैंकरों पर हमले के बाद ईरान ने जलमार्ग बंद करने का ऐलान किया है, जबकि अमेरिका ने इसे नकारा है।

Gautam Sahu18 October 20262 min read7 viewsWorld
Strait of Hormuz में तेल टैंकर के इंजन रूम में हुआ जोरदार धमाका, ईरान ने जलमार्ग को जहाजों के लिए किया बंद

हॉर्मुज जलडमरूमध्य: Strait of Hormuz के दक्षिण में एक तेल टैंकर के इंजन रूम में धमाका और आग लगने की घटना सामने आई है। IRNA न्यूज एजेंसी ने इस घटना का वीडियो जारी किया है। यह हादसा शनिवार, 17 अक्टूबर 2026 को हुआ, जिसमें दो टैंकरों के कथित तौर पर समुद्री बारूदी सुरंगों (नेवल माइन्स) से टकराने की बात कही गई है।

इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (IRGC) के मुताबिक, इन जहाजों ने अपने पोजिशनिंग और रडार सिस्टम बंद कर रखे थे और वे अनधिकृत रास्तों से निकलने की कोशिश कर रहे थे। IRGC ने दावा किया है कि एक टैंकर को अमेरिका से मदद मिल रही थी। इस घटना के बाद IRGC ने विभिन्न देशों के जहाजों के लिए जलमार्ग को बंद घोषित कर दिया है।

IRGC के नौसेना कमांडर रियर एडमिरल अली अजमाई ने पहले ही चेतावनी दी थी कि नेविगेशन सिस्टम बंद करने वाले जहाजों को दुश्मन माना जाएगा। इससे पहले 14 अक्टूबर को भी एक कंटेनर जहाज संदिग्ध माइन्स की चपेट में आकर डूब गया था। ईरान 28 फरवरी 2026 से इस जलमार्ग पर कड़ा नियंत्रण रखे हुए है, जब अमेरिका, इजरायल और ईरान के बीच संघर्ष शुरू हुआ था।

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दूसरी ओर, अमेरिकी सेंट्रल कमांड के चीफ ब्रैड कूपर ने ईरानी दावों को खारिज कर दिया है। उन्होंने 17 अक्टूबर को कहा कि जलमार्ग अभी भी अमेरिका और उसके क्षेत्रीय साझेदारों के नियंत्रण में है। कूपर के मुताबिक, रास्ते से माइन्स हटा दिए गए हैं और जहाजों पर प्रोजेक्टाइल्स (मिसाइल या गोले) से हमला किया जा रहा है। उन्होंने बताया कि पिछले एक हफ्ते में 400 जहाजों और 10 करोड़ बैरल तेल ने इस इलाके को पार किया है।

ईरानी विदेश मंत्री सैयद अब्बास अराघची ने कहा कि ईरान सुरक्षित नेविगेशन के लिए प्रतिबद्ध है, लेकिन दबाव में अपने संप्रभु अधिकारों को नहीं छोड़ेगा और बातचीत के लिए तैयार है। वहीं, गल्फ कोऑपरेशन काउंसिल (GCC) के महासचिव जासेम मोहम्मद अलबुदईवी ने इन बाधाओं की निंदा की है। उन्होंने इसे अंतरराष्ट्रीय नियमों का उल्लंघन और वैश्विक ऊर्जा व खाद्य सुरक्षा के लिए खतरा बताया है।

अलबुदईवी ने मांग की है कि समुद्री यातायात को 28 फरवरी से पहले की स्थिति में लाया जाए और संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद के प्रस्ताव 2817 (2026) को लागू किया जाए। यह पूरा विवाद ईरान के तेल निर्यात पर अमेरिका के नेतृत्व में लगाए गए नौसैनिक काउंटर-ब्लॉकड के कारण बढ़ रहा है।

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