Strait of Hormuz: अमेरिकी राष्ट्रपति का दावा Hormuz में सब ठीक, लेकिन ग्राउंड पर हालात और व्यापार पर मंडराया बड़ा खतरा

खाड़ी देशों में बढ़ते तनाव के बीच अमेरिकी राष्ट्रपति Donald Trump ने 31 August 2026 को बड़ा बयान दिया है। उन्होंने दावा किया है कि हॉर्मुज जलडमरूमध्य यानी Strait of Hormuz की स्थिति बेहद सुरक्षित और अच्छी है। राष्ट्रपति के अनुसार इस क्षेत्र से बड़ी मात्रा में तेल बाहर निकल रहा है और अमेरिकी नौसेना की मदद से रोजाना औसतन 30 जहाज इस रास्ते से गुजर रहे हैं। इस बयान ने उन तमाम चिंताओं को कम करने की कोशिश की है जो पिछले कुछ महीनों से चल रहे सैन्य संघर्ष के कारण पैदा हुई थीं। लेकिन दूसरी तरफ हकीकत कुछ और ही बयां कर रही है, जिसे जानना हर आम नागरिक और व्यापार से जुड़े लोगों के लिए बहुत जरूरी है।
व्यापार और तेल सप्लाई पर भारी असर
स्वतंत्र ट्रैकिंग एजेंसियों की रिपोर्ट के मुताबिक अमेरिकी राष्ट्रपति के दावों के उलट कमर्शियल जहाजों की आवाजाही पर बहुत बुरा असर पड़ा है। पिछले हफ्ते इस रास्ते से गुजरने वाले जहाजों की संख्या गिरकर रोजाना सिर्फ 24 रह गई है, जबकि संघर्ष शुरू होने से पहले यह आंकड़ा 130 जहाजों प्रतिदिन का था। इसके अलावा कच्चे तेल यानी क्रूड ऑयल का निर्यात भी तेजी से घटा है। सीजफायर के दौरान जहां रोजाना 9.8 मिलियन बैरल तेल निकलता था, वह अब घटकर मात्र 3.8 मिलियन बैरल प्रति दिन पर आ गया है। इस वजह से तेल की कीमतों में भी प्रति बैरल $1 से ज्यादा की बढ़ोतरी दर्ज की गई है, क्योंकि यह पूरा क्षेत्रीय विवाद अब अपने छठे महीने में प्रवेश कर चुका है।
सैन्य कार्रवाई और मिसाइल हमलों का दौर
यह पूरा मामला पिछले कुछ दिनों में हुई आक्रामक सैन्य घटनाओं के बाद गर्माया है। 30 August को अमेरिकी सेंट्रल कमांड यानी CENTCOM ने लार्स द्वीप पर ईरानी रॉकेट लॉन्चरों के खिलाफ एक सटीक और सीमित कार्रवाई की थी ताकि समुद्र में बारूदी सुरंगें यानी सी माइन्स बिछाए जाने से रोका जा सके। इसके जवाब में 31 August को इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स यानी IRGC ने जॉर्डन में स्थित दो अमेरिकी ठिकानों पर बैलिस्टिक मिसाइलें दाग दीं। जॉर्डन की सेना ने इनमें से 8 मिसाइलों को हवा में ही रोक लिया। इसके साथ ही संयुक्त अरब अमीरात यानी UAE में मौजूद अमेरिकी एयर बेस पर भी हमला किया गया। IRGC का दावा है कि अमेरिका की पहली स्ट्राइक में कुछ लोगों की जान गई है, हालांकि अमेरिकी अधिकारियों ने इस बात की पुष्टि नहीं की है।
ड्रोन हमला और फर्जी खबरों का खंडन
दूसरी तरफ ईरानी सरकारी मीडिया ने यह खबर चलाई थी कि एक ऑयल टैंकर दो नेवल माइन्स से टकराने के बाद आग की चपेट में आ गया। इस रिपोर्ट को CENTCOM ने सिरे से खारिज करते हुए इसे केवल अफवाह और डिसइन्फॉर्मेशन बताया है। अमेरिकी सेना ने साफ किया है कि Strait of Hormuz में किसी भी जहाज के बारूदी सुरंग से टकराने की कोई घटना नहीं हुई है। इसी बीच UAE ने भी आधिकारिक तौर पर पुष्टि की है कि उसने अपने हवाई क्षेत्र यानी टेरिटोरियल वॉटर्स के ऊपर एक ईरानी ड्रोन को सफलतापूर्वक मार गिराया है। इन लगातार घटनाओं की वजह से खाड़ी के आसमान में तनाव का माहौल बना हुआ है।
कानूनी शिकंजा और फीस वसूली को लेकर नया विवाद
समुद्री यात्राओं को लेकर कानूनी और नियम कायदों का दायरा भी लगातार सख्त होता जा रहा है। अमेरिका के OFAC यानी ऑफिस ऑफ फॉरेन एसेट्स कंट्रोल ने शिपिंग कंपनियों को सख्त चेतावनी दी है। अमेरिकी प्रशासन ने कहा है कि कोई भी कंपनी Strait of Hormuz में किसी भी ईरानी संस्था से सेवाएं न ले और न ही उन्हें किसी तरह की फीस का भुगतान करे, क्योंकि ऐसा करने पर भारी प्रतिबंधों का जोखिम उठाना पड़ सकता है। वहीं दूसरी ओर ईरान की संसद की नेशनल सिक्योरिटी एंड फॉरेन पॉलिसी कमेटी ने एक नए ड्राफ्ट कानून को मंजूरी दे दी है। इस कानून के तहत जहाजों से नेविगेशन, सुरक्षा और पर्यावरण से जुड़ी फीस वसूली जाएगी, जिसे ईरानी रियाल या अन्य तय की गई मुद्राओं में देना होगा। अमेरिका लगातार यह दलील दे रहा है कि उसकी सारी सैन्य कार्रवाई यूएन चार्टर के अनुच्छेद 51 के तहत एक अंतरराष्ट्रीय सशस्त्र संघर्ष के दौरान पूरी तरह वैध हैं।