Strait of Hormuz में फिर बढ़ा तेल का कारोबार, अमेरिका के बड़े दावे से गरमाई राजनीति.

Nura Basta3 September 20263 min read39 viewsWorld
Strait of Hormuz में फिर बढ़ा तेल का कारोबार, अमेरिका के बड़े दावे से गरमाई राजनीति.

होरमुज जलडमरूमध्य यानी Strait of Hormuz से गुजरने वाले तेल के व्यापार को लेकर एक बड़ा और चौंकाने वाला बयान सामने आया है। अमेरिका के उपराष्ट्रपति JD Vance ने हाल ही में यह जानकारी दी है कि इस समुद्री रास्ते से तेल का बहाव फिर से सामान्य दिनों की तरह होने लगा है। दुनिया भर की नजरें इस महत्वपूर्ण जलमार्ग पर टिकी हुई हैं क्योंकि यहां से गुजरने वाले तेल के जहाजों पर लंबे समय से तनाव के बादल मंडरा रहे थे। आम लोगों और नौकरीपेशा लोगों के लिए यह जानना जरूरी है कि इस रास्ते में होने वाले बदलाव सीधे तौर पर वैश्विक अर्थव्यवस्था और तेल की कीमतों को प्रभावित करते हैं।

तेल की आवाजाही पर अमेरिकी बयान और आंकड़े

अमेरिका के उपराष्ट्रपति JD Vance ने आधिकारिक तौर पर घोषणा की कि बीते 2 September 2026 को इस सामरिक जलमार्ग से लगभग 15 million barrels तेल गुजरा है। उन्होंने यह भी दावा किया कि इस रास्ते पर तेल का प्रवाह उस स्तर पर पहुंच गया है जो मौजूदा संघर्ष शुरू होने से पहले देखा जाता था। उनके अनुसार इस क्षेत्र पर ईरान का नियंत्रण अब काफी हद तक कम हो गया है। अमेरिकी प्रशासन का यह भी साफ कहना है कि जब तक तेहरान सरकार कमर्शियल जहाजों पर हमले बंद नहीं करती, तब तक किसी भी तरह की कूटनीतिक बातचीत शुरू नहीं की जाएगी।

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इससे पहले अमेरिका के ऊर्जा सचिव Chris Wright ने पुष्टि की थी कि 31 August 2026 को इस जलमार्ग से रिकॉर्ड 17 million barrels तेल निकला था। इसके अलावा अमेरिकी अधिकारियों ने बताया कि 1 September 2026 को उनकी सेना ने करीब 40 commercial vessels को सुरक्षित रास्ता दिया, जिसमें लगभग 18 million barrels कच्चा तेल लदा हुआ था। इसे युद्धकाल के दौरान कच्चे तेल की आवाजाही का सबसे बड़ा पीक माना गया।

डेटा में अंतर और अलग-अलग दावे

विभिन्न एजेंसियों द्वारा जारी किए गए आंकड़ों में काफी अंतर देखने को मिल रहा है। जहां एक तरफ अमेरिकी उपराष्ट्रपति ने 2 September को 15 million barrels तेल गुजरने की बात कही, वहीं शिपिंग डेटा देने वाली कंपनी Kpler के मुताबिक उस दिन केवल छह जहाज ही इस रास्ते से गुजरे थे। इसके विपरीत समुद्री सुरक्षा फर्म Windward की रिपोर्ट बताती है कि 2 September या 3 September को कुल नौ जहाज इस स्ट्रेट से पार हुए थे। समाचार एजेंसी News Radio 1200 WOAI ने 3 September को अपनी रिपोर्ट में बताया कि रोजाना लगभग 9 million barrels तेल इस रास्ते से आ-जा रहा है, जिसमें डार्क ट्रांजिट यानी ऐसे जहाज भी शामिल हैं जो अपने ट्रांसपोंडर बंद करके निकलते हैं।

क्षेत्रीय तनाव और नई घटनाएं

इस पूरे इलाके में तनाव अभी भी पूरी तरह से खत्म नहीं हुआ है। Institute for the Study of War की रिपोर्ट्स के अनुसार अमेरिकी सैन्य हमलों ने ईरान की निगरानी और बारूदी सुरंग बिछाने की ताकतों को कमजोर कर दिया है। हालांकि इसके बावजूद ईरानी अधिकारी Ebrahim Zolfaghari ने 2 September या 3 September को दावा किया कि नई नौसेना कीमाइंस तैनात कर दी गई हैं। इसी बीच 3 September को सऊदी अरब के विदेश मंत्रालय ने ईरान पर एक बड़ा आरोप लगाया। सऊदी मंत्रालय ने कहा कि ईरान ने उनके एक ऑयल टैंकर पर हमला किया है, जिसमें दो फिलिपीनी नाविकों की मौत हो गई। इन तमाम घटनाओं के बीच ईरान ने कुछ और जहाजों को अपनी प्रतिबंधित सूची में डाल दिया है और चेतावनी दी है कि इस जलमार्ग से गुजरने वाले जहाजों पर जुर्माना लगाया जा सकता है या उन्हें हिरासत में लिया जा सकता है।

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